Tag Archives: current science news

पार्कर सौर प्रोब

Parker solar probe

पार्कर सौर प्रोब पार्कर सौर प्रोब नासा द्वारा पहली बार सूर्य के अत्यंत करीब जाकर उसके अध्ययन हेतु प्रस्तावित अंतरिक्षयान है। प्रस्तावित तिथि पार्कर सौर प्रोब मिशन जुलाई-अगस्त, 2018 के मध्य नासा के फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से डेल्टा

क्यूआरएसएएम मिसाइल का सफल परीक्षण

Successful test of QRSAM missile

अप्रैल, 2016 में ‘भारत डायनामिक्स लिमिटेड’ (BDL)और ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’ (DRDO) के मध्य एक समझौते के तहत दोनों संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से स्वदेशी ‘त्वरित प्रतिक्रिया सतह से वायु मिसाइल’ (QRSAM : Quick Reaction Surface to Air Missile)

सी-17 ग्लोबमास्टर विमान के विक्रय की स्वीकृति

Sale of C 17 Globemaster Aircraft Accepted

वर्ष 2005 में ‘भारत-अमेरिका रक्षा संबंध हेतु नवीन रूपरेखा’ (New Framework for India-U.S. Defence Relations) समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही रक्षा संबंध भारत-अमेरिका सामरिक भागीदारी का प्रमुख स्तंभ के रूप में उभरा है। यह समझौता जून, 2015 में आगामी

विश्व का सबसे बड़ा वायुयान

World's largest aircraft

विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नए आविष्कारों ने लोगों की दैनिक जीवन शैली को आधुनिक और उन्नत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में विज्ञान के बढ़ते चहुंओर विकास के कारण मानव दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में अग्रसर

नई हाइड्रोकार्बन नीति

New hydrocarbon policy

पृष्ठभूमि वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और वर्ष 2015-16 में इसकी सकल घरेलू उत्पाद दर 7.6 प्रतिशत हो गई है। तीव्र गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में ऊर्जा की मांग बढ़ी है जिससे कच्चे

कांगो इबोला मुक्त घोषित

Congo ebola free declared

इबोला वायरस रोग (Ebola Virus Disease), जिसे पहले ‘इबोला रक्तस्रावी बुखार’ (Ebola Haemorrhagic Fever) कहा जाता था, एक घातक बीमारी है। इस बीमारी का कारण फाइलोवायरस परिवार (Filovirus Family) का सदस्य इबोला वायरस है। वर्ष 1976 में पहली बार कांगो

जीसैट-17 का सफल प्रक्षेपण

Successful launch of GSAT-17

इन्सैट/जीसैट प्रणाली देश की विकासात्मक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा अनुप्रयोग कार्यक्रमों (Application Programmes) का विकास करना ही ‘भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम’ का प्राथमिक उद्देश्य है। इस उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ (ISRO)

भारत-रूस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भागीदारी के 10 वर्ष

India - Russia 10 years of science and technology participation

पृष्ठभूमि भारत एवं रूस के मध्य दीर्घकालिक वैज्ञानिक संबंध रहा है। इस संबंध की शुरुआत वर्ष 1972 के भारत तथा सोवियत संघ (USSR) के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी समझौते से हुई थी। वर्ष 1987 के उच्चतम स्तर पर वैज्ञानिक सहयोग

सरस्वती सुपरक्लस्टर की खोज

Discovering the Saraswati Super Cluster

अधिकांश वैज्ञानिक यह मानते हैं कि प्रारंभिक ब्रह्मांड में ऊर्जा एवं पदार्थ का वितरण असमान था। घनत्व में आरंभिक भिन्नता के कारण गुरुत्वाकर्षण बलों में भिन्नता आई। इससे पदार्थ का एकत्रण हुआ, जिसने आकाशगंगाओं के विकास को आधार प्रदान किया।

