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पीएम-स्वनिधि लाभार्थियों की सामाजिक-आर्थिक रूपरेखा

Socio-economic profile of the PM-Self funding beneficiaries
  • पृष्ठभूमि
  • कोविड-19 वैश्विक महामारी तथा इसके परिणामस्वरूप किए गए लॉकडाउन से पथ विक्रेताओं (Street Vendor’s) अथवा रेहड़ी वालों की आजीविका पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
  • इसी के मद्देनजर पथ विक्रेताओं को अपनी आजीविका और रोजगार पुन: प्रारंभ करने के उद्देश्य से किफायती दर पर एक कार्यशील पूंजीगत ऋण की सुविधा प्रदान की गई।
  • यह सुविधा उन्हें भारत सरकार के केंद्रीय क्षेत्र की योजना ‘पीएम स्वनिधि’ (PM SVANidhi) के माध्यम से प्रदान की गई‚ जिसका कार्यकाल मार्च‚ 2022 तक निर्धारित किया गया है।
  • इस योजना का शुभारंभ भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 1 जून‚ 2020 को शुरू की गई थी।
  • इस योजना के तहत पथ विक्रेता अपनी आजीविका को पुन: प्रारंभ करने के लिए अधिकतम 10,000 रुपये तक का कार्यशील पूंजीगत ऋण प्राप्त कर सकेंगे‚ जिसकी अदायगी उन्हें एक वर्ष में मासिक किस्तों के माध्यम से करनी होगी।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 11 दिसंबर‚ 2020 को भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने पीएम-स्वनिधि लाभार्थियों की सामाजिक-आर्थिक रूपरेखा (Socio – Economic Profiling of PM SVANidhi Beneficiaries) बनाने हेतु एक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
  • इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पीएम-स्वनिधि लाभार्थी और उसके परिवार की एक रूपरेखा (Profile) तैयार की जाएगी।
  • यह कार्यक्रम पीएम-स्वनिधि योजना के अतिरिक्त घटक के रूप में कार्य करेगा‚ जिसके लक्षित लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर्स (Street Vendors)/ पथ विक्रेता होंगे।
  • यहां लक्षित लाभार्थी से तात्पर्य शहरों में फेरी लगाने वाले उन पथ विक्रेताओं (परि-नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए विक्रेता शामिल) से है‚ जो 24 मार्च‚ 2020 या उससे पूर्व से फेरी लगा रहे हैं।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य पथ विक्रेताओं/स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के अलावा परिवार सहित उनका समग्र विकास तथा सामाजिक आर्थिक उत्थान करना है।
  • रूपरेखा (Profile) द्वारा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पात्र लाभार्थी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
  • इसके अलावा यह कार्यक्रम राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके विशिष्ट कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने के विकल्प के रूप में भी उपलब्ध होगा।
  • यह प्रोफाइल केंद्र सरकार की योजनाओं के चयन और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए लाभार्थियों और उनके परिवारों की संभावित योग्यता की पहचान करने में मदद करेगी।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • पहले चरण में इस कार्यक्रम के लिए देश के 125 शहरों का चयन किया गया है।
  • इस कार्यक्रम को पूरी तरह से कार्यान्वित करने से पूर्व देश के 6 शहरों‚ यथा- गया‚ इंदौर‚ ककचिंग‚ निजामाबाद‚ राजकोट और वाराणसी में एक पायलट कार्यक्रम चलाया जाएगा।
  • इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन हेतु भारत के गुणवत्ता परिषद (Q C I : Quality Council of India) को भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया है।

सं. अमित शुक्ला