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डिफेंस एक्सपो, 2020

Defense Expo, 2020
  • पृष्ठभूमि
  • 11वें डिफेंस एक्सपो का आयोजन 5-9 फरवरी, 2020 के मध्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संपन्न हुआ।
  • यह प्रथम अवसर था जब डिफेंस एक्सपो का आयोजन उत्तर प्रदेश में किया गया।
  • डिफेंस एक्सपो रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार का एक फ्लैगशिप कार्यक्रम है, जिसका आयोजन द्विवार्षिक आधार पर होता है।
  • डिफेंस एक्सपो, 2020 में प्रतिभागी कंपनियों की संख्या वर्ष 2018 के 702 के मुकाबले बढ़कर 1028 हो गई।
  • विदेशी कंपनियों की संख्या भी वर्ष 2018 के 160 के मुकाबले बढ़कर 172 पहुंच गई।
  • लगभग 38 देशों के प्रतिनिधियों ने डिफेंस एक्सपो, 2020 में प्रतिभाग किया।
  • डिफेंस एक्सपो, 2020 की थीम ‘भारत उभरता हुआ विनिर्माण हब’ (India : The Emerging Defence Manufacturing Hub) तथा फोकस ‘रक्षा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन’ था।
  • डिफेंस एक्सपो नई तकनीकों और तकनीकी समाधानों से रूबरू होने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही यह भारतीय रक्षा उद्योग को रक्षा निर्यात बढ़ाने के लिए भी एक बेहतर अवसर सुनिश्चित करता है।
  • डिफेंस एक्सपो टाइमलाइन
  • 5 फरवरी, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। साथ ही तीनों सेनाओं नौसेना, वायु सेना और थल सेना की रक्षा प्रणालियों का सजीव प्रदर्शन किया गया।
  • 6 फरवरी, 2020 को कुल 6 सेमिनारों का आयोजन किया गया।
  • 6 फरवरी, 2020 को ही पांचवां भारत-रूस सैन्य औद्योगिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
  • 6 फरवरी, 2020 को पहला भारत-अफ्रीका रक्षा मंत्री सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें ‘लखनऊ घोषणा को अपनाया गया।
  • 7 फरवरी, 2020 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बंधन सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 200 समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • 8-9 फरवरी, 2020 के मध्य रक्षा प्रणालियों का सजीव (Live) प्रदर्शन किया गया और सभी लोगों के लिए प्रवेश द्वार खोल दिया गया।
  • डिफेंस एक्सपो के मुख्य आकर्षण
  • सारंग
  • सारंग इस्राइली तोप सॉल्टम का आधुनिक संस्करण है।
  • इसकी कैलिबर 130 मिमी. से 155 मिमी. तक है।
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  • यह 70 डिग्री तक घूम सकती है।
  • इसमें पहाड़ों में छिपे दुश्मन को तबाह करने की विशेष क्षमता है।
  • इसकी मारक क्षमता 27 से 36 किमी. है।
  • वर्ष 2022 तक 300 तोपों का निर्माण कर सेना को सौंपने का लक्ष्य है।
  • जेवीपीसी (Joint Venture Protective Carbine : JVPC)
  • जेवीपीसी कम दूरी की मारक क्षमता के लिए एक अनूठा हथियार है।
  • इसे एक हाथ से ही दागा जा सकता है।
  • इसकी मारक क्षमता 200-300 मीटर है।
  • इसका कैलिबर 5.56 × 30 मिमी. का है।
  • यह 800 फायर प्रति मिनट की दर से फायर कर सकती है।
  • इसे रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) एवं (Ordnance Factory Board : OFB) द्वारा निर्मित किया गया है।  
  • अमोघ (AUV)
  • अमोघ तीसरी पीढी का एक ऑटोनॉमस अंडरवाटर वेहिकल (AUV) है।
  • इसे इटली की कंपनी Edgelab और भारतीय कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L & T) द्वारा विकसित किया गया है।
  • अमोघ अत्याधुनिक सेंसर, पेलोड, प्रोपल्शन और ऊर्जा प्रणाली से युक्त है।
  • यह एक बार में लगातार 22 घंटे कार्य कर सकती है।
  • यह 1000 मीटर तक की गहराई में संचालित की जा सकती है।
  • इसकी अधिकतम गति 5-7 नॉट (Knot) है।
  • इसका निर्माण हाइड्रोग्राफिक और अंडरवाटर सर्विलांस के लिए किया गया है।
  • इसका वजन 1000 किग्रा., लंबाई 5700 मिमी. और व्यास 700  मिमी. है।
  • पार्थ (Parth)
  • यह एक गन शॉट लोकेटर है, जिसके द्वारा 400 मीटर के दायरे में हो रही फायरिंग की सटीक लोकेशन पता की जा सकती है।
  • इसे आर्मी इंस्टीट्यूट और एक प्राइवेट फर्म द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
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  • भारत में बने इस डिवाइस की कीमत मात्र 3 लाख  रुपये है। ज्ञात हो कि विदेश में बने इसी प्रकार के गन शॉट लोकेटर की कीमत 65 लाख रुपये थी।
  • इस डिवाइस की सहायता से एनकाउंटर या किसी ऑपरेशन के दौरान आतंकी को लोकेट करके उसे ढेर करने में मदद मिलेगी।
  • खगान्तक (Khagantak)
  • भारत की एक निजी कंपनी JRS डायनामिक्स (Dynamics) ने डिफेंस एक्सपो, 2020 में इस स्वदेशी मिसाइल को प्रदर्शित किया है।
  • यह हवा से जमीन (ASM) में मार करने के लिए बनाई गई है।
  • इस मिसाइल की मारक क्षमता 180 किमी. की है, जब इसे 12 किमी. की ऊंचाई से छोड़ा जाता है और 146 किग्रा. की आयुध सामग्री प्रयोग की जाती है।
  • इस मिसाइल की मारक क्षमता 297 किमी. तक बढ़ाई जा सकती है, यदि इसमें 72 किग्रा. की आयुध सामग्री का प्रयोग किया जाता है।
  • इस मिसाइल में अपने लक्ष्य को पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का प्रयोग किया गया है।
  • वरुणास्त्र (Varunastra)
  • वरुणास्त्र स्वदेश निर्मित हैवी वेट टॉरपीडो है, जिसे वर्ष 2016 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • इसका विकास डीआरडीओ के नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (NTLS) तथा भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) ने संयुक्त रूप से किया है।
  • वरुणास्त्र  जहाज से प्रक्षेपित की जा सकने वाली, विद्युतचालित, पानी के अंदर लक्ष्य भेदने में सक्षम है।
  • इसकी लंबाई 7-8 मीटर, वजन 1500 किग्रा. तथा व्यास 533 मिमी. है।
  • इसकी परिचालन सीमा (Operational Range) 40 किमी. तथा इसकी गति 27 से 40 नॉट (Knot) की है।
  • यह 250 किग्रा. आयुध 38 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से ले जाने में सक्षम है।
  • महत्व
  • डिफेंस एक्सपो, 2020 के बाद लगभग 500 अरब रुपये के निवेश का अनुमान है।
  • वर्तमान के 17000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात को वर्ष 2024 तक 35000 करोड़ रुपये करने में डिफेंस एक्सपो मददगार होगा।
  • उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर बनने से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये निवेश आने की उम्मीद है।
  • डिफेंस एक्सपो विदेशी रक्षा निर्माताओं को भारतीय रक्षा उद्योग के साथ सहयोग करने और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा।

सं. विजय सिंह