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वैश्विक सैन्‍य-व्यय के रुझान पर रिपोर्ट

Report on global military spending trends

वर्तमान संदर्भ

  • हाल ही में स्टॉकहोम ‘इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट’ (SIPRI) द्वारा ‘ट्रेंड्स इन वर्ल्ड मिलिट्री डिचर, 2020 रिपोर्ट जारी की गई है।

महत्‍वपूर्ण बिंदु-

(1) रिपोर्ट के महत्‍वपूर्ण निष्कर्ष-
(i) वर्ष 2020 में शीर्ष 3 सैन्‍य खर्च वाले देश-

रैंकदेशखर्च (व्यय)
1अमेरिका (USA)$778  बिलियन
2चीन$ 252  बिलियन
3भारत$72.9  बिलियन

(ii) वर्ष 2020 में सबसे बड़े पांच सैन्‍य व्ययकर्ता क्रमश: संयुक्त राज्‍य अमेरिका, चीन, भारत, रूस और यूनाइटेड किंगडम द्वारा संयुक्त रूप से वैश्विक सैन्‍य व्यय का 62 प्रतिशत सैन्‍य व्यय किया गया है।
(iii) रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर सैन्‍य खर्च में अमेरिका का 39 प्रतिशत , चीन का 13 प्रतिशत और भारत का 3.7 प्रतिशत हिस्सा है।

  • वर्ष 2020 में इन तीन देशों का सैन्‍य-खर्च कोविड-19 महामारी के दौरान भी वर्ष 2019 की तुलना में अधिक रहा है।

(iv) भारत का सैन्‍य व्यय 1 प्रतिशत बढ़ा है और चीन का 1.9 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि अमेरिका का सैन्‍य व्यय 4.4 प्रतिशत बढ़ा है।

  • हालांकि पिछले एक दशक (वर्ष 2011 से 2020 तक) में अमेरिका का सैन्‍य खर्च घटा है, जबकि वहीं दूसरी ओर भारत और चीन का इस दशक में सैन्‍य-खर्च बढ़ा है।

(v) वर्ष 2020 में वैश्विक सैन्‍य-व्यय बढ़कर 1981 बिलियन डॉलर हो गया, जो कि वर्ष 2019 के सैन्‍य-व्यय से 2.6 प्रतिशत अधिक है।
(vi) रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के आर्थिक प्रभावों के कारण वैश्विक जीडीपी में 4.4 प्रतिशत का संकुचन आया है, लेकिन दूसरी तरफ वर्ष 2020 में वैश्विक सैन्‍य खर्च में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

(2) जीडीपी के संदर्भ में सैन्‍य खर्च

क्रमांकदेशसैन्‍य खर्च (GDP%)
1.अमेरिका7 प्रतिशत
2.भारत9 प्रतिशत
3.चीन1.7 प्रतिशत

(3) वर्ष 2019 की तुलना में ओशिनिया और एशिया में सैन्‍य-खर्च 2.5 प्रतिशत बढ़ा है तथा वर्ष 2011 की तुलना में यह 47 प्रतिशत अधिक था।
(4) भारत के संदर्भ में

(i) भारत विश्व में अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा सैन्‍य व्यय वाला देश है।
(ii) रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सैन्‍य आयात वर्ष 2011-15 की तुलना में वर्ष 2016-20 में एक -तिहाई कम हो गया।

  • इसके बावजूद भारत सऊदी अरब के बाद दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना रहा।
  • भारत के हथियार आयात में गिरावट से रूस प्रभावित हुआ है।
  • अंतत: रूस ने भारत के स्थान पर अल्‍जीरिया, चीन और मिस्र को हथियार निर्यात बढ़ा दिया था।

Note-मार्च, 2021 में ‘‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट’’ की प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘मेक इन-इंडिया’ पहल और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के अन्‍य उपायों के चलते वर्ष 2011-15 और वर्ष 2016-20 के बीच हथियारों के आयात में 33 प्रतिशत की कमी आई।

(5) सैन्‍य-खर्च में वृद्धि के कारण-

(i) चीन और पाकिस्तान से भारत के तनावपूर्ण संबंध भारतीय सैन्‍य-व्यय में हो रही लगातार वृद्धि का प्रमुख कारण है।
(ii) विशेषज्ञों के अनुसार, जर्मनी द्वारा सैन्‍य-खर्च में वृद्धि किए जाने का एक कारण यूरोप और नाटो (NATO) (स्थापना : अप्रैल- 1949, HQ-ब्रुसेल्‍स) के कुछ देशों के बीच रूस की बदलती छवि का प्रभाव भी हो सकता है।
(iii) हालांकि COVID-19 की वैश्विक महामारी का प्रभाव भविष्य में देशों के सैन्‍य-खर्च पर भी परिलक्षित हो सकता है।

(6) स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्‍यूट

  • यह युद्ध तथा संघर्ष युद्धक सामग्रियों, हथियार नियंत्रण तथा निरस्त्रीकरण के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए समर्पित एक स्वतंत्र शोध संस्थान है। Æ यह नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और मीडिया आदि के आंकड़ों का विश्लेषण और सुझाव उपलब्ध कराता है।
  • वर्ष 1966 में स्वीडिश संसद के एक निर्णय के आधार पर इसकी स्थापना की गई थी तथा इसके लिए स्वीडिश सरकार से वार्षिक अनुदान के रूप में इसकी कुल निधि का एक बड़ा हिस्सा प्राप्‍त होता है।
  • इसका मुख्यालय स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में है।

सं. शिशिर अशोक सिंह

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