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विज्ञान ज्योति योजना

Vigyan Jyoti Scheme
  • वर्तमान संदर्भ
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च‚ 2020 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) के अंतर्गत संचालित ‘TIFAC’ (Technology Information and Forecasting and Assessment Council : TIFAC) द्वारा ‘विज्ञान ज्योति’ योजना को प्रारंभ करने की घोषणा की।
  • विज्ञान ज्योति योजना मुख्यत: ग्रामीण अंचलों से आने वाली छात्राओं पर केंद्रित है।
  • चर्चा की शुरुआत
  • 28 फरवरी‚ 2020 को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित ‘नेशनल टॉस्क फोर्स’ की ‘विज्ञान में महिलाएं (Women in Science) रिपोर्ट‚ 2016’ का उल्लेख किया।
  • रिपोर्ट में विज्ञान के क्षेत्र में महिला कार्यबल की स्थिति काफी निराशाजनक रही। रिपोर्ट के अनुसार-
  • भारत में शोध एवं विकास (R&D) कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 15 प्रतिशत है‚ जो कि वैश्विक औसत 30 प्रतिशत की तुलना में आधी है।
  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का शीर्षक भी ‘‘विज्ञान में महिलाएं’’ रखा गया।
  • इसी अवसर पर राष्ट्रपति ने विज्ञान के क्षेत्र में लैंगिक असमानता (Gender Inequality) को दूर करने के लिए तीन नई परियोजनाओं की घोषणा की-
  • लैंगिक सुधार के लिए संस्थाओं का रूपांतरण (Gender Advancement for Transforming Institutions)
  • विज्ञान ज्योति योजना
  • महिलाओं के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर केंद्रित पोर्टल
  • पहली बार यह विषय चर्चा में तब आया जब केंद्र सरकार ने अक्टूबर‚ 2019 में विज्ञान‚ प्रौद्योगिकी‚ अभियांत्रिकी एवं गणित (Science, Technology, Engineering and Mathematics : STEM) में महिलाओं की कम भागीदारी को देखते हुए‚ छात्राओं में इन क्षेत्रों (विज्ञान‚ प्रौद्योगिकी‚ अभियांत्रिकी व गणित) के प्रति अभिरुचि विकसित करने एवं इन विषयों में अध्ययन के लिए किसी शीर्ष संस्थान में पहुंचने पर उन्हें वित्तीय सहायता देने के लिए एक कार्यक्रम की योजना बनाई।
  • विज्ञान ज्योति योजना
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस योजना को विज्ञान ज्योति योजना नाम दिया गया है।
  • विज्ञान ज्योति एक पहल (Initiative) है‚ जो हाईस्कूल में मेधावी लड़कियों के लिए विज्ञान‚ प्रौद्योगिकी‚ इंजीनियरिंग व गणित (STEM) में आगे बढ़ने तथा राष्ट्रीय स्तर पर इन क्षेत्रों में महिलाओं के अनुपात को सुदृढ़ करने के लिए प्रारंभ की गई है।
  • इस योजना के तहत 500 से अधिक जिलों की चयनित महिलाओं को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs)‚ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा के अन्य प्रमुख संस्थानों में संचालित ‘विज्ञान शिविर’ में भाग लेने के अवसर दिए जाएंगे‚ जहां महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।
  • इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-25 की अवधि के दरम्यान 500 जिलों के 100 छात्राओं का चयन किया जाएगा।
  • छात्राओं का चयन इनके हाईस्कूल के प्रतिशतांक के आधार पर किया जाएगा।
  • प्रौद्योगिकी सूचना‚ पूर्वानुमान और आकलन परिषद (TIFAC)
  • TIFAC की स्थापना एक स्वायत्त निकाय के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत फरवरी‚ 1988 में एक पंजीकृत सोसाइटी के रूप में की गई थी।
  • यह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का आकलन करने और साथ ही भारत में महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों में भविष्य के तकनीकी विकास के लिए दिशा-निर्देश तैयार करता है।
  • TIFAC भारत का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण ज्ञान नेटवर्क तैयार करता है।
  • व्यावसायिक अवसर के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली प्रौद्योगिकी तैयार करना‚ संगठन की तकनीकी दूरदर्शिता को लक्षित करना तथा तकनीकी विकास के लिए सुविधा और सहयोग सुनिश्चित करना‚ TIFAC के अन्य महत्वपूर्ण कार्य हैं।
  • निष्कर्ष
  • देश की आधी आबादी को अंधेरे में रखकर हम न तो ‘5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के सपने को साकार कर सकते हैं और न ही विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि अवसर और प्रोत्साहन दोनों के द्वारा महिला कार्यबल को शिक्षा‚ संचार‚ प्रौद्योगिकी‚ संस्कृति‚ खेल‚ चिकित्सा‚ रक्षा आदि सभी गतिविधियों में आगे बढ़ाया जाए। ‘विज्ञान ज्योति’ योजना उपर्युक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के क्रम में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। देखना यह है कि TIFAC इस योजना को कितनी कुशलता से इसके अंजाम तक पहुंचाता है।

संअमित त्रिपाठी