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5वां अपतटीय पोत ‘ICGS सक्षम’ लांच

5th offshore vessel 'ICGS enabled' launched
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 14 दिसंबर‚ 2020 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने पांचवें और अंतिम अपतटीय गश्ती पोत ICGS (Indian Coast Guardship)-सक्षम (SAKSHAM) लांच किया।
  • ICGS सक्षम का शुभारंभ तटरक्षक बल के महानिदेशक के. नटराजन की पत्नी जयंती नटराजन ने किया।
  • ICGS सक्षम
  • यह अपतटीय गश्ती पोत सक्षम 30 मिलीमीटर बंदूक से लैस है और तटीय समुद्री डकैती और आतंकवाद विरोधी मिशन के साथ आपात स्थितियों को संभालने के लिए ‘त्वरित प्रतिक्रिया नौका’ से सुसज्जित है।
  • इसका वजन 2.350 टन है।
  • इस अपतटीय गश्ती पोत में जहाज के इंजन को उच्च ईंधन दक्षता और चालक दल को आराम प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • कंप्यूटरीकृत नियंत्रण प्रणाली के साथ ही यह तटरक्षक बल के सेवा में सबसे उन्नत गश्ती पोतों में से एक है।
  • अपतटीय गश्ती पोत सक्षम में 70 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरणों व सामग्री का प्रयोग हुआ है।
  • पृष्ठभूमि
  • स्वदेशी अपतटीय गश्ती पोत परियोजना को वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांच किया था।
  • इस परियोजना के तहत पांच भारतीय अपतटीय पोतों को लांच करना था।
  • दो अपतटीय गश्ती पोत ICGS-सचेत तथा ICGS सुजीत को भारतीय तटरक्षक बल को सौंप दिया गया है।
  • इन गश्ती पोतों को विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।
  • वर्ष 2019 में ICGS-सजग इस शृंखला का तीसरा पोत तथा अगस्त‚ 2020 में इस शृंखला के चौथे पोत ICGS-सार्थक को लांच किया गया।
  • अन्य
  • विक्रम श्रेणी के अपतटीय गश्ती पोत
  • विक्रम श्रेणी के अपतटीय गश्ती पोत एल एंड टी (L&T) द्वारा काटुपल्लो शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं।
  • यह लंबी दूरी के पोत हैं‚ इन्हें तटीय और अपतटीय गश्त के लिए तैयार किया जाएगा।
  • वर्तमान में सात विक्रम श्रेणी के अपतटीय गश्ती पोत बनाए जा रहे हैं।
  • इस श्रेणी के पोत को 30 मिलीमीटर नेवल गन‚ 12.7 मिलीमीटर की भारी मशीन गन से लैस किया जाएगा।
  • इस श्रेणी के सात पोत क्रमश: ICGS-विक्रम‚ ICGS-वीरा‚ ICGS-बराह‚ ICGS-विग्रह‚ ICGS-ब्रज‚ ICGS-विजय एवं ICGS-वर्धा शामिल हैं।
  • निष्कर्ष
  • ये अपतटीय गश्ती पोत तटरक्षक बेड़े का एक दुर्जेय हिस्सा बनेगा।
  • इसका उपयोग राष्ट्र के क्षेत्रीय जल के अनन्य आर्थिक क्षेत्र के संरक्षण के लिए किया जाएगा।

सं. प्रशान्त सिंह