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स्पुतनिक-वी

Sputnik-V
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 11 अगस्त‚ 2020 को रूस कोविड-19 की आधिकारिक रूप से पंजीकृत टीका तैयार करने वाला पहला देश बन गया है।
  • रूस द्वारा निर्मित टीके को स्पुतनिक-वी (Sputnik-V) नाम दिया गया है‚ जिसे वर्ष 1957 में रूसी संघ द्वारा सफलतापूर्वक प्रक्षेपित विश्व के पहले उपग्रह स्पुतनिक के नाम पर रखा गया है।
  • इस टीके को रूस के रक्षा मंत्रालय के सहयोग से मॉस्को के गामलेया राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान (Gamaleya National Research Institute) द्वारा विकसित किया गया है तथा रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रमाणित किया गया है।
  • प्रमुख तथ्य
  • नैदानिक परीक्षणों (Clinical Trials) की शुरुआत से पहले टीके के सभी पूर्व-नैदानिक परीक्षणों को सफलतापूर्वक किया गया था‚ जिसमें विभिन्न प्रकार के जानवरों के साथ-साथ दो प्रकार के प्राइमेट्स (Primates) भी सम्मिलित थे।
  • टीके के नैदानिक परीक्षण के पहले एवं दूसरे चरण का परीक्षण 1 अगस्त‚ 2020 को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
  • तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण को 12 अगस्त‚ 2020 से रूस‚ अमेरिका‚ ब्राजील‚ मेक्सिको‚ संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब आदि देशों में 2000 से अधिक लोगों पर किया जाएगा।
  • टीके को रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए आपातकालीन नियमों (Emergency Rules) के तहत रूसी नागरिकों के टीकाकरण के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है।
  • टीके का बड़े पैमाने पर उत्पादन सितंबर‚ 2020 में शुरू होने की उम्मीद है।
  • यह टीका SARS-CoV-2 प्रकार के एडिनोवायरस वेक्टर (Adenovirus Vector) के डीएनए पर आधारित है‚ जो एक सामान्य कोल्ड/जुकाम का वायरस है।
  • टीके में रोगजनक (Pathogen) की एक छोटी मात्रा को वितरित करने के लिए एक कमजोर वायरस का प्रयोग किया गया है‚ जो प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को सक्रिय करता है।
  • टीके को दो खुराक में दिया गया है‚ जिसमें दो प्रकार के मानव एडिनोवायरस वेक्टर (rAd26 और rAd5) विद्यमान हैं‚ प्रत्येक में कोविड-19 का एस-प्रोटीन (s-Protein) मौजूद है‚ जो मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है।
  • एडिनोवायरस वेक्टर टीका
  • टीकों के मुख्य प्रकारों में वायरल वेक्टर टीके‚ वायरस आधारित टीके‚ न्यूक्लिक एसिड (Nucleic acid) आधारित टीके और प्रोटीन आधारित टीके हैं।
  • एडिनोवायरस (Adenovirus) डीएनए वायरस होते हैं‚ जो सामान्यत: जुकाम (Common Cold) एवं श्वसन संक्रमण के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • जबकि वेक्टर (Vector) ऐसे वायरस होते हैं‚ जिनसे बीमारियों के लिए जिम्मेदार जीन (Gene) को हटा दिया जाता है। अत: अब इनसे संक्रमण का कोई खतरा नहीं रहता है।
  • वैज्ञानिक इस टीके में वेक्टर का उपयोग किसी वायरस से प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए जीन या टीका एंटीजन को लक्षित ऊतक तक पहुंचाने के लिए करते हैं।
  • वैक्सीन के लिए एडिनोवायरस को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि एडिनोवायरस का डीएनए दोहरी कुंडली युक्त होता है‚ जो आनुवांशिक रूप से अधिक स्थिर है तथा इंजेक्शन के बाद उसके परिवर्तित होने की संभावना कम होती है।
  • रूस के गामलेया राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान द्वारा एडिनोवायरस आधारित वेक्टर का उपयोग करते हुए तीन इबोला वैक्सीन का निर्माण किया जा चुका है।
  • यद्यपि इस टीके की कुछ कमियां हैं जैसे- मनुष्यों में पहले से मौजूद प्रतिरक्षा‚ ज्वलनशील प्रतिक्रियाएं आदि।

सं. विजय सिंह