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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का गठन

Shri Ram Janmabhoomi Pilgrimage Area Trust formed
  • वर्तमान संदर्भ
  • 9 नवंबर, 2019 को अयोध्या प्रकरण के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए ऐतिहासिक फैसले के अनुपालन के संदर्भ में भारत सरकार द्वारा अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए –
  • 5 फरवरी, 2020 को ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास’ के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इसी के साथ सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार, अयोध्या में ही विवादित परिसर से अलग मस्जिद के निर्माण के लिए किसी प्रमुख स्थान पर 5 एकड़ जमीन ‘सुन्नी वक्फ बोर्ड’ को आवंटित करने का भी निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार को दिया गया।
  • विदित हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए अयोध्या में ही मुसलमानों के लिए किसी विशेष स्थान पर 5 एकड़ जमीन आवंटित किए जाने का निर्देश दिया था।
  • इस जमीन पर सुन्नी वक्फ बोर्ड मस्जिद बनाने के लिए स्वतंत्र होगा।
  • विदित रहे कि उपरोक्त प्रकरण की सुनवाई कर रही सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय पीठ ने सर्वसम्मति से ‘राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद’ के मूल परिसर की 2.77 एकड़ विवादित भूमि को भगवान रामलला विराजमान को प्रदान करने का निर्णय दिया था।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महत्वपूर्ण बिंदु
  • राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की प्रथम बैठक 19 फरवरी, 2020 को नई दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें अध्यक्ष तथा अन्य सदस्यों का चुनाव किया गया।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में कुल 15 सदस्य होंगे, जिसमें   से 1 सदस्य हमेशा दलित समाज से रहेगा।
  • न्यास मंदिर निर्माण से जुड़े हर फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होगा।
  • सरकार ने नियम बनाए हैं, जिसके तहत यह न्यास काम करेगा।
  • न्यास मंदिर निर्माण का रोडमैप तैयार करेगा। मंदिर निर्माण में आने वाली समस्त बाधाओं को न्यास दूर करेगा।
  • यह न्यास श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा।
  • न्यास श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिर निर्माण के लिए किसी भी व्यक्ति/संस्था से दान, अनुदान, अचल संपत्ति और सहायता स्वीकार कर सकता है। साथ ही न्यास ऋण भी ले सकता है।
  • मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त धन के निवेश का फैसला न्यास ही करेगा।
  • मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान का इस्तेमाल सिर्फ न्यास के कार्यों के लिए किया जाएगा, अन्य किसी कार्य के लिए नहीं।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास से जुड़ी संपत्ति के बेचने का अधिकार ट्रस्टीज को नहीं होगा।
  • न्यास को मिले दान और खर्च की बैलेंस शीट (Balance Sheet) बनाई जाएगी। चार्टर्ड एकाउंटेंट न्यास के खातों का ऑडिट करेगा।
  • ट्रस्ट के सदस्यों को वेतन का प्रावधान नहीं है, लेकिन सफर के दौरान हुए खर्च का भुगतान न्यास के द्वारा किया जाएगा।
  • सभी ट्रस्टी मिलकर एक अध्यक्ष की नियुक्ति करेंगे, जो सभी बैठकों की अध्यक्षता करेगा। न्यास का एक महासचिव व एक कोषाध्यक्ष भी होगा।
  • निर्मोही अखाड़ा के प्रमुख महंत नृत्यगोपालदास न्यास के अध्यक्ष है।
  • जबकि महासचिव के पद पर चंपत राय हैं।
  • केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र  मिश्र को मंदिर निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के अन्य सदस्य

1. महंत दिनेन्द्र दास, निर्मोही अखाड़ा के महंत

  2.   वासुदेवानंद सरस्वती, प्रयागराज

  3. स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, उडुपी, कर्नाटक

  4.   युग पुरुष परमानंद गिरी, उत्तराखंड

  5.   स्वामी गोविन्ददेव गिरि, पुणे (कोषाध्यक्ष)

  6.   विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा, अयोध्या राजपरिवार के वंशज

  7. डॉ. अनिल मिश्रा, अयोध्या

  8.   कामेश्वर चौपाल, पटना (दलित सदस्य)

  9.   के. परासरन, वरिष्ठ अधिवक्ता

 10. ज्ञानेश कुमार, अपर सचिव गृह, भारत सरकार (नामित सदस्य)

 11. अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव, उ.प्र. (नामित सदस्य)

  12. अनुज झा, जिलाधिकारी, अयोध्या (पदेन सदस्य)

  • आधिकारिक वेबसाइट
  • 17 जून, 2020 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट (https://srjbtkshetra.org) का संचालन प्रारंभ कर दिया गया।
  • इस वेबसाइट पर न्यास के गठन से लेकर राम मंदिर निर्माण की  प्रगति का पूरा ब्यौरा अपलोड किया गया है।

सं. अमित त्रिपाठी