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संगे ज्वालामुखी विस्फोट

वर्तमान संदर्भ

  • 11 मार्च, 2021 को इक्‍वाडोर स्थित संगे ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ और इससे निकले राख के बादल आसमान में 8,500 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गए।
  • इस ज्वालामुखी में विस्फोट का सबसे पुराना मामला वर्ष 1628 में दर्ज किया गया। वर्ष 1728 से वर्ष 1916 के मध्य तथा पुन : वर्ष 1934 से वर्तमान तक कमोवेश निरंतर विस्फोट के मामले देखे जा रहे हैं।

संगे ज्वालामुखी

  • संगे ज्वालामुखी विश्व के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।
  • संगे इक्‍वाडोर में स्थित है। यह एंडीज पर्वत के उत्तरी ज्वालामुखी क्षेत्र में स्थित सबसे दक्षिणी मिश्रित ज्वालामुखी है।
  • लावा और राख की वैकल्‍पिक परतों से बना ज्वालामुखी मिश्रित ज्वलामुखी होता है।
  • इसकी ऊंचाई 5230 मी. है।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • एंडीज पर्वत श्रृंखला एक नवीन मोड़दार तथा विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला (लगभग 7200 किमी. ) है। इसमें विश्व की कुछ सबसे ऊंची चोटियां शामिल हैं। 
  • एंडीज पर्वत श्रृंखला का विस्तार दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर है।
  • एंडीज पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊंची चोटी ‘माउंट -एकांकागुआ’ (लगभग 6900 मी.) अर्जेंटिना देश में स्थित है। यह विश्व का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी पर्वत है, जो एक मृत ज्वालामुखी (Dead Valcano) है।
  • इक्‍वाडोर के मध्य भाग में स्थित ‘संगे राष्ट्रीय उद्यान’ एंडीज पर्वत के पूर्वी हिस्से में स्थित है। यह एक विश्व धरोहर स्थल है।
  • इक्‍वाडोर ‘पैसििफक रिम’ के ‘रिम ऑफ फॉयर क्षेत्र का हिस्सा है और इस देश में आठ ज्वालामुखी हैं।

जैसे- कोटोपैक्‍सी (5,897 मी.)
– कैंबे (5,790 मी.)
– पिचिंचा (4,784 मी.)
क्या है ज्वालामुखी

  • ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर उपस्थित ऐसा दरार या मुख होता है, जिससे पृथ्वी के भीतर का गर्म लावा, गैस और राख आदि अधिक ताप और दाब की स्थिति में विस्फोट के माध्यम से बाहर आ जाते हैं।
  • ज्वालामुखी विस्फोट द्वारा निकले इन पदार्थों के जमा हो जाने से निर्मित शंक्‍वाकार स्थलरूप को ज्वालामुखी पर्वत कहा जाता है।
  • ज्वालामुखी का संबंध प्‍लेट विवर्तनिकी से है, क्‍योंकि यह पाया जाता है कि बहुधा ज्वालामुखी प्‍लेटो की सीमाओं के सहारे पाए जाते हैं।

भारत के ज्वालामुखी
भारत में दो ज्वालामुखी हैं-

  • पहला – बैरन ज्वालामुखी जो अंडमान निकोबार द्वीप समूह में मध्य अंडमान के पूर्व में है।
  • दूसरा – नारकोंडम ज्वालामुखी जाे अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उत्तर अंडमान के पूर्व में है।

नोट- बैरन ज्वालामुखी -सक्रिय या जागृत ज्वालामुखी है, जबकि नारकोंडम ज्वालामुखी प्रसुप्त ज्वालामुखी है।

संकलन – दीपक पाण्डेय

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