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वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020

World Monument Watch List, 2020
  • पृष्ठभूमि
  • ‘वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020’ (World Monument Watch List, 2020) विश्व के प्रतिष्ठित स्मारकों से संबंधित है। इनमें विश्व के ऐसे 25 स्थलों को शामिल किया गया है, जो समकालीन सामाजिक प्रभाव के साथ महान ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं।
  • विश्व स्मारक स्थलों की सूची ‘विश्व स्मारक कोष’ (World Monuments Fund : WMF) द्वारा तैयार की जाती है, जो न्यूयॉर्क स्थित एक गैर-लाभकारी निकाय है।
  • ध्यातव्य है कि विश्व स्मारक कोष (WMF), विश्वभर में प्राचीन स्मारकों की बहाली की निगरानी करता है।
  • गौरतलब है कि सभी प्रकार के विरासत स्थल और कोई भी सांस्कृतिक स्थल (प्राचीन से लेकर आधुनिक तक), वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020 में शामिल किए जाने के लिए पात्र हैं।
  • वॉच प्रोग्राम के पिछले चक्रों में नामांकित या शामिल किए गए स्थलों को पुनः नामांकित किया जा सकता है और वे उसी समीक्षा और चयन प्रक्रिया से गुजरेंगे, जिसमें इस बात पर जोर दिया जाएगा कि हस्तक्षेप के समय में स्थलों के आस-पास के हालात  कैसे बदल गए हैं।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 29 अक्टूबर, 2019 को विश्व स्मारक कोष ने वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020 की घोषणा की।
  • इस वर्ष की सूची में 22 देशों के 25 स्थलों को शामिल किया गया है।
  • वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020 में 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान सुरक्षा पहल के लिए सूची में शामिल 25 स्थलों के समूह को दिया जाएगा।
  • भारतीय परिप्रेक्ष्य
  • ध्यातव्य है कि वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020 की सूची में दो भारतीय स्थलों को भी शामिल किया गया है।
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  • सूची में शामिल भारत के दो स्थल हैं- दक्कन के पठार की ऐतिहासिक जल प्रणाली (कर्नाटक और महाराष्ट्र) और सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम (अहमदाबाद, गुजरात)।
  • दक्कन के पठार की ऐतिहासिक जल प्रणाली
  • दक्कन के सफल शासकों ने जल आपूर्ति के लिए जलाशयों, टैंकों, कुओं और चैनलों की विस्तृत प्रणाली का निर्माण किया था।
  • दौलताबाद के शासकों ने आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित जल की धाराओं को एकत्रित करके जलाशय बनवाए और जल आपूर्ति हेतु भूमिगत प्रणाली का निर्माण किया।
  • जल आपूर्ति हेतु तत्कालीन दक्कन के शासकों ने करेज प्रणाली का बड़े पैमाने पर उपयोग किया था, जैसा कि बीजापुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में प्रचलित ‘सुरंगा बावड़ी’ इसका एक अच्छा उदाहरण है।
  • हालांकि करेज प्रणाली का निर्माण 16वीं शताब्दी में अली आदिल शाह-I द्वारा किया गया था, लेकिन उनके उत्तराधिकारी इब्राहिम आदिल शाह-II ने इसे मजबूत करने के लिए और अधिक संरचनाओं को जोड़कर कई बदलाव किए।
  • सुरंगा बावड़ी
  • सुरंगा बावड़ी, बीजापुर (कर्नाटक) में स्थित है।
  • यह आदिलशाही शासकों के द्वारा निर्मित एक भूमिगत सुरंग है, जिसके माध्यम से पानी की आपूर्ति हेतु करेज प्रणाली का उपयोग किया जाता था।
  • न्यूयॉर्क स्थित एक गैर-सरकारी संगठन ने इसे विश्वभर के 24 अन्य स्मारकों के साथ वर्ष 2020 में वर्ल्ड मोनुमेंट वॉच लिस्ट में शामिल किया है।
  • इसके साथ ही, सुरंगा बावड़ी को अगले दो वर्षों के भीतर पुनर्स्थापना हेतु कोष प्राप्त होने की उम्मीद है।
  • क्या है करेज प्रणाली?
  • करेज प्रणाली एक प्राचीन हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग तकनीक है, जो सिंचाई और जल आपूर्ति के उद्देश्यों के लिए शुष्क/अर्द्धशुष्क जलवायु क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जाता है।
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  • इस सरल प्रणाली में, एक धीमी ढलान वाली भूमिगत सुरंग को एक बड़े क्षेत्र वाले भू-जल क्षेत्र से जोड़ दिया जाता है, जहां से जल एकत्र किया जा सके।
  • करेज का पानी ताजा, ठंडा और साफ होता है, जिसे किसी भी जल उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।
  • ध्यातव्य है कि पारंपरिक प्रणालियां पानी की आपूर्ति के प्राकृतिक दर को सीमित करती है।
  • जैसे-जैसे वैश्विक जल संकट बढ़ रहा है, पारंपरिक प्रणालियां अद्यतन चुनौती के लिए सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
  • यह हमारी जल चेतना को बदलने में मदद कर सकता है और देखभाल और संरक्षण की एक नई नीति को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।
  • सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम (अहमदाबाद, गुजरात)
  • सरदार वल्लभभाई पटेल स्टेडियम 1960 के दशक में निर्मित किया गया था और इसे भारतीय वास्तुकला के आधुनिकतावादी चरण के दो सबसे प्रमुख व्यक्तियों  आर्किटेक्ट चार्ल्स कोरिया और स्ट्रक्चरल इंजीनियर महेंद्र राज द्वारा अभिकल्पित (Design) और निष्पादित किया गया था।
  • अहमदाबाद के तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य में इस स्टेडियम का सार्वजनिक स्थान के रूप में विशेष महत्व है, जिसके कारण इसे वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट, 2020 में शामिल किया गया है।
  • निष्कर्ष
  • वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच, 25 जोखिम-संबंधी सांस्कृतिक विरासत स्थलों का एक द्विवार्षिक चयन है, जिन्हें शहरीकरण, राजनीतिक उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदा और हिंसक संघर्षों जैसे खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, या वे सम्मोहक संरक्षण के अवसर प्रस्तुत करते हैं।
  • विश्व स्मारक होने से संरक्षण की आवश्यकता वाले स्थलों पर अत्यधिक ध्यान देने में मदद मिलती है और अतीत की सूची में शामिल कई स्थलों को बचाने में सहायता प्राप्त हुई है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट एक वैश्विक कार्यक्रम है, जो सांस्कृतिक विरासत संरक्षण का उपयोग समुदायों का लचीलापन बढ़ाने, सामाजिक  समावेश को बढ़ाने और विरासत संरक्षण क्षेत्र में और उससे आगे नई क्षमताओं का निर्माण करने के लिए करता है।
  • वर्ल्ड मॉनुमेंट वॉच लिस्ट में शामिल प्रत्येक स्थल एक स्थानीय कहानी बयां करती है, जो वैश्विक महत्व की होती है।
  • अन्य स्मारकों में पेरिस का नोट्रे-डेम, कनाडा का ओंटारियो प्लेस, इंकास की पवित्र घाटी (पेरू), अनारकली बाजार (लाहौर, पाकिस्तान), यूएसए का बीयर्स ईरस राष्ट्रीय स्मारक आदि प्रमुख हैं।

सं. अमित शुक्ला