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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना

PM svanidhi yojana
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 1 जून, 2020 को भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि की शुरुआत की गई, जिसे ‘पीएम स्वनिधि’ (PM SVANidhi) योजना के नाम से जाना जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत लॉकडाउन में ढील देने के पश्चात पथ विक्रेताओं (Street Vendor’s) को अपनी आजीविका और रोजगार पुनः शुरू करने के लिए किफायती दर पर पूंजीगत ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के द्वारा लाभार्थियों को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, सूक्ष्म-वित्त संस्थाएं और एसएचजी बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • इस योजना का कार्यकाल मार्च, 2022 तक निर्धारित किया गया है।
  • उद्देश्य
  • इस योजना के निम्नलिखित उद्देश्य हैं-
  • कम ब्याज दर पर 10,000 रुपये तक के कार्य करने लायक पूंजीगत ऋण की सुविधा प्रदान करना।
  • ऋण की नियमित अदायगी को प्रोत्साहित करना।
  • डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना।
  • महत्वपूर्ण सुविधाएं
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों को कुछ विशेष सुविधाएं दी जाएंगी, जो इस प्रकार हैं-
  • 10,000 रुपये तक की प्रारंभिक कार्य करने योग्य पूंजी।
  • समय पर या समय से पहले अदायगी करने पर 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी।
  • डिजिटल लेन-देन पर मासिक नकदी वापसी (कैश बैक) प्रोत्साहन।
  • प्रथम ऋण के समय पर अदायगी पर, अधिक ऋण की पात्रता।
  • स्ट्रीट वेंडर्स कौन हैं?
  • स्ट्रीट वेंडर्स (Street Vendor’s) पथ विक्रेता होते हैं, जो दैनिक उपयोग की वस्तुएं या सेवाएं, तथ्य, खाद्य-सामग्री अथवा किसी अस्थायी रूप से बने हुए स्टाल से या फिर गली-गली घूमकर, फुटपाथ या रास्ते पर अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।
  • इनके द्वारा बेची जा रही वस्तुओं में सब्जियां, फल, चाय, ब्रेड, दस्तकारी उत्पाद, पुस्तकें और लेखन-सामग्री इत्यादि शामिल हैं और उनकी सेवाओं में नाई की दुकान, मोची, पान की दुकान, लॉन्ड्री सेवाएं इत्यादि शामिल हैं।
  • निष्कर्ष
  • कोविड-19 वैश्विक महामारी तथा इसके परिणामस्वरूप किए गए लॉकडाउन से पथ विक्रेताओं (Street Vendor’s) अथवा रेहड़ी वालों की आजीविका पर बुरा प्रभाव पड़ा है। अतः जरूरतमंद लोगों को ऋण मुहैया कराने की विशेष योजनाओं को जमीनी स्तर पर साकार करना होगा। देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यह जरूरी है।
  • प्रधानमंत्री स्वनिधि पोर्टल (बीटा संस्करण)
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 29 जून, 2020 को भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के तहत ‘पीएम स्वनिधि’ पोर्टल के बीटा संस्करण की शुरुआत की गई।
  • ध्यातव्य है कि 1 जून, 2020 को लांच किए गए ‘पीएम स्वनिधि’ (PM SVANidhi) योजना की शुरुआत के बाद से पीएम स्वनिधि पोर्टल के बीटा संस्करण को प्रेरणा मिली है।
  • इस पोर्टल को विभिन्न ऋणदाताओं जैसे-बैंकों, एमएफआई, एनबीएफसी इत्यादि से प्राप्त सुझावों के दिशा-निर्देश में जारी किया गया है।
  • पोर्टल के प्रबंधन के समाधान हेतु सिडबी द्वारा एक एकीकृत आईटी मंच (pmsvanidhi.mohua.gov.in) विकसित किया जा रहा है, जो योजना के कार्यान्वयन के लिए ‘पीएम स्वनिधि’ के साझेदार के रूप में कार्य करेगा।
  • उद्देश्य
  • इसका एक प्रमुख उद्देश्य लाभार्थियों को डिजिटल तरीके से लेन-देन के प्रति आकर्षित करना है, जिसे अमेजन पे (AmazonPay), एफटीकैश (FTCash), एमस्वाइप (MSwipe), पेटीएम (PayTM), पेस्विफ (PaySwiff) और फोनपे (PhonePe) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
  • इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कार्ययोजनाओं जैसे-ऋण आवेदन प्रवाह, मोबाइल ऐप, आवेदकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC), यूआईडीएआई (UIDAI), उदयमित्र, एनपीसीआई (NPCI), ऋणदाताओं, राज्यों, यूएलबी (ULBs) और अन्य हितधारकों के साथ एकीकरण, डिजिटल प्रोत्साहनों (Digital incentives) और ब्याज सब्सिडी का भुगतान इत्यादि की सुविधा प्रदान की जाएगी।

सं. अमित शुक्ला