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अंतरिक्ष सैन्‍य अभ्यास : एस्टरएक्‍स

Space Military Exercise : AsterX

वर्तमान परिप्रेक्ष्य

  • 8-12 मार्च, 2021 तक अंतरिक्ष सैन्‍य अभ्यास ‘एस्टरएक्‍स’ का आयोजन किया गया।
  • इस अभ्यास का आयोजन फ्रांस द्वारा किया गया।
  • फ्रांस के साथ इस अभ्यास में अमेरिकी अंतरिक्ष बल और जर्मन अंतरिक्ष एजेंसी ने भी हिस्सा लिया।

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 2019 में फ्रांस ने अपनी अंतरिक्ष कमान (French space command) का गठन किया था।
  • वर्ष 2025 तक इस कमान का विस्तार करके 500 कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी।

प्रमुख बिंदु

  • फ्रांस ने इस सैन्‍य अभ्यास का कूटनाम (Code name) अपने पहले उपग्रह ‘एस्टरिक्‍स’ (Asterix) के नाम पर रखा है।
  • वर्ष 1965 में फ्रांस द्वारा अपना पहला उपग्रह ‘एस्टरिक्‍स’ प्रक्षेपित किया गया था।
  • इस मिशन के तहत 18 स्पेस मिशन का टेस्टिंग के तौर पर संचालन किया जाएगा।
  • यह अंतरिक्ष सैन्‍य अभ्यास न केवल फ्रांसीसी सेना बल्‍कि यूरोप के लिए भी इस प्रकार का पहला प्रयास है।

लक्ष्य

  • यह सैन्‍य अभ्यास अमेरिका और चीन के बाद विश्व की तीसरी बड़ी अंतरिक्ष शक्ति बनने की फ्रांस की रणनीति का हिस्सा है।
  • भयंकर युद्ध की स्थिति में अपने उपग्रहों और दूसरे उपकरणों की रक्षा करना।
  • इसके साथ ही उसके लिए बनाए गए अपने स्पेस कमांड की क्षमता के बारे में जानना है।
  • अंतरिक्ष में संभावित खतरनाक वस्तुओं/लक्ष्यों के साथ-साथ पर्याप्‍त अंतरिक्ष सामर्थ्य वाली किसी अन्‍य विदेशी शक्ति से अपने उपग्रह को होने वाले खतरे की निगरानी करना।

इस क्षेत्र में भारत की पहल (Ind Space Ex)

  • 25-26 जुलाई, 2019 को भारत ने ‘ट्राई सर्विस डिफेंस स्पेस एजंेसी’ (Tri-Service Defence Space Agency) की शुरुआत की।
  • इसके पश्चात भारत पहली बार सिमुलेटेड (कृत्रिम) अंतरिक्ष युद्ध अभ्यास (Simulated Space Ware fare Exercise) की योजना बना रहा है।
  • इस अभ्यास को ‘Ind Space Ex’ नाम दिया गया है।
  • यह अभ्यास मूल रूप से एक ‘टेबल-टॉप वार-गेम’ (‘Table-Top War-Game’) होगा।
  • जिसमें सैन्‍य और वैज्ञानिक समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे।
  • भारत द्वारा अंतरिक्ष युद्धाभ्यास को शुरू करने का प्रमुख उद्देश्य अंतरिक्ष मंे अपनी स्थिति को और मजबूत बनाना है।

मिशन शक्ति

  • यह एक उपग्रह रोधी (Anti-Satellite : A-SAT) मिसाइल परीक्षण है।
  • 27 मार्च, 2019 को भारत ने ‘मिशन शक्ति को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए A-SAT से तीन मिनट में एक लाइव भारतीय उपग्रह को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया।
  • अब तक यह क्षमता केवल रूस, अमेरिका एवं चीन के पास ही थी।
  • इस क्षमता को हासिल करने वाला भारत चौथा देश बन गया।

वाह्य अंतरिक्ष में हथियारों पर अंतरराष्ट्रीय कानून

  • अंतरिक्ष पर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संधि 1967 की वाह्य अंतरिक्ष संधि है। वाह्य अंतरिक्ष संधि केवल वाह्य अंतरिक्ष में सामूहिक विनाश के हथियारों को प्रतिबंधित करती है, सामान्‍य हथियारों को नहीं।
  • इस संधि में फरवरी, 2021 तक कुल 111 देश शामिल थे। 23 देशों ने संधि पर हस्ताक्षर किया था, परंतु अभी अनुसमर्थन (Notification) करना शेष है।
  • भारत भी इस संधि का हस्ताक्षरकर्ता देश है, जिसने वर्ष1982 में संधि का अनुसमर्थन भी कर दिया था।

सं. आदित्‍य भारद्वाज

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