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सुखना झील को कानूनी इकाई का दर्जा

Legal status of Sukhna Lake
  • वर्तमान परिपे्रक्ष्य
  • पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में ‘सुखना झील’ को जीवित इकाई घोषित किया।
  • उच्च न्यायालय ने यह निर्णय वर्ष 2009 की एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
  • झील के अस्तित्व को बचाने के लिए केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के सभी नागरिकों को झील का लोको पेरेंटिस (माता-पिता की तरह) घोषित किया गया है। इसके अलावा झील के जलग्रहण क्षेत्र में नए निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • निर्णय के अन्य बिंदु
  • ‘सुखना झील’ अस्तित्व संरक्षण हेतु एक कानूनी इकाई होगी।
  • चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वह तीन महीने की अवधि में इसे आर्द्रभूमि घोषित करे।
  • सुखना झील के जलग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी निर्माण को ध्वस्त किया जाए तथा प्रभावित लोगों को मुआवजा और विस्थापित करने की योजना पर कार्य करे।
  • चंडीगढ़ प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि झील की भंडारण क्षमता में वृद्धि की जाए तथा झील का नियमित प्रवाह बना रहे।
  • जलीय खरपतवारों को छह महीने के अंदर साफ करने का आदेश भी दिया गया है।
  • अन्य उदाहरण
  • दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर अपने संविधान में ‘प्रकृति के अधिकारों’ को मान्यता प्रदान करने वाला पहला देश था।
  • न्यूजीलैंड द्वारा भी व्हानगानुई नदी को जीवित व्यक्ति का दर्जा प्रदान किया गया था।
  • वर्ष 2017 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा गंगा और यमुना नदियों को कानूनी इकाई घोषित किया गया था‚ हालांकि बाद में उच्चतम न्यायालय द्वारा इस निर्णय पर रोक लगा दी गई।
  • वर्ष 2018 में न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने हरियाणा में जानवरों को ‘कानूनी इकाई’ का दर्जा प्रदान किया था।
  • न्यायमूर्ति राजीव शर्मा वर्ष 2017 में उस न्यायपीठ का हिस्सा थे‚ जिसने गंगा और यमुना को कानूनी इकाई का दर्जा प्रदान किया था।
  • कानूनी इकाई का महत्व
  • एक कानूनी इकाई का आशय है‚ जो प्राकृतिक व्यक्ति की तरह कार्य करता है एवं इससे संबंधित मामलों को न्यायिक दायरे में लाया जा सकता है।
  • सुखना झील एक कृत्रिम झील है‚ जो कि चंडीगढ़ में अवस्थित है।
  • सुखना झील का निर्माण वर्ष 1958 में प्रसिद्ध वास्तुकार ली. कार्बुसियर द्वारा किया गया था।
  • शिवालिक पहाड़ी की तलहटी में स्थित इस झील का निर्माण शिवालिक पहाड़ी के अपवाह से जल एकत्र करने के लिए किया गया था।
  • सुखना झील के पास ही एक वन्यजीव अभयारण्य  भी है‚ जो सांभर‚ पैंगोलिन‚ जंगली सुअर‚ कोबरा एवं अन्य प्रजातियों का घर है।

संऋषभ मिश्रा