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जीवन वायु’ उपकरण

jeevan vaayu’ upakaran

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • जून, 2021 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ ने देश का पहला विद्युत मुक्त सीपीएपी (Continuous Positive Airway Pressure) उपरकरण विकसित किया है, जिसका नाम ‘जीवन वायु’ रखा है।
  • इस उपकरण का विकास मेटलर्जिकल एंड मटेरियल्स की सहायक प्रोफेसर डॉ. खुशबू राखा एवं उनकी टीम ने आईआईटी रोपड़ की एडवांस मटेरियल्स एंड डिजाइन लैब में किया है।

‘‘जीवन वायु’ उपकरण की विशेषताएं

  • यह देश का पहला सीपीएपी उपकरण है, जो बिना बिजली के कार्य करता है।
  • इसका उपयोग अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलंेडर व ऑक्सीजन पाइप लाइन दोनों प्रकार की ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों में किया जा सकता है। यह व्यवस्था अन्य वर्तमान सीपीएपी मशीनों में नहीं है।
  • यह उपकरण चिकित्सकीय रूप से सभी जरूरी मानकों को पूरा करता है।
  • इसे ट्‍यूब के आकार के अनुरूप भी ढाला जा सकता है।
  • इसमें एयर एंटरटेनमेंट किनारे पर एक इनबिल्ट वायरल फिल्टर लगा है, जिसकी प्रभावशीलता 99.99 प्रतिशत है।
  • यह वायरल फिल्टर यह सुनिश्चित करता है कि वायुमंडल से बीमारी पैदा करने वाले जीवाणु, विषाणु शरीर मे प्रवेश नहीं कर पाएं।
  • इसे 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके बनाया गया है और इसका यांत्रिक परीक्षण भी किया गया है।
  • यह उपकरण 20 सेंटीमीटर H2O तक के निरंतर सकारात्मक दबाव को बनाए रखते हुए उच्‍च प्रवाह ऑक्सीजन (20-60LPM) प्रदान कर सकता है।
  • इस उपकरण को 5-20 सेमी. H2O पॉजिटिव एंड एक्सपायरटरी प्रेशर के साथ 40 प्रतिशत से ऊपर के FiO2 को बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

‘जीवन वायु’ उपकरण की उपयोगिता

  • निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (CPAP) स्लीप एपनिया मरीजों के लिए एक उपचार पद्धति है। इस रोग में मरीज को नींद के दौरान सांस लेने में कठिनाई होती है।
  • यह उपकरण आसानी से सांस लेने को लेकर हवा के रास्ते को खुला रखने के लिए हल्के वायुदाब का उपयोग करता है।
  • इस उपकरण का उपयोग उन नवजातों के इलाज के लिए भी किया जाता है, जिनके फेफड़े पूरी तरह से विकसित नहींे हुए हैं।
  • यह मशीन बच्‍चों के नाक में हवा भरकर फेफड़ों को फुलाने में मदद करती है।
  • यह फेफड़ों के नुकसान को कम करती है और मरीजों को दुष्प्रभाव से उबरने में मदद करती है।
  • वर्तमान में कोविड-महामारी के समय जब वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसे चिकित्सा उपकरणों द्वारा लोगों का जीवन बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
  • यह ‘जीवन वायु’ उपकरण अत्यंत मददगार साबित हो सकता है।

संकलन- महेश चंद्र शुक्‍ल

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