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स्वदेशी रिसीवर चिप-ध्रुव

Indigenous receiver chip-pole
  • पृष्ठभूमि
  • आईआईटी (IIT), मुंबई ने एक स्वदेशी रिसीवर चिप ‘ध्रुव’ विकसित किया है‚ जिसका उपयोग स्मार्टफोन और नेविगेशन डिवाइस (Navigation Device) में देश के भीतर स्थानों और मार्गों को खोजने के लिए किया जा सकता है।
  • ध्रुव को भारत के नाविक (NAVIC) समूह के नेविगेशन उपग्रहों के साथ-साथ अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (Global Positioning System : GPS) आधारित उपग्रहों से भी संकेत प्राप्त होंगे‚ ताकि वे सभी मौसम में स्थितियों के अनुसार इनका सटीक निर्धारण कर सकें।
  • ध्रुव का निर्माण IIT, मुंबई के छात्रों और शोधकर्ताओं द्वारा 18 महीनों में किया गया है। यह कई आवृत्ति बैंड में संकेत प्राप्त कर सकता है।
  • ध्रुव के डिजिटल डाटा को किसी भी मानक डिजिटल सिग्नल प्रोसेसर (DSP) द्वारा आगे संशोधित किया जा सकता है‚ ताकि किसी लोकेशन को सही ढंग से निर्धारित किया जा सके।
  • ध्रुव प्रोजेक्ट (Project) को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित किया गया है।
  • इस प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी समीर (Society for Applied Microwave Electronics Engineering and Research: SAMEER) है।
  • महत्व

1.   भारत ने अपना नेविगेशन सिस्टम‚ भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) या नेविगेशन विद इंडियन कंस्टेलेशन (NAVIC) बनाया है‚ जो कि विदेशी टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

2.   ध्रुव आने वाले समय में भारत में नेविगेशन के लिए जीपीएस (GPS) का कारगर विकल्प हो सकता है।

3.   ध्रुव व्यवधान डालने वाले सिग्नल को क्लीन करके कमजोर संकेतों को भी प्राप्त कर सकता है।

4.   ध्रुव के माध्यम से सभी सैटेलाइट के सिग्नल का डिकोड बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा।

5.   ध्रुव के विकास से भारत के पास जीपीएस (GPS) की तरह अपना सशक्त नेविगेशन माध्यम होगा। 

संविजय सिंह