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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कानून (संशोधन) विधेयक‚ 2020

Indian Information Technology Act (Amendment) Bill ‚2020
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 5 फरवरी‚ 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कानून (संशोधन) विधेयक‚ 2020 को मंजूरी प्रदान की गई।
  • इस विधेयक के तहत भारत के शेष पांच भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (Indian Institute of Information Technology : IIITs) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
  • मंत्रिमंडल द्वारा सूरत‚ भोपाल‚ भागलपुर‚ अगरतला और रायचूर में स्थित इन पांच आईआईआईटी संस्थानों (IIITs) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
  • इन पांचों संस्थानों को वैधानिक दर्जा देने के लिए इन्हें सार्वजनिक निजी भागीदारी (Public-Private Partnership : PPP) अधिनियम‚ 2017 के तहत जोड़ा जाएगा‚ जो पहले से मौजूद 15 भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में पंजीकृत हो जाएंगे।
  • ध्यातव्य है कि ये पांचों संस्थान पहले से ही सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम‚ 1860 के तहत पंजीकृत सोसाइटी के रूप में कार्य कर रहे हैं‚ परंतु IIIT (PPP) अधिनियम‚ 2017 के तहत इनका चयन नहीं किया गया था।
  • अब ये संस्थान IIIT (PPP) अधिनियम‚ 2017 के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप तरीके से कार्य करेंगे‚ जो अन्य IIITs (PPP) की तरह प्रौद्योगिक स्नातक (बी.टेक)‚ प्रौद्योगिक स्नातकोत्तर (एम.टेक) और पीएचडी डिग्री प्रदान करने के लिए सक्षम होंगे।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • इस विधेयक का उद्देश्य‚ सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम‚ 2014 और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) [IIIT (PPP)] अधिनियम‚ 2017 भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है‚ जो सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ज्ञान प्रदान करने में आने वाली चुनौतियों का समाधान करती है।

संअमित शुक्ला