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MIG-27 सेवामुक्त

MIG-27 retired
  • पृष्ठभूमि
  • MIG-27 भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल एक लड़ाकू विमान था।
  • विगत 27 दिसंबर, 2019 को इसे सेवामुक्त कर दिया गया।
  • इसने 27 दिसंबर, 2019 को जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर अपनी अंतिम उड़ान भरी।
  • मिग-27 लड़ाकू विमान विगत चार दशकों से भारतीय वायु सेना के जमीनी हमले (Air to Ground) के बेड़े की रीढ़ रहा है।
  • मिग-27 भारतीय वायु सेना के बेड़े में वर्ष 1985 में शामिल किया गया था।
  • वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान मिग-27 ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसके उपरांत इसे ‘बहादुर’ उपनाम से संबोधित किया गया।
  • विकास
  • मूलतः मिग-27 विमानों का विकास रूस (पूर्व में सोवियत संघ) द्वारा किया गया था।
  • रूस से मिले लाइसेंस के आधार पर भारत में मिग-27 विमानों का निर्माण कार्य हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा किया जाता था।
  • गौरतलब है कि मिग-27 विमान मिग-23 विमान का उन्नत संस्करण है।
  • मिग-27 एकल इंजन और एकल सीट वाला लड़ाकू विमान है।
  • मिग-27 विमान में सोयुज R-29B-300 टर्बोफैन (Soyuz R-29B-300 Turbofan) इंजन का प्रयोग होता है।
  • मिग-27M, मिग-27L, मिग-27D, मिग-27K, मिग-27H आदि मिग-27 के प्रकार हैं।
  • मिग-27 विमान का उन्नत संस्करण मिग-29 है, जिसमें दो इंजनों का प्रयोग होता है।
  • वर्ष 1985 से अब तक हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा कुल 165 मिग-27M का निर्माण किया गया।
  • मिग-27 की विशेषताएं
  • मिग-27 विमानों की स्विंग-विंग (Swing-wing) इसे दूसरे विमानों से अलग बनाती है। विंग को अलग-अलग गति प्राप्त करने के लिए विभिन्न कोणों (angles) पर समायोजित किया जा सकता है।
  • अपनी इन्हीं विशेष विंग के कारण यह जमीन के बेहद  करीब उड़ान भर सकता है।
  • इस विमान की अधिकतम गति 1700 किमी./घंटा (Mach 1.6) है।
  • यह 4000 किग्रा. तक आयुध ले जाने में सक्षम है।
  • यह 39000 फीट/मिनट (ft/min) की रफ्तार से ऊपर चढ़ सकता है।
  • मुख्य उपयोगकर्ता देश
  • भारत
  • कजाख्स्तान
  • रूस
  • श्रीलंका
  • यूक्रेन
  • युद्धों में उपयोग
  • अफगानिस्तान युद्ध में
  • श्रीलंका के गृह युद्ध में
  • कारगिल युद्ध में
  • ध्यातव्य है कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान अभिनन्दन वर्धमान ने मिग-21 लड़ाकू विमान से पाकिस्तान के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया था।
  • सेवामुक्ति का कारण
  • रूस द्वारा इस विमान का उत्पादन बंद कर वर्ष 2012 तक सभी प्रकार की तकनीकी सहायता समाप्त करने की घोषणा की गई थी।
  • सभी विमानों के संचालन की एक काल अवधि होती है। यह विमान तृतीय पीढ़ी के थे, जबकि वर्तमान में चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का प्रयोग आम है।
  • मिग-27 विमानों में लगातार उत्पन्न हो रही तकनीकी समस्याएं और लगातार हो रही क्रैश की घटनाओं के चलते इसे सेवामुक्त करने का निर्णय लिया गया।
  • मिग-27 को वर्ष 2016 तक सेवा मुक्त करने की योजना थी, किंतु विमानों की कमी को देखते हुए इसे दिसंबर, 2019 में सेवामुक्त किया गया।
  • ध्यातव्य है कि मिग के अन्य प्रकार मिग-23BN और मिग-23MF को पहले ही सेवामुक्त किया जा चुका है।
  • वर्तमान स्थिति
  • मिग-27 की सेवामुक्ति के बाद भारतीय वायु सेना के कुल स्क्वाड्रनों की संख्या घटकर 28 रह गई है, जबकि कुल स्वीकृत स्क्वाड्रनों की संख्या 42 है।
  • मिग के उन्नत संस्करण MIG-21S और MIG-29S अभी भी भारतीय वायु सेना में शामिल हैं, जिनमें से MIG-21S को जल्द ही सेवामुक्त करने की योजना है।
  • भारतीय नौसेना द्वारा भी दो MIG-29K/KUB का प्रयोग किया जा रहा है।

सं. विजय सिंह