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मॉरीशस में तेल रिसाव : आपातकाल घोषित

Oil spill in Mauritius: Emergency declared
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 6 अगस्त‚ 2020 को मॉरीशस ने हिंद महासागर में देश के दक्षिण-पूर्वी तट पर फंसे जापान के स्वामित्व वाले ‘एमवी वाकाशिओ’ (MV Wakashio) जहाज से तेल का रिसाव शुरू होने के बाद ‘पर्यायवरणीय आपातकाल’ की घोषणा कर दी।
  • ध्यातव्य है कि यह जहाज 25 जुलाई‚ 2020 से प्वाइंटे डीसनी (Painte D’Esny) के क्षेत्र में फंसा था।
  • एमवी वाकाशिओ जहाज पर लगभग 4000 टन डीजल और ईंधन तेल मौजूद था।
  • प्वाइंटे डी’सनी के आस-पास बहुत से ‘पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र’ मौजूद हैं।
  • इनमें शामिल हैं- समुद्री पार्क (Marine Park)‚ प्रवाल भित्तियां (Coral Reefs)‚ रिजर्वेयर (Reservoir) इत्यादि।
  • तेल रिसाव का प्रभाव
  • तेल रिसाव होने से मॉरीशस की ‘तटीय पारिस्थितिकी’ और हिंद महासागर के समुद्री जीवन को खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • यह तेल रिसाव पहले से सुभेद्य प्रवाल भित्तियों‚ जीवों‚ उथले समुद्री जल निकायों‚ मैंग्रोव आदि के लिए खतरा उत्पन्न करेगा।
  • इसमें कुछ वन्य जीवों को ज्यादा खतरा है। इनमें विशालकाय कछुए (Giant Tartoises), हरे कछुए (Green Turtle) और गुलाबी कबूतर (Pink Pigeon) इत्यादि शामिल हैं।
  • गुलाबी कबूतर मॉरीशस के मस्कारीन द्वीप (Mascarene Island) पर पाए जाते हैं।
  • ये आईयूसीएन की रेड डाटा लिस्ट में गंभीर खतरे (Critically Endangered) वाली सूची में शामिल हैं।
  • इस रिसाव से ‘ब्लू बे मरीन पार्क’ (Blue Bay Marine Park) भी प्रभावित हुआ है।
  • ये पार्क रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि में शामिल हैं।
  • यहां पर प्रवाल भित्तियां‚ मैंग्रोव‚ समुद्री घास और शैवालों की उपस्थिति‚ इसे पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र बनाती है।
  • दुर्घटना की कार्यवाहियां
  • इस दुर्घटना के लिए ‘बंकर तेल प्रदूषण के लिए नागरिक दायित्व पर अंतरराष्ट्रीय अभिसमय‚ 2001‘ (International Convention on Civil Liability for Bunker Oil Pollution) के तहत जहाज के मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
  • यह अभिसमय ‘बंकर अभिसमय’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2008 में इस अभिसमय को लागू किया गया।
  • ध्यातव्य है कि इस अभिसमय का प्रशासन अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization : IMO) के द्वारा किया जाता है।
  • इस अभिसमय को यह सुनिश्चित करने के लिए अपनाया गया था कि जहाजों के बंकरों में ईंधन के रूप में ले जाने पर तेल रिसाव से होने वाले नुकसान का सामना करने वाले लोगों को पर्याप्त त्वरित और प्रभावी मुआवजा उपलब्ध हो।
  • तेल रिसाव की सफाई
  • तेल रिसाव की दुर्घटना होने पर जल सतह से तेल को हटाने के लिए तमाम प्रविधियों का प्रयोग किया जाता है। इनमें शामिल हैं-
  • कंटेंमेंट बूम्स (Containment Booms) : ये तैरते अवरोधक होते हैं‚ जो तेल के प्रसार को रोकते हैं। इसके माध्यम से जल की सतह से तेल हटाने में मदद मिलती है।
  • स्कीमर्स (Skimmers) : ये ऐसे उपकरण होते हैं‚ जिनका उपयोग जल की सतह से तेल को भौतिक रूप से अलग करने के लिए किया जाता है।
  • सोरबेंट्स (Sorbents) : सोरबेंट्स ऐसी वस्तुएं होती हैं‚ जो जल की सतह से तेल को अवशोषित कर लेती हैं। इनमें पुआल‚ ज्वालामुखीय राख और पॉलिएस्टर-व्युत्पन्न प्लास्टिक की छीलन इत्यादि को शामिल किया जाता है।
  • डिसपर्सिंग एजेंट (Dispersing Agent) : ये ऐसे रसायन होते हैं‚ जिनमें सर्फैक्टेंट्स (Surfactants) अथवा यौगिक होते हैं‚ जो तरल पदार्थों जैसे तेल की छोटी बूंदों को तोड़ने का काम करते हैं।
  • जैविक एजेंट (Biological Agent) : इसमें पोषक तत्व‚ एंजाइम या सूक्ष्मजीव जैसे कि अल्केनिवोरैक्स जीवाणु (Alcanivorax Bacteria) या मिथाइलोसेला सिलवेस्ट्रिस (Methylocella Silvestris) आदि होते हैं। ये उस दर को बढ़ाते हैं‚ जिस पर तेल का प्राकृतिक जैव-अपघटन होता है।
  • तेल रिसाव की अन्य दुर्घटनाएं
  • जून‚ 2020 में रूस ने साइबेरियाई शहर नॉरिल्स्क में आपातकाल की घोषणा कर दी थी।
  • इस दुर्घटना में लगभग 20000 टन डीजल अंबरनापा नदी में बह गया था।
  • यह दुर्घटना नॉरिल्स्क के पास एक बिजली संयंत्र में हुई थी। बिजली संयंत्र का एक ईंधन टैंक फट गया था।
  • वर्ष 2010 में मेक्सिको की खाड़ी में डीप वाटर होराइजन की घटना में लगभग 400000 टन तेल का रिसाव हुआ था।

सं. विभव कृष्ण पाण्डेय