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विश्व का पहला जीवित रोबोट − जेनोबोट्स

The world's first living robot - xenobots
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • संयुक्त राज्य अमेरिका के वैज्ञानिकों ने विश्व का पहला ‘जीवित रोबोट’ विकसित किया है‚ जिसका नाम जेनोबोट्‌स (Xenobots) रखा गया है।
  • इस सूक्ष्म रोबोट को अफ्रीकी पंजे वाले मेंढक जेनोपस लाविस (Xenopus Laevis) की कोशिकाओं से निर्मित किया गया है।
  • इस सूक्ष्म रोबोट का नामकरण भी जलीय मेंढक ‘जेनोपस लाविस’ (Xenopus Laevis) की प्रजाति के नाम पर किया गया है।
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  • प्रमुख तथ्य
  • ‘वरमोंट विश्वविद्यालय’ के वैज्ञानिकों ने इस सूक्ष्म रोबोट को  मेढंक भ्रूण से स्क्रैप की गई जीवित कोशिकाओं से विकसित किया है।
  • जेनोबोट्‌स किसी दिए गए लक्ष्य की तरफ बढ़ सकते हैं और भार ले जाने में सक्षम हैं।
  • इस सूक्ष्म रोबोट को एक सुपरकंप्यूटर पर डिजाइन किया गया है एवं इसका परीक्षण ‘टफ्ट्‌स विश्वविद्यालय’ की प्रयोगशाला में किया गया है।
  • जेनोपस लाविस (Xenopus Laevis)
  • जेनोपस लाविस अफ्रीकी जलीय मेंढकों की एक प्रजाति है‚ जो अफ्रीकी पंजे वाले मेंढकों के नाम से जानी जाती है।
  • इस प्रजाति की मुख्य विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से जलीय प्राणी है एवं वर्ष भर अंडे उत्पादन करने में सक्षम है।
  • इसके अतिरिक्त ये अनुवांशिक रूप से मनुष्य से काफी मेल खाते हैं‚ जिससे कशेरुक विकास एवं मानव रोगों के शोध के लिए यह उपयुक्त साबित हैं।
  • अनुप्रयोग
  • इन सूक्ष्म रोबोटों को निम्न क्षेत्रों में प्रयोग किया जा सकता है-
  • रेडियोधर्मी कचरे को साफ करने में
  • महासागरों से माइक्रोप्लास्टिक एकत्र करने में
  • मानव शरीर में दवा पहुंचाने आदि में।

संऋषभ मिश्रा