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राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद

National Startup Advisory Council
  • वर्तमान परिदृश्य
  • देश में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद’ (National Startup Advisory Council-NSAC) नामक एक परिषद को अधिसूचित किया है।
  • यह अधिसूचना 21 जनवरी, 2020 को जारी की गई।
  • यह परिषद केंद्र सरकार को भारत में स्टार्टअप्स कंपनियों के लिए उचित वातावरण बनाने हेतु सुझाव प्रदान करेगी।
  • विश्व की ‘स्टार्टिंग ए बिजनेस’ रैंकिंग में भारत को 136वां स्थान प्राप्त हुआ है। हालांकि यह परिषद रैंकिंग सुधार पर भी कार्य करेगी।
  • पृष्ठभूमि
  • विदित हो कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नवाचार के लिए मजबूत तंत्रों एवं उद्योगों का निर्माण करना है, जिससे देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार उत्पन्न हो।
  • ‘स्टार्टअप इंडिया’ (Startup India) कार्यक्रम की शुरुआत 16 जनवरी, 2016 को की गई।
  • वित्त वर्ष 2019 की पहली छमाही में भारतीय स्टार्टअप्स को 1300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई।
  • इसके साथ ही इस योजना के तहत बांटी गई कुल राशि 3,123.7 करोड़ रुपये पहुंच गई।
  • बजट 2019-20 में अनेक ऐसे ‘कर’ प्रस्तावों की घोषणा की गई, जिनका उद्देश्य उन्नत प्रौद्योगिकी वाले उदीयमान उद्योगों और स्टार्टअप्स में निवेश को बढ़ाना था।
  • स्टार्टअप्स के क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार को एक ऐसे इकाई की आवश्यकता थी, जो आगामी समय में स्टार्टअप्स को आसान एवं बेहतर बना सके।
  • जिसके लिए सरकार ने ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद’ को अधिसूचित किया।
  • संघटन
  • राष्ट्रीय स्टार्टअप सलाहकार परिषद की अध्यक्षता ‘वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री’ (Minister of Commerce and Industry) करेंगे।
  • इस परिषद में गैर-आधिकारिक सदस्य होंगे, जिन्हें केंद्र सरकार सफल स्टार्टअप्स के संस्थापकों, भारत में कंपनी बनाने एवं उसे विकसित करने में अनुभवी व्यक्तियों, स्टार्टअप्स में निवेशकों के हितों का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम लोगों, इन्क्यूबेटरों (Incubators) एवं उत्प्रेरकों का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम लोगों और स्टार्टअप्स के हितधारकों के संघों के प्रतिनिधियों जैसे विभिन्न वर्गों से नामांकित करेगी।
  • स्टार्टअप सलाहकार परिषद के गैर-आधिकारिक सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष (2 Years) का होगा।
  • संबंधित मंत्रियों/विभागों/संगठनों के व्यक्ति, जो भारत सरकार में संयुक्त सचिव के पद से नीचे का न हो, परिषद के पदेन सदस्य होंगे।
  • उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) के संयुक्त सचिव परिषद के संयोजक होंगे।
  • परिषद प्रत्येक तिमाही में कम-से-कम एक बार बैठक करेगी, बैठक का कोरम बोर्ड के कुल सदस्यों का एक-तिहाई होगा।
  • उद्देश्य
  • संपूर्ण देश, अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों सहित, अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में नागरिकों, विशेष रूप से विद्यार्थियों में नवप्रयोग की संस्कृति को बढ़ावा देना।
  • उद्योगों में नवप्रयोगों का समावेश करने के लिए वातावरण का निर्माण करना तथा उत्पादकता और दक्षता में सुधार के लिए प्रोत्साहन देना सार्वजनिक उद्यमों को जन केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए सहायता करना।
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों के सृजन, संरक्षण एवं वाणिज्यीकरण को बढ़ावा देना।
  • विनियामक अनुपालनों और लागतों में कमी करके व्यवसाय शुरू करने, आगे बढ़ाने एवं संचालन को आसान बनाना।
  • स्टार्टअप्स के लिए पूंजी तक पहुंच को आसान बनाना।
  • भारतीय स्टार्टअप्स में निवेश के लिए वैश्विक पूंजी संवर्धन करना।
  • मूल प्रायोजकों का स्टार्टअप्स पर नियंत्रण बनाए रखना।
  • भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में सहायता प्रदान करना।
  • लाभ
  • देश में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलने से व्यापार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होगा।
  • स्टार्टअप्स में रचनात्मक एवं अभिनव विचारों को प्रतिस्थापित करने हेतु नए मंच (Platform) प्राप्त होंगे।
  • स्थानीय एवं छोटे कारोबारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे।
  • स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलते ही बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित नवप्रयोगों को पहचान मिलेगी।

सं. अभय कुमार पाण्डेय