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द्वितीय सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक व डैशबोर्ड, 2019-20

(Second SDG India Index and Dashboard, 2019-20
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • हाल ही में दूसरा ‘सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक व डैशबोर्ड, 2019-20’ (Second SDG India Index and Dashboard, 2019-20) नीति आयोग द्वारा जारी किया गया।
  • इस रिपोर्ट को नीति आयोग, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार (MoSPI-Ministry of Statistics and Programme Implementation), संयुक्त राष्ट्र (भारत) व ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट के संयुक्त सहयोग से तैयार किया गया है।
  • यह रिपोर्ट भारत के सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के ‘SDG-2030’ को प्राप्त करने के संदर्भ में उनकी प्रगतिशीलता को दर्शाती है।
  • चूंकि विश्व वर्ष 2020 में SDG लक्ष्यों को प्राप्त करने के अंतिम दशक में प्रवेश कर चुका है, अतः इस दशक को ‘ठोस कदम वाला दशक’ (Decade for Action) घोषित किया गया है।
  • इस रिपोर्ट को ‘SDG India Index 2.0 (SDG II 2.0) नाम दिया गया है।
  • रिपोर्ट के महत्वपूर्ण बिंदु
  • सद्यः रिपोर्ट में 100 संकेतकों के आधार पर राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की प्रगतिशीलता का मापन कर उन्हें रैंक प्रदान की गई है। इन संकेतकों को MoPSI के अंतर्गत NIF (National Indicator Framework-राष्ट्रीय संकेतक फ्रेमवर्क) से लिया गया है।
  • विदित हो कि प्रथम SDG भारत सूचकांक, 2018 में 62 संकेतकों को ही मापन का आधार बनाया गया था। इस प्रकार SDG भारत सूचकांक का द्वितीय संस्करण अधिक विस्तृत क्षेत्रों का मापन करता है।
  • SDG II 2.0 के 100 संकेतक SDG के 16 लक्ष्यों को आच्छादित (Cover) करते हैं, जबकि लक्ष्य-17 (जो कि SDG की अंतिम लक्ष्य संख्या है) को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इस लक्ष्य के लिए राष्ट्रीय संकेतक उपलब्ध नहीं थे, साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर आधारित है।
  • विदित है कि वर्ष 2018 के प्रथम SDG भारत सूचकांक में 62 संकेतक SDG के केवल 13 लक्ष्यों को आच्छादित करते थे।
  • सद्यः रिपोर्ट के 100 संकेतकों में से 68 संकेतक NIF से प्रत्यक्ष रूप से लिए गए हैं, जबकि 20 NIF संकेतकों को सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के डाटा उपलब्धता के आधार पर संशोधित किया गया है। शेष 12 संकेतकों को विभिन्न मंत्रालयों के परामर्श से तैयार किया गया है।
