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स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट‚ 2021 रिपोर्ट

State of India's Environment 2021 Report

वर्तमान संदर्भ

  • 25 फरवरी‚ 2021 को भारत के 60 पर्यावरणविदों ने ‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट’ (CSE) और ‘डाउन टू अर्थ’ की ओर से पर्यावरण की दशा बताने वाली वार्षिक ‘स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट‚ 2021’ (SOE-2021) रिपोर्ट जारी की।
  • सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (CSE) नई दिल्ली में स्थित एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक हित अनुसंधान संगठन है।
  • इसकी स्थापना वर्ष 1980 में की गई थी।
  • यह संगठन भारत में पर्यावरण‚ खराब नियोजन‚ जलवायु परिवर्तन और पहले से मौजूद नीतियों के बेहतर कार्यान्वयन आदि से संबंधित मुद्दों को उठाता है।
  • वर्ष 2018 में सेंटर फॉर साइंस एनवायरमेंट (CSE) को ‘शांति‚ निरस्तीकरण और विकास’ के लिए ‘इंदिरा गांधी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

(A) कोविड-19 का प्रभाव

(i) भारत एक ‘महामारी के दौरान जन्म लेने वाली पीढ़ी’ के दौर में गुजरने के लिए तैयार है। भारत में 375 मिलियन बच्चों (नवजात शिशुओं से लेकर 14 साल के बच्चों तक) में ‘पेंडिमिक जनरेशन’ की शुरुआत देखी जा सकती है‚ जिसके दीर्घकालीन प्रभाव हो सकते हैं।

  • भविष्य में इन बच्चों को कुपोषण अशिज्ञा और कई अनचाही मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

(ii) इस पीढ़ी के लिए‚ वजन कम होना ठिगनापन‚ वालमृत्यु दर में वृद्धि से लेकर शिक्षा और कार्य उत्पादकता में नुकसान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
(iii) कोविड-19 महामारी ने विश्व भर के 500 मिलियन से अधिक बच्चों को स्कूल से बाहर कर दिया‚ जिसमें से आधे से अधिक भारत के थे।
(iv) कोविड-19 ने विश्व के गरीबों को और अधिक गरीब बना दिया।

  • इस महामारी की वजह से विश्व भर में 11.5 करोड़ (या 115मिलियन) अतिरिक्त लोग अत्यंत गरीबी में जाने के लिए विवश होंगे।
  • इनमें से अधिकांश दक्षिण एशिया से होंगे।

(v) सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के मामले में भारत 192 देशें में 117वें स्थान पर रहा।

(B) पर्यावरण की स्थिति

(i) वर्ष 2009 से वर्ष 2018 के मध्य‚ भारत की वायु‚ जल और भूमि अत्यधिक प्रदूषित हुई है।
(ii) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार‚ देश के 88 प्रमुख औद्योगिक समूहों में से‚ 35 औद्योगिक समूहों में समग्र रूप से पर्यावरणीय गिरावट दर्ज की गई है।

  • 33 औद्योगिक समूहों में वायु गुणवत्ता में कमी चिह्नित की गई है।
  • 45 औद्योगिक समूहों में अधिक प्रदूषित जल और 17 औद्योगिक समूहों में भूमि प्रदूषण के बढ़ते स्तर के संकेत प्राप्त हुए हैं।

(iii) महाराष्ट्र का तारापुर‚ देश का सबसे प्रदूषित क्लस्टर के रूप में दर्ज किया गया है।
(iv) उक्त आंकड़े इस तथ्य को उजागर करते हैं कि इन क्षेत्रों में‚ विशेष रूप से गंभीर प्रदूषित क्षेत्र के रूप में पहले से ही चिह्नित किए जा चुके क्षेत्रों में‚ वर्षों से प्रदूषण नियंत्रित करने और कम करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई है।

(C) विभिन्न राज्यों का प्रदर्शन

  • सतत विकास लक्ष्यों का प्राप्त करने की दिशा में राज्यों का प्रदर्शन-

(i) सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य – केरल‚ हिमाचल प्रदेश‚ आंध्र प्रदेश‚ तमिलनाडु‚ तेलंगाना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं।
(ii) सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य – बिहार‚ झारखंड‚ अरुणाचल प्रदेश‚ मेघालय‚ उत्तर प्रदेश द्वारा सबसे खराब प्रदर्शन किया गया है।

  • नोट– ‘डाउन टू अर्थ’ पर्यावरण और विकास से संबंधित नीतियों पर केंद्रित पत्रिका है‚ जिसको वर्ष 1992 में पर्यावरणविद्‌ अनिल अग्रवाल ने शुरू किया था।
  • वर्तमान संपादक : सुनीता नारायण
  • नोट– प्रश्न : ‘‘पर्यावरणीय स्थिति रिपोर्ट‚ 2021’’ के प्रमुख निष्कर्षों का संक्षिप्त अवलोकन कीजिए।

सं. शिशिर अशोक सिंह

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