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वैश्विक नवाचार सूचकांक‚ 2020

  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य  
  • हाल ही में ‘वैश्विक नवाचार सूचकांक‚ 2020’ (Global Innovation Index, 2020) जारी किया गया‚ जिसमें भारत को 48वां स्थान प्राप्त हुआ है।  
  • ऐसा पहली बार हुआ है‚ जब भारत को शीर्ष 50 देशों के समूह में शामिल किया गया है।
  • वैश्विक नवाचार का यह 13वां संस्करण है‚ जिसे 2 सितंबर‚ 2020 को जारी किया गया। è 
  • इस वर्ष भारत की रैंकिंग में चार पायदान का सुधार हुआ है।
  • वैश्विक परिदृश्य  
  • इस सूचकांक के अंतर्गत विश्व की 131 अर्थव्यवस्थाओं को नवाचार क्षमता और परिणामों के आधार पर रैंकिंग दी गई है।  
  • विभिन्न देशों के नीति-निर्माता अपनी आर्थिक नीति के निर्माण के लिए नवाचार को भी एक कारक के रूप में देखते हैं।  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक का उद्देश्य ऐसे तरीकों एवं सुझावों को खोजना है‚ जो समाज में नवाचार की समृद्धि को बेहतर ढंग से समझाने में समर्थ हों।  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक‚ 2020 का विषय है‚ ‘‘नवाचार को वित्त कौन प्रदान करेगा?’’ (Who will Finance Innovation)?।
  • रैंकिंग  
  • नवाचार सूचकांक की सूची में स्विट्‌जरलैंड ने अपनी शीर्ष रैंकिंग बरकरार रखी है।  
  • ध्यातव्य है कि 131 देशों की सूची में सबसे निचले पायदान पर यमन (Yemen) है।
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक के शीर्ष पांच देश

क्रम

देश

अंक

1.

स्विट्जरलैंड

66.08

2.

स्वीडन

62.47

3.

संयुक्त राज्य अमेरिका

60.56

4.

यूनाइटेड किंगडम

59.78

5.

नीदरलैंड्

58.76

  • शीर्ष 10 स्थानों पर उच्च आय वाले देशों का वर्चस्व है।
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक का प्रकाशन प्रत्येक वर्ष कॉर्नेल विश्वविद्यालय (Cornell University)‚ इनसीड बिजनेस स्कूल (INSEAD Bussiness School) और संयुक्त राष्ट्र के ‘विश्व बौद्धिक संपदा संगठन’ (World Intellectual Property Organization) द्वारा किया जाता है।  
  • आज से 53 वर्ष पूर्व संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1967 में ‘विश्व बौद्धिक संपदा संगठन’ का गठन किया था। इसका मुख्यालय जेनेवा‚ स्विट्‌जरलैंड में है।  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं को उनके नवाचार प्रदर्शन का आकलन करने की अनुमति प्रदान करता है और साथ ही प्रदर्शन में सुधार करने के लिए एक प्रतिस्पर्धी माहौल भी तैयार करता है।  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक के माध्यम से बुनियादी ढांचे‚ बाजार एवं व्यवसाय कृत्रिमता‚ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी उत्पादन में रचनात्मकता एवं सुधार होता है।
  • रैंकिंग जारी करने के मानदंड
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक को जारी करने से पूर्व इसके लगभग 80 संकेतकों का व्यापक अध्ययन किया जाता है।  
  • इस अध्ययन में मुख्य रूप से राजनीतिक वातावरण‚ शिक्षा‚ बुनियादी ढांचे एवं व्यावसायिक परिष्कार को शामिल किया गया है।  
  • इस सूचकांक में सूचीबद्ध देशों को निम्नवत आय समूह के आधार पर वर्गीकृत किया गया है-

1.   उच्च आय (High Income)

2. उच्च मध्यम आय (Upper Middle Income)

3. निम्न मध्यम आय (Lower Middle Income)

4. निम्न आय (Low Income)

  • भारत के संदर्भ में  
  • भारत ने विगत एक दशक में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Eco-system) के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति की है।  
  • भारत लगभग 5000 स्टार्टअप्स के साथ विश्व की तीसरी सबसे निम्न मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था बन गया है।  
  • वर्ष 2019 में भारत को इस सूची में 52वां स्थान प्राप्त हुआ था।  
  • भारत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology) सेवाओं के निर्यात‚ सरकारी ऑनलाइन सेवाओं और विज्ञान एवं इंजीनियरिंग में स्नातक जैसे नवाचार संकेतकों में शीर्ष 10 देशों में शामिल है।  
  • इस सूचकांक में पड़ोसी देश चीन को 14वां‚ नेपाल को 95वां‚ श्रीलंका को 101वां‚ पाकिस्तान को 107वां‚ बांग्लादेश को 116वां एवं म्यांमार को 129वां स्थान प्राप्त हुआ है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य  
  • वैश्विक नवाचार सूचकांक की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी।  
  • ध्यातव्य है कि वर्ष 2015 में इस सूचकांक में भारत को 81वां स्थान प्राप्त हुआ था।  
  • भारत निम्न मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में उच्चतम नवाचार गुणवत्ता वाला देश है।

सं. अभय पाण्डेय

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