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राजस्थान इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना

Rajasthan Indira Gandhi Maternity Nutrition Scheme
  • पृष्ठभूमि
  • वर्ष 2010 में ‘इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना’ (IGMSY) की शुरुआत हुई थी।
  • वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इसका नाम बलदकर ‘मातृ सहज योजना’ कर दिया और बाद में 1 जनवरी‚ 2017 को इसे ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के नाम से पूरे देश में लागू कर दिया गया।
  • इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।
  • इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है‚ जिससे वे अपनी और अपने नवजात शिशु की देखभाल कर सकें।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी को प्रथम जीवित बच्चे के जन्म पर 5000 रुपये की धनराशि तीन किस्तों में क्रमश: 1000 रुपये‚ 2000 रुपये और 2000 रुपये आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 19 नवंबर‚ 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की 103वीं जयंती के अवसर पर ‘इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना’ का शुभारंभ किया।
  • इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को दूसरी संतान के जन्म पर भी आर्थिक सहायता मिलेगी। गहलोत सरकार गर्भवती महिलाओं को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी। यह धनराशि पांच चरणों में प्रदान की जाएगी। फिलहाल पीपीपी मोड पर यह योजना चार जिलों (डूंगरपुर‚ बांसवाड़ा‚ उदयपुर और प्रतापगढ़) में लागू होगी।
  • राजस्थान सरकार ने अपने बजट में इस योजना की घोषणा की थी। अब इसे मूर्त रूप दिया गया है।
  • राजस्थान पहला ऐसा राज्य होगा‚ जिसमें दूसरी संतान के जन्म पर भी आर्थिक सहायता मिलेगी।
  • योजना का 100 प्रतिशत खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
  • योजना से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
  • इस योजना से प्रति वर्ष 77000 से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी।
  • इस योजना में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ‚ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग मिलकर काम करेंगे।
  • इस योजना के अंतर्गत 43 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च होंगे‚ जिसका वित्तपोषण खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अधीन स्टेट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत दूसरी संतान के जन्म पर लाभार्थी महिला को पांच चरणों में 6000 रुपये की राशि सीधे उसके खाते में भेजी जाएगी।
  • पहली किस्त 1000 रुपये गर्भावस्था जांच व पंजीकरण होने पर‚ दूसरी किस्त 1000 रुपये कम-से-कम दो प्रसव पूर्व जांचें पूरी होने पर‚ तीसरी किस्त 1000 रुपये संस्थागत प्रसव होने पर‚ चौथी किस्त 2000 रुपये बच्चे के जन्म के 105 दिन तक सभी नियमित टीके लगने तथा बच्चे का जन्म पंजीकरण होने पर तथा पांचवीं व अंतिम किस्त 1000 रुपये दंपति को दूसरी संतान पैदा होने के 3 माह के भीतर परिवार नियोजन के साधन अपनाने पर दी जाएगी।
  • इस योजना के अंतर्गत 1 नवंबर‚ 2020 एवं इसके बाद जन्में दूसरे बच्चे के जन्म के समय गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा।
  • निष्कर्ष
  • वास्तव में यह योजना प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का ही विस्तार है।
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पहले जीवित बच्चे के जन्म पर मिलता था‚ जबकि ‘राजस्थान इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना’ दूसरे बच्चे के जन्म से संबंधित होगी।

सं. संतोष कुमार शर्मा