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निंजा : एक ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली

Ninja: a drone-based surveillance system
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 18 अगस्त‚ 2020 को भारतीय रेलवे द्वारा एक ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली ‘निंजा’ (Ninja) का विकास किया गया है।
  • ध्यातव्य है कि सुरक्षा निगरानी के मामले में यह एक महत्वपूर्ण और लागत प्रभावी उपकरण है।
  • भारतीय रेलवे ने मध्य रेलवे‚ मुंबई डिवीजन की सुरक्षा और निगरानी के लिए दो ‘निंजा’ यूएवी उपलब्ध कराए हैं।
  • रेलवे सुरक्षा बल द्वारा अभी तक 31.87 लाख रुपये की लागत से कुल 9 ड्रोन खरीदे गए हैं‚ जो दक्षिण-पूर्व रेलवे‚ मध्य रेलवे‚ आधुनिक रेल कोच फैक्टरी‚ रायबरेली और दक्षिण-पश्चिम रेलवे को उपलब्ध कराए गए हैं।
  • इसके अलावा भारतीय रेलवे द्वारा भविष्य में 97.52 लाख रुपये की लागत से 17 और ड्रोन की खरीद प्रस्तावित की गई है।
  • निंजा क्या है?
  • निंजा (Ninja) भारतीय रेलवे द्वारा अपनी संपत्ति की निगरानी‚ यात्रियों की सुरक्षा और तैनात सुरक्षाकर्मियों की सहायता के लिए एक ड्रोन या मानव रहित हवाई वाहन (Unmanned Aerial Vehicle : UAV) है।
  • इसे रिमोट कंट्रोल या ऑनबोर्ड कंप्यूटर द्वारा संचालित किया जाता है।
  • यह ड्रोन रियल टाइम ट्रैकिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग में सक्षम होते हैं।
  • यह ‘‘आकाश में आंख : निगरानी प्रणाली में सुधार’’ (Eye in the Sky : Improving Surveillance System) की तर्ज पर कार्य करने वाला उपकरण है।
  • उद्देश्य
  • इसका उद्देश्य रेलवे स्टेशनों‚ पटरियों और कार्यशालाओं की सुरक्षा निगरानी करना है।
  • इसके तहत तैनात सुरक्षाकर्मियों की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
  • यह रेलवे परिसर में आपराधिक और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद करेगा।
  • इसका एक उपयोग डेटा (Data) संग्रह के लिए भी किया जा सकता है।
  • अत्यधिक भीड़ एकत्रित होने पर यह महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है।
  • ध्यातव्य है कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशनों पर एकत्रित प्रवासियों को नियंत्रित करने और निगरानी रखने के लिए इस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।
  • प्रक्षिक्षण
  • यह ड्रोन कैमरा बहुत बड़े क्षेत्र को कवर कर सकता है‚ जिसके लिए 8 से 10 आरपीएफ कर्मियों की आवश्यकता होती है।
  • रेलवे सुरक्षा बल (RPF : Railway Protection Force) ने मुंबई के चार कर्मचारियों की एक टीम को ड्रोन को संचालित करने‚ उसकी निगरानी और रखरखाव हेतु प्रशिक्षित किया है।
  • भारतीय रेलवे ने अभी तक कुल 19 आरपीएफ कर्मियों को ड्रोन के संचालन और रख-रखाव हेतु प्रशिक्षित किया है‚ जिसमें से 4 को इसको उड़ाने का लाइसेंस प्राप्त है और 6 आरपीएफ कर्मियों का प्रशिक्षण जारी है।

सं. अमित शुक्ला