  • इस प्रकार SDG भारत सूचकांक अपने प्रथम संस्करण की अपेक्षा अधिक सशक्त है, क्योंकि यह अधिक विस्तृत लक्ष्यों को आच्छादित करता है तथा इसके ज्यादातर संकेतक NIF से संरेखित (Alignment) हैं।
  • कुल 16 SDG लक्ष्यों के संदर्भ में प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के प्रदर्शन को 0-100 के पैमाने पर मापा गया है।
  • यदि किसी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश से 100 अंक प्राप्त किए हैं, तो इसका अर्थ है कि उस राज्य ने वर्ष 2030 के लिए निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है।
  • SDG II 2.0 के वर्गीकरण का आधार
  • आकांक्षी (Aspirant) : 0-49 अंक
  • अच्छा प्रदर्शन (Performer) : 50-64 अंक
  • अग्रणी (Front Runner) : 65-99 अंक
  • लक्ष्य प्राप्तकर्ता (Achiever) : 100 अंक
  • परिणाम
  • SDG II 2.0 में भारत का संयुक्त स्कोर 60 (Composite Score)  रहा, जबकि वर्ष 2018 के सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक में यह 57 था।
  • SDG II 2.0 में भारत ने सर्वाधिक प्रगति :
  • लक्ष्य 6 : स्वच्छता एवं साफ पानी की उपलब्धता
  • लक्ष्य 9 : उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत ढांचा निर्माण
  • लक्ष्य 7 : वहनीय एवं स्वच्छ ऊर्जा तक पहुंच के क्षेत्र में की है।
  • रैंकिंग
  • इस सूचकांक में राज्यों की संयुक्त रैंकिंग में केरल (स्कोर-70) का प्रथम स्थान रहा, जबकि हिमाचल प्रदेश (स्कोर-69) दूसरे स्थान पर रहा।
  • तीन राज्य जो कि वर्ष 2018 की SDG रैंकिंग में ‘आकांक्षी’ श्रेणी में थे, इस वर्ष श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ‘अच्छा प्रदर्शन’ (Performer : 50-64 अंक) की श्रेणी में पहुंच गए। ये राज्य हैं क्रमशः उत्तर प्रदेश, बिहार तथा असम।
  • पांच राज्य-आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गोवा और सिक्किम जो वर्ष 2018 की SDG रैंकिंग में ‘अच्छा प्रदर्शन’ (Performer : 50-64 अंक) की श्रेणी में थे, उन्नति करते हुए ‘अग्रणी’  (Front Runner : 65-99 अंक) की श्रेणी में पहुंच गए हैं।
  • उत्तर प्रदेश ने सर्वाधिक उन्नति करते हुए वर्ष 2018 की SDG रैंकिंग के 29वें स्थान से SDG II 2.0 में 23वां स्थान प्राप्त किया है। इस प्रकार उत्तर प्रदेश ने 6 स्थानों का उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
  • केंद्रशासित प्रदेशों में चंडीगढ़ का प्रदर्शन वर्ष 2018 के SDG सूचकांक की भांति SDG II 2.0 में भी ‘अग्रणी’ (70 अंक) की श्रेणी में रहा, जबकि पुडुचेरी (66 अंक) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया तथा यह भी अग्रणी की श्रेणी में रहा।

