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पहला निजी रॉकेट इंजन ‘रमन’

Raman, the first private rocket engine
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 12 अगस्त‚ 2020 को हैदराबाद के एक एयरोस्पेस स्टार्टअप स्काईरूट (Aerospace Startup Skyroot) ने ऊपरी चरण (Upper Stage) के रॉकेट इंजन का सफल परीक्षण किया है।
  • इस रॉकेट इंजन को ‘रमन’ (Raman) नाम दिया गया।
  • स्काईरूट एक निजी क्षेत्र की कंपनी है‚ जो भारत का पहला निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहन बना रही है।
  • प्रमुख तथ्य
  • रमन इंजन में शत-प्रतिशत 3-D प्रिंटेड इंजेक्टर (Injector) का प्रयोग किया गया है।
  • पारंपरिक विनिर्माण की तुलना में इसका कुल द्रव्यमान लगभग 50 प्रतिशत तक कम है।
  • यह इंजन कई बार चालू (Multi-Start Capability) हो सकता है‚ जिससे यह एक ही मिशन में कई उपग्रहों को विभिन्न कक्षाओं में स्थापित कर सकता है।
  • ज्ञातव्य है कि भारत सरकार ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ाने के लिए IN-SPACe की घोषणा जून‚ 2020 में की थी।
  • IN-SPACe
  • भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (Indian National Space Promotion and Authorisation Centre : IN-SPACe) एक स्वायत्त (Autonomous) निकाय है।
  • इसे निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की गतिविधियों की अनुमति और विनिमय के लिए अंतरिक्ष विभाग (Department of Space) के तहत स्थापित किया जाएगा।
  • स्काईरूट
  • स्काईरूट एक निजी क्षेत्र की कंपनी है।
  • जिसे इसरो के पूर्व इंजीनियरों (Engineers) द्वारा स्थापित किया गया है।
  • स्काईरूट की इसरो (ISRO) की सहायता से वर्ष 2021 के अंत तक अंतरिक्ष में रॉकेट प्रक्षेपित करने की योजना है।
  • स्काईरूट द्वारा विक्रम शृंखला से विक्रम-I‚ विक्रम-II और विक्रम-III रॉकेटों का विकास किया जा रहा है।
  • यह भारत के निजी क्षेत्र की पहली कंपनी है‚ जिसने स्वदेश निर्मित रॉकेट इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

सं. विजय सिंह