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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के पक्ष में उच्‍च वोल्‍टेज निर्णय का समर्थन

वर्तमान संदर्भ

  • मार्च, 2020 में गंभीर रूप से लुप्‍तप्राय (Critically Endangered) ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) को सुरक्षित करने के लिए सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने राजस्थान और गुजरात की सरकारों को ओवरहेड पॉवर केबल्‍स को भूमिगत करने का आदेश दिया है।
  • भारतीय वन्यजीव संस्थान के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 18 GIB हाईवोल्टेज तारों में टकराने से मरते हैं।

पृष्ठभूमि

  • यह फैसला एक याचिका पर लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया है।
  • इस कानूनी विवाद में याचिकाकर्ता ने कहा था कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड एक बड़ा पक्षी है और उसे उड़ान में आसानी के लिए पैंतरेबाजी करना मुश्किल हो जाता है।
  • जिससे हाईवोल्‍टेज बिजली पारेषण लाइनों से टकराने से इलेक्‍ट्राेक्‍यूट हो जाता है और वह मारा जाता है।
  • दलील देने के क्रम में अनुच्‍छेद 48 (A) पर्यावरण और वन्‍य जीवों की रक्षा की बात कही गई।

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण) एक बड़े आकार का पक्षी है। उड़ने वाले पक्षियों में यह सबसे अधिक वजनी है।
  • बड़े आकार के कारण यह शुतुरमुर्ग जैसा प्रतीत होता है।
  • ऐतिहासिक रूप से GIB भारत के 11 राज्यों एवं पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में पाए जाते थे।
  • आज गुजरात एवं राजस्थान तक सीमित है कुछ आबादी महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश में भी हैं।
  • ये ज्‍यादातर घास के मैदान में रहने वाले पक्षी हैं।
  • GIB राजस्थान के मरुभूमि राष्ट्रीय उद्यान (जैसलमेर एवं बाइमेट) में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।
  • यह राजस्थान का राज्‍य पक्षी है।
  • सोहन चिड़िया, हुकना, गुरयिन, गोडावण आदि इसके अन्‍य नाम हैं।
  • WWF के अनुसार GIB की कुल आबादी लगभग 200 बची है।
  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को वन्‍यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में संकटग्रस्त की श्रेणी में रखा गया है।

संरक्षण कार्यक्रम

  • वन्यजीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (CMS) कन्वेंशन और CITES के परिशिष्ट I मंे शामिल है।
  • IUCN रेड लिस्ट और राष्ट्रीय वन्यजीव कार्य योजना (2002-2016) में गंभीर रूप से लुप्‍तप्राम के रूप में सूचीबद्ध है।
  • केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारतीय वन्‍यजीव संस्थान, देहरादून के साथ ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है।
  • भारतीय वन्‍यजीव संस्थान ने वर्ष 2018 में अपनी रिपोर्ट में इंडियन बस्टर्ड के पुनर्वास के लिए 14 स्थानों को उपयुक्त माना है।
  • इन 14 स्थानों में सोरसन (राजस्थान) को ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के पुनर्वास हेतु सर्वाधिक उपयुक्त स्थान माना गया है।

चुनौतियां

  • शिकार, हाईवोल्टेज तार, आवास क्षेत्र की कमी, तीव्र गति वाहन, कृषि का मशीनरीकरण आदि कारक GIB की उत्तर जीवित के समक्ष चुनौती है।
  • निष्कर्ष
  • भारी पक्षी होने की वजह से उड़ने में कठिनाई के साथ प्रत्‍यक्ष दृष्टि क्षमता कम होने के कारण ये उच्‍च वोल्‍टेज तारों से टकराकर मर जाते हैं। अत: जैव विविधता को बचाने में न्‍यायालय का यह फैसला सराहनीय है। Æ
  • गंभीर रूप से लुप्‍तप्राय होने के कारण गुजरात व राज्‍य सरकारों को उच्‍च वोल्‍टेज तारों को भूमिगत करने की दिशा में त्‍वरित कार्य करना होगा।
  • चिह्नित आवासों की संख्या को बढ़ाकर इन्‍हें लुप्‍तप्राय श्रेणी से बाहर निकालने में सहायता मिलेगी।

सं. दीपक पांडेय

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