राज्यों का प्रदर्शन

आकांक्षी

कोई नहीं

अच्छा प्रदर्शन

गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, हरियाणा, नगालैंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम, असम, उत्तर प्रदेश, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड एवं बिहार

अग्रणी

केरल, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, गोवा एवं सिक्किम

लक्ष्य प्राप्तकर्ता

कोई नहीं

केंद्रशासित प्रदेशों का प्रदर्शन

आकांक्षी

कोई नहीं

अच्छा प्रदर्शन

दादरा एवं नागर हवेली, लक्षद्वीप, दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, दमण एवं दीव, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख

अग्रणी

चंडीगढ़ एवं पुडुचेरी

लक्ष्य प्राप्तकर्ता

कोई नहीं

SDG लक्ष्य आधारित शीर्ष राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

लक्ष्य 1

शून्य गरीबी

तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख

लक्ष्य 2

शून्य भुखमरी

गोवा, चंडीगढ़

लक्ष्य 3

उत्तम स्वास्थ्य एवं खुशहाली

केरल, पुडुचेरी

लक्ष्य 4

गुणवत्तायुक्त शिक्षा

हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़                          

लक्ष्य 5

लैंगिक समानता

हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख

लक्ष्य 6

स्वच्छता एवं साफ पानी

आंध्र प्रदेश, चंडीगढ़

लक्ष्य 7

वहनीय एवं स्वच्छ ऊर्जा

सिक्किम, पुडुचेरी

लक्ष्य 8

उत्कृष्ट कार्य और आर्थिक वृद्धि

तेलंगाना, चंडीगढ़

लक्ष्य 9

उद्योग, नवाचार और आधारभूत ढांचा

केरल, गुजरात, दमण एवं दीव, दिल्ली, दादरा एवं नागर हवेली

लक्ष्य 10

असमानता में कमी

तेलंगाना, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह

लक्ष्य 11

संवहनीय शहर और समुदाय

हिमाचल प्रदेश, गोवा, चंडीगढ़

लक्ष्य 12

संवहनीय उपभोग और उत्पादन

नगालैंड, चंडीगढ़

लक्ष्य 13

जलवायु कार्यवाही

कर्नाटक, लक्षद्वीप

लक्ष्य 14

जलीय जीवों की सुरक्षा

कर्नाटक

लक्ष्य 15

थलीय जीवों की सुरक्षा

सिक्किम, मणिपुर, दादरा एवं नागर हवेली, लक्षद्वीप

लक्ष्य 16

शांति, न्याय और सशक्त संस्थाएं

गुजरात, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी

  • निष्कर्ष
  • उत्तम स्वास्थ्य व खुशहाली और उद्योग, नवाचार एवं आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाने में अच्छे प्रदर्शन के कारण केरल को सर्वोच्च स्थान प्राप्त हुआ।
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता तथा संवहनीय शहर और समुदाय के उद्देश्यों को प्राप्त करने में अग्रणी रहने के कारण हिमाचल प्रदेश को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ।
  • भुखमरी की समाप्ति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संवहनीय उपभोग और उत्पादन तथा संवहनीय शहर और समुदाय के उद्देश्यों को प्राप्त करने में अग्रणी रहने के कारण चंडीगढ़ ने अग्रणी स्थान (केंद्रशासित प्रदेशों में प्रथम स्थान) प्राप्त किया।
  • नीति आयोग का योगदान
  • राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान (National Institution for Transforming India-NITI) आयोग की स्थापना मंत्रिमंडलीय संकल्प द्वारा 1 जनवरी, 2015 को की गई थी।
  • यह SDG II 2.0 के लिए दोहरी जिम्मेदारी निभा रहा है।
  • आयोग जहां एक तरफ सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी निभा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक व सहयोगी संघवाद (Competitive and Cooperative Federalism) को प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी भी निभा रहा है।
  • नीति आयोग का निरंतर प्रयास है कि वह साक्ष्य आधारित नीति निर्माण करे ताकि राज्य व केंद्रशासित प्रदेश अपनी प्रगति के मानदंड स्थापित कर सके, अपनी प्राथमिकताओं की पहचान कर सके और अच्छे अभ्यासों को साझा कर सके।
  • SDG को प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा सकता है।
  • इसमें वैश्विक SDG आंदोलन (Movement) के 5P-लोग (People), पृथ्वी (Planet), समृद्धि (Prosperity), साझेदारी (Partnership) तथा शांति (Peace) को शामिल किया गया है।
  • सतत विकास लक्ष्य-2030
  • वर्ष 2030 तक गरीबी और भूख समाप्त करने, लिंग समानता को सुनिश्चित करने तथा सभी को सम्मानित जीवन का अवसर उपलब्ध कराने आदि के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पूर्व में लागू ‘सहस्राब्दी विकास लक्ष्य (MDG 2000-2015) के स्थान पर ‘सतत विकास लक्ष्य या ‘एजेंडा-2030’ (SDG 2016-2030) सितंबर, 2015 को स्वीकार किया गया था, जिसमें 17 मुख्य लक्ष्यों’ तथा 169 सहायक लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए 5P (People, Planet, Peace, Partnership and Prosperity) पर जोर दिया गया है।
  • एजेंडा-2030 का कार्यान्वयन 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी है।
  • SDG महत्वाकांक्षी वैश्विक विकास लक्ष्य है, जो सार्वजनिक जनकल्याण से संबंधित है।
  • ये लक्ष्य सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से संबंधित हैं तथा इनमें विकास के आर्थिक, सामाजिक व पर्यावरणीय आयामों को शामिल किया गया है।
  • भारत के राष्ट्रीय विकास एजेंडे की झलक SDG लक्ष्यों में दिखाई पड़ती है।
  • क्योंकि भारत में विश्व की लगभग 17 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। अतः SDG में भारत की प्रगति संपूर्ण विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।

सं. अमित त्रिपाठी