राष्ट्रीय उन्नत अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी मिशन

National Advanced Ultra Supercritical Technology Mission

पृष्ठभूमि कोयला भारत में ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। देश का 66 प्रतिशत विद्युत उत्पादन कोयले पर निर्भर है। भारत का मौजूदा कोयला भंडार 286 बिलियन टन अनुमानित है जबकि प्रमाणित कोयला भंडार 114 बिलियन टन है। 31 मई, 2017

फ्लोटिंग डॉक ‘एफडीएन-2’ का जलावतरण

Floating dock FDN 2 launch

न्नौसेना का ‘फ्लोटिंग डॉक’ (Floating Dock) युद्धपोतों एवं पनडुब्बियों का नियमित रख-रखाव एवं मरम्मत करने वाला समुद्र में स्थित स्थान है। भारतीय नौसेना के युद्धपोतों का रख-रखाव एवं मरम्मत करने वाले अधिकांश डॉक स्थल आधारित है। यह पाया गया है

पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण, 2017

chitale committee report 2017

यूनाइटेड किंगडम (UK) स्थित वित्तीय सेवा वेबसाइट ‘मनी सुपर मार्केट’ (Money Super Market) ने ‘पर्यावरणीय प्रभाव सर्वेक्षण, 2017’ जारी किया है। यह सर्वेक्षण जलवायु पर पड़ने वाले प्रति व्यक्ति प्रभाव पर केंद्रित है। सर्वेक्षण में 102 देशों को रैंकिंग प्रदान

एचपीएमपी : एक कदम बेहतर पर्यावरण की ओर

One step towards better environment

भूमिका प्रकृति के प्रति मनुष्य का रवैया इस्तेमालवादी है। योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the Fittest) के तहत मानव ने एक प्रजाति के रूप में निरंतर ही अपने जीवन संघर्ष को कम किया है। इस प्रयास में आज विभिन्न पर्यावरणीय

आईएनएस कारवाड़ एवं काकीनाड़ा सेवामुक्त

INS Karwara and Kakinada Retired

दुश्मन द्वारा समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर बंदरगाहों को सुरक्षित रखने में ‘सुरंग-भेदी पोतों’ (Minesweeper Ships) की भूमिका अहम होती है। उल्लेखनीय है कि भारी यातायात वाले समुद्री मार्गों में विरोधी ताकतें अक्सर

भारतीय युद्धपोतों की ग्रीस, मिस्र एवं सऊदी अरब यात्रा

Greece, Egypt and Saudi Arabia travels of Indian warships

हाल के वर्षों में सोमालिया के तट पर समुद्री डकैती सहित इस क्षेत्र की अन्य प्रमुख समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय नौसैनिक परिसंपत्तियों को लगातार तैनात किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में

दाबित भारी जल रिएक्टरों के निर्माण को मंजूरी

Sanctioned construction of heavy water reactors

10 रिएक्टरों का निर्माण भारत में बढ़ती विद्युत की मांग को पूरा करने और विद्युत की मांग एवं आपूर्ति के अंतराल को समाप्त करने के लिए नाभिकीय ऊर्जा एक महत्वपूर्ण साधन है। इसके लिए भारत के घरेलू नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम

सोलीबैकिलस कलामी : नव-अन्वेषित जीवाणु

Soli Bacillus Kalamis: newly discovered bacteria

सूक्ष्मजीव जैसे जीवाणु इत्यादि सर्वव्यापी होते हैं। यह मृदा, जल, वायु, मनुष्य एवं अन्य प्राणियों के शरीर के अंदर तथा पादपों में पाए जाते हैं। यहां तक कि अंतरिक्ष, जहां किसी भी प्रकार का जीवन संभव नहीं है, वहां भी

सीरिया युद्ध-सुरक्षित क्षेत्र समझौता

Syria War-Secure Area Agreement

3-5 मई, 2017 के मध्य कजाख्स्तान में अस्ताना वार्ता का चौथा दौर संपन्न हुआ। इस वार्ता में रूस, ईरान एवं तुर्की ने सीरिया में चार युद्ध-सुरक्षित क्षेत्रों के निर्माण के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें सबसे बड़ा सुरक्षित क्षेत्र