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फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची : RIL बनी सबसे बड़ी कंपनी

Fortune India 500 list: RIL becomes largest company
  • वर्तमान परिपे्रक्ष्य
  • 16 दिसंबर‚ 2019 को भारत की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की वार्षिक सर्वेक्षण रिपोर्ट ‘फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019फॉर्च्यून पत्रिका द्वारा प्रकाशित किया गया।
  • गौरतलब है कि ‘फॉर्च्यून इंडिया 500’ सूची (Fortune India 500 List) वर्ष 2010 से प्रति वर्ष प्रकाशित की जाती है।
  • यह रैंकिंग कंपनियों के 7 आयामों पर अध्ययन करके उनका मूल्यांकन करती है। ये आयाम हैं −   
1. राजस्व (Revenue)
2. शुद्ध प्रचालन आय (Net Operating Income)
3. लाभ (Profit)
4. परिसंपत्ति (Assets)
5. शुद्ध मूल्य (Net Worth)
6. समता लाभांश (Equity Dividend)
7. कर्मचारी मूल्य (Employee Cost)
  • फॉर्च्यून इंडिया 500 की सूची में सार्वजनिक एवं निजी (विदेशी कंपनियों सहित) दोनों कंपनियों का आकलन उपरोक्त वर्णित 7 आयामों पर किया जाता है।
  • फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019 के महत्वपूर्ण बिंदु
  • RIL (Reliance Industries Limited) – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019 में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
  • इस क्रम में इसने भारतीय तेल निगम (Indian Oil Corporation- IOC) को पीछे छोड़ा‚ जो कि पिछले 9 वर्षों से भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई थी।
  • वित्त वर्ष 2019 के दौरान RIL का राजस्व 5.81 लाख करोड़ रुपये रहा‚ जबकि IOC का राजस्व समान अवधि में 5.36 लाख करोड़ रुपये रहा।
  • RIL को यह उपलब्धि उसकी उपभोक्ता आधारित सेवाओं‚ संगठित खुदरा व्यापार (Organised Retail Business) तथा दूरसंचार (Telecom) में हुई वृद्धि के कारण प्राप्त हुई है।
  • RIL ने वित्त वर्ष, 2019 में 41.5  प्रतिशत की राजस्व वृद्धि प्राप्त की‚ जबकि समान अवधि में IOC 26.6 प्रतिशत  की वृद्धि ही प्राप्त कर सकी।
  • RIL का लाभ वित्त वर्ष 2019 में 39,588 हजार करोड़ रुपये रहा‚ जबकि समान अवधि में IOC का लाभ मात्र 17,376.70 हजार करोड़ रुपये रहा।
  • फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019 के अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष
  • संपूर्ण रूप से भारतीय कंपनियों की ‘Fortune India 500 सूची‚ 2019’ में कंपनियों के राजस्व में 9.53 प्रतिशत की वृद्धि हुई है‚ जबकि लाभ में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
  • कुल 57 कंपनियों को इस सूची से बाहर रखा गया है (जो कि पिछले वर्षों में शामिल थीं) क्योंकि या तो उनका सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में विलय हो गया‚ या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में उनका विलय हो गया या फिर निजी क्षेत्र में इनका विलय हो गया।
  • वर्ष 2019 में 65 कंपनियों की संचयी हानि (Cumulative Loss) 1.67 लाख करोड़ रुपये का रहा‚ जबकि पिछले वर्ष 79 कंपनियों की संचयी हानि (Cumulative Loss) 2 लाख करोड़ रुपये रही।
  • फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019 की रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि 22 में से 14 सरकारी बैंकों की संचयी हानि 74,253 करोड़ रुपये रही‚ जबकि निजी क्षेत्र के केवल 2 बैंकों (IDFC First Bank, 1907.9 करोड़ रुपये तथा लक्ष्मी विलास बैंक‚ 894.1 करोड़ रुपये) को हानि की स्थिति का सामना करना पड़ा।
  • प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया है कि निजी क्षेत्र के 24 बैंकों का (विदेशी एवं सहकारी बैंकों सहित) कुल लाभ 60,747 करोड़ रुपये रहा‚ जो कि पिछले वित्त वर्ष 2018 से 6.16  प्रतिशत अधिक रहा।

फॉर्च्यून इंडिया 500 (Fortune India 500)

सूची2019 में शीर्ष 10 कंपनियां

रैंक (Rank)

कंपनी (Company)

राजस्व (Revenue)

           (करोड़ में)

1

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड(RIL)

5,80,553.00

2

भारतीय तेल निगम (IOC)

5,35,793.18

3

तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (O&G Corp.)

4,36,057.04

4

भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

3,30,687.36

5

टाटा मोटर्स

3,03,227.41

6

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन

3,02,806.71

7

राजेश एक्सपोट्‌र्स

1,75,830.66

8

टाटा स्टील

1,59,835.46

9

कोल इंडिया (CIL)

1,52,271.30

10

टाटा कंसल्टेंसी लिमिटेड (TCS)

1,50,774.00

  • महत्वपूर्ण
  • प्रस्तुत सूची ऐसे समय प्रकाशित की गई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था अत्यधिक संकट के दौर से गुजर रही है- मंदी की समस्या‚ GDP में तीव्र गिरावट (वित्त वर्ष 2019-2020 के चतुर्थ में)‚ RBI द्वारा अपनी मौद्रिक नीति में वित्त वर्ष 2020 (अक्टूबर माह) में GDP की वृद्धि दर को 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत  किया जाना आदि से सरकार की ‘5 ट्रिलियन’ डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की महत्वाकांक्षा को कमजोर करती है। इस परिप्रेक्ष्य में फॉर्च्यून इंडिया 500 सूची‚ 2019 की रिपोर्ट ने अर्थव्यवस्था में भरोसा बढ़ाने का काम किया है।

संअमित त्रिपाठी