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2020 QG

2020 QG
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 16 अगस्त‚ 2020 को क्षुद्रग्रह 2020 QG पृथ्वी के समीप से गुजरा।
  • नासा के अनुसार‚ यह अब तक ज्ञात क्षुद्रग्रहों में पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजरने वाला क्षुद्रग्रह बन गया है।
  • प्रमुख तथ्य
  • इस क्षुद्रग्रह का व्यास लगभग 3 से 6 मीटर (10–20 feet) था।
  • यह दक्षिणी हिंद महासागर के 2950 किमी. (1830 मील) ऊपर से गुजरा।
  • जब यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरा तब इसकी गति 12.3 किमी./से. (8 Miles per second) थी।
  • 2020 QG को पहली बार ज्विकी ट्रांजिट फैसिलिटी (Zwicky Transient Facility) द्वारा खींची गई‚ एक वाइड फील्ड कैमरा (Wide Field Camera) चित्र में‚ एक लंबी लकीर के रूप में दर्ज किया गया था।
  • ज्विकी ट्रांजिट फैसिलिटी सैन डियागो (San Diego) स्थित आकाश-स्कैनिंग सर्वेक्षण (Sky Scanning Survey) टेलिस्कोप (Telescope) है‚ जो नेशनल साइंस फाउंडेशन (National Science Foundation) और नासा (NASA) द्वारा वित्तपोषित है।
  • ज्ञात हो कि इसके पूर्व वर्ष 2011 में क्षुद्रग्रह 2011CQ1 पृथ्वी के 5480 दूरी से गुजरा था। इसकी गति 9.7 किमी./से. तथा इसका व्यास 31 इंच से 100 इंच था।
  • क्षुद्रग्रह सेरेस
  • 11 अगस्त‚ 2020 को नेचर एस्ट्रोनॉमी (Nature Astronomi), नेचर जियो साइंस (Nature GeoScience) और नेचर कम्यूनिकेशन (Nature Communication) में प्रकाशित शोध के अनुसार‚ नासा (NASA) ने क्षुद्रग्रह सेरेस (Ceres) पर ऊपरी सतह से लगभग 40 किमी. नीचे विशाल बर्फ के ढेर का पता लगाया है।
  • नासा द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार‚ क्षुद्रग्रह में एक नमकीन पानी का बड़ा जलाशय है‚ जो पूरी तरह से बर्फ से जमा हुआ है।
  • सेरेस‚ मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच स्थित सौरमंडल का सबसे बड़ा क्षुद्रग्रह है‚ जिसकी त्रिज्या 476 किमी. है।
  • इसे 1801 ई. में ग्यूसेप पियाजी (Giuseppe Piazzi) ने खोजा था।
  • क्षुद्रग्रह सेरेस के विशाल आकार के कारण इसे वर्ष 2006 में अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (International Astronomical Union) ने बौने ग्रह का दर्जा दिया था।
  • वर्ष 2015 में नासा ने सेरेस के अध्ययन के लिए डॉन मिशन (Dawn Mission) भेजा था।
  • किसी क्षुद्रग्रह के अध्ययन के लिए भेजा जाने वाला यह पहला मिशन था।

सं. विजय सिंह