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भारत का प्रस्तावित अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र

India's proposed astronaut training center
  • वर्तमान में केवल अमेरिका‚ जर्मनी‚ रूस‚ जापान और चीन के पास अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षित करने एवं अंतरिक्ष में भेजने की सुविधा उपलब्ध है।
  • भारत में अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षण केंद्र की अनुपलब्धता के कारण गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु उन्हें रूस भेजा जाना प्रस्तावित है।
  • गगनयान मिशन हेतु चयनित चार अंतरिक्ष यात्रियों को रूस स्थित यूरी गागरिन कास्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त किया जाना है।
  • प्रस्तावित अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र : एक दृष्टि में
  • भारत में निर्माण हेतु प्रस्तावित प्रथम अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र‚ नासा के अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र की तुलना में एक-चौथाई होगा।
  • भारत का अपना ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर कर्नाटक में बंगलुरू-पुणे नेशनल हाईवे पर चल्ककेरे कस्बे से सटे उल्लारथी गांव में अगले तीन वर्षों में निर्मित होगा।
  • इस प्रशिक्षण केंद्र में व्योमनॉट्‌स (अंतरिक्ष यात्रियों) के प्रशिक्षण की सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • स्पेस क्राफ्ट के क्रू एवं सर्विस मॉड्‌यूल से लेकर अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण एवं मिशन कंट्रोल सिस्टम भी यहीं पर होगा।
  • ह्यूमन स्पेस फ्लाइट से संबंधित इसरो के अलग-अलग केंद्रों में चल रही कार्यवाहियों एवं सुविधाओं को चल्लकेरे में एक स्थान पर केंद्रित किया जाएगा।
  • इस प्रशिक्षण केंद्र में तीन अंतरिक्ष यात्रियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की सुविधा उपलब्ध होगी‚ जबकि नासा में एक साथ 13 अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।
  • प्रशिक्षण केंद्र का विस्तार/उपलब्ध सुविधा
  • इस प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण 473 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित है।
  • इस प्रशिक्षण केंद्र में क्रू मॉड्‌यूल सिमुलेटर एवं माइक्रोग्रैविटी वातावरण देने के लिए वैक्यूम चैम्बर‚ पैराबोलिक फ्लाइट‚ न्यूट्रल बायोंसी की सुविधा स्थापित होगी।
  • इन सुविधाओं के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को शून्य गुरुत्वाकर्षण (Zero Gravity) में हवा में तैरते हुए काम करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • इस प्रशिक्षण केंद्र में एक्स्ट्रा वेहिकुलर एक्टिविटी ट्रेनिंग एवं ऑन बोर्ड सर्ववाइवल‚ लाइफ सपोर्ट सिस्टम और पुनर्वास प्रशिक्षण (अंतरिक्ष वापसी के बाद दोबारा पृथ्वी के वातावरण के अनुकूल होने) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • गगनयान मिशन : एक दृष्टि में
  • यह भारत का प्रथम मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम है।
  • इस कार्यक्रम के साथ भारत मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। ध्यातव्य है कि अब तक केवल अमेरिका‚ रूस और चीन द्वारा मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया गया है।इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को दिसंबर‚ 2021 में अंतरिक्ष में भेजा जाना प्रस्तावित है।
  • इस मिशन के तहत तीन सदस्यीय चालक दल को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा तथा अंतरिक्ष यान को निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
  • गगनयान को अंतरिक्ष में ले जाने वाले रॉकेट GSLV मार्क-III पर तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर में कार्य प्रगति पर है।
  • इस मिशन के क्रू एवं सर्विस मॉड्‌यूल का कार्य बंगलुरू के यू.आर. राव उपग्रह केंद्र पर प्रगति में है।
  • अंतरिक्ष यात्रियों के चयन एवं शुरुआती प्रशिक्षण का कार्य बंगलुरू स्थित एयर फोर्स के इंस्टीट्‌यूट ऑफ एयरो स्पेस मेडिसिन में संपन्न हो गया है।
  • प्रस्तावित अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का महत्व
  • अपने देश में प्रशिक्षण केंद्र की सुविधा न होने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु विदेश भेजना पड़ रहा है‚ जिसके कारण देश पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
  • विशेषज्ञों के अनुसार‚ अंतरिक्ष यात्री का प्रशिक्षण विदेश में संपन्न कराने पर प्रति अंतरिक्ष यात्री 25-30 करोड़ रुपये का खर्च आता है। प्रशिक्षण केंद्र बनने पर यह काम देश में ही संपन्न होगा तथा आर्थिक बचत होगी।
  • इस अंतरिक्ष प्रशिक्षण केंद्र के निर्मित हो जाने से इस क्षेत्र में भारत दुनिया का छठा देश बन जाएगा।

सं.  चौरसियाआर. खâरन