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वर्ष 2020 : उपचारिका और प्रसाविका वर्ष

Year 2020: Treatment and Prognosis Year
  • पृष्ठभूमि
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) आधुनिक नर्सिंग (स्वास्थ्य देखभाल) व्यवस्था की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगिल की 200वीं जयंती वर्ष 2020 में मना रहा है। सुस्थापित तथ्य है कि उपचारिकाएं और प्रसाविकाएं (Nurse and Midwifes) स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। ये वे स्वास्थ्य सेविकाएं हैं जिनका जीवन महिलाओं और बच्चों की देखभाल‚ जीवनरक्षक प्रतिरक्षण उपलब्ध करवाने; स्वास्थ्य सुझाव देने और वृहद लोगों की देखभाल करने आदि स्वास्थ्य विषयक कार्यों के लिए समर्पित है। इसी संदर्भ में‚ जबकि (WHO) वर्ष 2030 तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य पहुंच सुनिश्चित करना चाहता है। WHO का मानना है कि उसे 90 लाख अतिरिक्त उपरिचारिकाओं एवं प्रसाविकाओं की आवश्यकता पड़ेगी। इसी संदर्भ में WHO ने वर्ष 2020 को ‘‘उपचारिका और प्रसाविका वर्ष’’ (Year of the Nurse and Midwife) के रूप में मनाने का निश्चय किया है।
  • वर्तमान संदर्भ
  • 30 जनवरी‚ 2019 को जेनेवा स्विट्‌जरलैंड में आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) ने वर्ष 2020 को उपचारिका एवं प्रसाविका (Year of the Nurse and Midwife) के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया था।
  • उपर्युक्त प्रस्ताव को WHO के सदस्य देशों की 72वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA) जिसका आयोजन 20-28 मई‚ 2019 के मध्य जेनेवा में संपन्न हुआ‚ में सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
  • वर्ष 2020  WHO के लिए इस संदर्भ में भी महत्वपूर्ण वर्ष है कि इसी वर्ष WHO विश्व में नर्सिंग परिदृश्य पर स्थिति रिपोर्ट जारी करेगा। इस रिपोर्ट को WHO तथा अंतरराष्ट्रीय नर्स काउंसिल (International Nurse Council : INC) के सहयोग से संचालित ‘नर्सिंग नाऊ! अभियान’ (Nursing Now! Compaign) के द्वारा मिलकर तैयार किया गया है। वर्ष 2020 में आयोजित होने वाली 73वीं विश्व स्वास्थ्य सभा की बैठक से ठीक पहले यह रिपोर्ट प्रकाशित की जानी है।
  • नर्सिंग नाऊ! अभियान और GPW-13 लक्ष्य
  • वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में सुधार के लिए नर्सिंग नाऊ! अभियान वर्ष 2018-2020 का एक त्रिवर्षीय कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
  • उपर्युक्त संदर्भ में‚ ‘नर्सिंग नाऊ! अभियान’ WHO के सदस्य देशों में राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श करने तथा नीति-वार्ता आयोजित करने में मदद करता है ताकि वर्ष 2020 तक नर्सिंग की स्थिति में सुधार के महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें।
  • यह अभियान यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्थित एक धर्मार्थ संस्था ‘बर्डेट ट्रस्ट फॉर नर्सिंग’ (Burdett Trust for Nursing) द्वारा चलाया जाने वाला कार्यक्रम है।
  • अभियान SDG लक्ष्यों पर आधारित तेरह लक्ष्यों जिसे GPW-13 (General Programme of Work-13) नाम दिया गया है‚ के लक्ष्यों की प्राप्ति में नर्सिंग कार्यबल की स्थिति को बताएगा।
  • GPW-13 लक्ष्य एक पांच वर्षीय (2019-2023) कार्यक्रम है‚ जो WHO को रणनीतिक दिशा-निर्देश देने का कार्य भी करेगा ताकि गरीबी‚ असमानता तथा मौसम परिवर्तन से संघर्ष किया जा सके।
  • GPW-13 कार्यक्रम का लक्ष्य हर उम्र के सभी व्यक्तियों के बेहतर जीवन और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना‚ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) को प्राप्त करना तथा स्वास्थ्य इमरजेंसी व स्वस्थ जनसंख्या को प्रोत्साहित करना है।
  • अभियान की दो तकनीकी रिपोर्टों के अनुसार‚ विश्व स्वास्थ्य कार्यबल का 50 प्रतिशत उपचारिकाओं एवं प्रसाविकाओं द्वारा निर्मित होता है तथा वर्ष 2030 तक विश्व स्वास्थ्य कार्यबल में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी होने की संभावना भी है। अत: इस क्षेत्र पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • नर्सिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने से SDG के दो महत्वपूर्ण लक्ष्यों :

   • SDG 5 – लैंगिक समानता

   • SDG 8 – आर्थिक विकास में योगदान

   को भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

  • WHO की उपचर्या एवं प्रसूति (Nursing and Midwifery) पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट के अनुसार‚ इस क्षेत्र में निवेश के तीन सामाजिक लक्ष्यों की प्राप्ति होती है :

   • स्वास्थ्य में सुधार

   • स्वास्थ्य सुरक्षा व

   • समावेशी आर्थिक विकास

  • वैश्विक रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में 70 प्रतिशत कार्यबल महिलाओं द्वारा निर्मित है‚ जबकि अन्य क्षेत्रों में तुलनात्मक महिला कार्यबल की भागीदारी मात्र 41 प्रतिशत है।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य पर अस्ताना घोषणा‚ 2018 में निहित ‘रोगी केंद्रित देखभाल’ (Patient-Centred Case) की सामुदायिक प्रतिबद्धता को पूरा करने में उपचारिकाओं एवं प्रसाविकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया है।

संअमित त्रिपाठी