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भारत और हिंद महासागर आयोग

India and Indian Ocean Commission
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 6 मार्च‚ 2020 को सेशेल्स में हुए मंत्रिपरिषदीय बैठक में भारत को ‘हिंद महासागर आयोग’ (Indian Ocean Commission : IOC) के पांचवें पर्यवेक्षक सदस्य देश के रूप में शामिल किया गया।
  • इसका उद्देश्य भारत को अपनी हिंद महासागर के क्षेत्रों को विस्तार देना और साथ ही फ्रांस तथा वेनिला द्वीप के साथ रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है।
  • ध्यातव्य है कि पश्चिमी हिंद महासागर रणनीतिक रूप से भारत के पश्चिमी तट को अफ्रीका के दक्षिण-पूर्व तट से जोड़ता है।
  • यह विशुद्ध रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र के पश्चिमी क्षेत्रों में भारत के हितों का समर्थन करने के लिए है अर्थात यह कदम हिंद महासागर के पश्चिमी क्षेत्रों में किसी अन्य देशों जैसे- चीन आदि की उपस्थिति से जुड़ा नहीं है।
  • यह पहल भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region : SAGAR) नीति के लिए महत्वपूर्ण है‚ जो सभी के लिए सुरक्षा और विकास से संबंधित है।
  • इस समूह के अन्य चार पर्यवेक्षक सदस्य देश हैं: माल्टा‚ चीन‚ यूरोपीय संघ और ओआईएफ (International Organisation of La Francophonie : OIF)।
  • हिंद महासागर आयोग
  • हिंद महासागर आयोग (Indian Ocean Commission : IOC) एक अंतर-सरकारी संगठन है‚ जिसकी स्थापना वर्ष 1982 में हिंद महासागर में स्थित देशों (मेडागास्कर‚ मॉरीशस और सेशेल्स) के बीच हुए एक समझौते के दौरान हुई।
  • इसका मुख्यालय पोर्ट लुईस (मॉरीशस) में स्थित है तथा इसके वर्तमान महासचिव हमदा मैडी हैं।
  • इसका उद्देश्य हिंद महासागर के तटीय क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रों के बीच पारस्परिक आर्थिक सहयोग संवर्धन में वृद्धि करना है।
  • वर्तमान में हिंद महासागर आयोग के पांच पूर्णकालिक सदस्य हैं : मॉरीशस‚ सेशेल्स‚ रियूनियन (फ्रांसीसी नियंत्रण)‚ कोमोरोस और मेडागास्कर।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • यह कदम अफ्रीका महाद्वीप के प्रमुख बंदरगाह शहरों मोम्बासा (केन्या) और दार एस सलाम (तंजानिया) को भारत के पश्चिमी तटों से संपर्क बनाने में मदद करेगा।
  • इसके अलावा यह तंजानिया में स्थित जंजीबार तथा पेम्बा द्वीप‚ जो विश्व के सबसे बड़े लौंग उत्पादक क्षेत्र हैं‚ को भी भारत के पश्चिमी तटों से जोड़ेगा।
  • भारत ने हिंद महासागर आयोग के कुछ सदस्य देशों की उच्चस्तरीय यात्राएं भी की हैं।
  • भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने अक्टूबर‚ 2019 में भारत के द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोमोरोस की यात्रा अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ की थी।
  • इससे पूर्व मार्च‚ 2019 में भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हिंद महासागर आयोग के दो द्वीपीय देशों मेडागास्कर और मॉरीशस का दौरा किया था।
  • अपनी यात्रा के दौरान भारतीय राष्ट्रपति मॉरीशस की स्वतंत्रता के 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
  • इन यात्राओं के प्रभाव से भारत और आईओसी के सदस्य देशों के बीच रक्षा समझौतों में मजबूती आई है।
  • निष्कर्ष
  • हिंद महासागर आयोग में एक पर्यवेक्षक के रूप में भारत का प्रवेश महान रणनीतिक महत्व का है‚ जो पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देशों के साथ सामूहिक जुड़ाव‚ खासतौर पर फ्रांस के साथ मजबूत संबंधों को बढ़ाने में मदद करेगा।

सं.  अमित शुक्ला