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चीन में कोरोनावायरस का कहर

Coronavirus havoc in China
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 31 दिसंबर, 2019 को चीन ने हुबेई प्रांत के वुहान (Wuhan) शहर में अज्ञात कारण से निमोनिया (Pneumonia) के कुछ मामलों की सूचना विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी।
  • 9 जनवरी, 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान जारी कर कहा कि चीनी शोधकर्ताओं ने निमोनिया के लिए जिम्मेदार इस वायरस की पहचान एक नए प्रकार के कोरोनावायरस के रूप में की है।
  • 11 फरवरी, 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस (Dr. Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने इस  नए वायरस का नाम ‘कोविड-19′ (COVID-19) रखा।
  • कोरोनावायरस
  • कोरोनावायरस, वायरस का एक परिवार है, जो सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों, जैसे मध्य-पूर्व श्वसन सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome-MERS-CoV) और गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome : SARS-CoV) के लिए उत्तरदायी है।
  • यह वायरस जानवर और मानव दोनों को संक्रमित कर सकता है।
  • कोरोनावायरस जूनोटिक (पशुजन्य) रोग है, जो जानवर से पशु में संचारित होता है। आमतौर पर यह वायरस जानवरों की कई अलग-अलग प्रजातियों जिनमें ऊंट, मवेशी, बिल्लियां और चमगादड़ शामिल हैं, में पाया जाता है।
  • मानव कोरोनावायरस (Human Coronavirus) की पहली बार पहचान 1960 के दशक के मध्य में की गई थी।
  • गौरतलब है कि मानव कोरोनावायरस से तात्पर्य ऐसे कोरोनावायरस से है, जो मानव को प्रभावित करते हैं।
  • कोरोनावायरस के चार मुख्य उप-समूह हैं, जिन्हें अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के रूप में जाना जाता है।
  • मानव कोरोनावायरस (Human Coronavirus) के प्रकार
  • 9 जनवरी, 2020 को चीन में ज्ञात कोरोनावायरस को लेकर अभी तक 7 कोरोनावायरस की पहचान की जा चुकी है।                                                      
  • बीमारी की गंभीरता के आधार पर इन सभी को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है :
  • सामान्य मानव कोरोनावायरस
  • इस समूह के अंतर्गत 4 प्रकार के कोरोनावायरस शामिल किए जाते हैं :

  (1) 229E (अल्फा कोरोनावायरस)

  (2) NL63 (अल्फा कोरोनावायरस)

  (3) OC43 (बीटा कोरोनावायरस)

  (4) HKU1  (बीटा कोरोनावायरस)

  • अन्य मानव कोरोनावायरस
  • इस समूह के अंतर्गत 3 प्रकार के कोरोनावायरस शामिल किए जाते हैं :

  (5) MERS-CoV (बीटा कोरोनावायरस, जो मध्य-पूर्व श्वसन सिंड्रोम के लिए उत्तरदायी है)।

  (6) SARS-CoV (बीटा कोरोनावायरस जो गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम के लिए उत्तरदायी है)।

  (7) कोविड-19 (COVID-19)

  • दुनियाभर में मनुष्य आमतौर पर 229E, NL63, OC43 और HKUI मानव कोरोनावायरस से संक्रमित होते हैं।
  • कभी-कभी कोरोनावायरस, जो जानवरों को संक्रमित करते हैं, वे विकसित होकर मनुष्यों को संक्रमित कर सकते हैं और एक नया मानव कोरोनावायरस बन सकते हैं। इसके तीन हालिया उदाहरण हैं : COVID-19, SARS-CoV और MERS-CoV ।
  • कोविड-19 (COVID-19)
  • यह कोरोनावायरस का एक प्रकार है।
  • यह वायरस चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में निमोनिया से संबंधित है।
  • मानव में इस कोरोनायासरस की पहचान पहली बार की गई है।
  • 7 फरवरी, 2020 को दक्षिण चीन कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने ‘पैंगोलिन’ (Pargolin) को कोविड-19 (COVID-19) का वाहक बनने की संभावना व्यक्त की।
  • गौरतलब है कि पैंगोलिन, चीन में चिकित्सा हेतु अवैध रूप से प्रयोग किया जाने वाला एक विदेशी और ‘क्रिटिकली इंडेंनजर्ड’ (Critically Endangered) जानवर है।
  • विशेषज्ञों द्वारा इस वायरस का स्रोत चीन के ‘सी फूड मार्केट’ (Sea Food Market) को बताया जा रहा है।
  • SARS-CoV   
  • नवंबर, 2002 में चीन में गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस (Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus) की पहली बार पहचान की गई थी।
  • वर्ष 2002-03 में यह कोरोनावायरस 8,098 संभावित मामलों, जिसमें 774 मृत्यु के मामले भी शामिल हैं, के साथ विश्वव्यापी प्रकोप के लिए उत्तरदायी था।
  • वर्ष 2004 से इस वायरस से संक्रमण के मामले विश्वभर में कहीं भी प्रकाश में नहीं आए हैं।
  • MERS-CoV
  • वर्ष 2012 में सऊदी अरब में मध्य-पूर्व श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस (Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus-MERS-CoV) की पहली बार पहचान की गई थी।
  • पहली बार प्रकाश में आने के बाद से यह वायरस दर्जनों अन्य देशों में बीमारी का कारण बना।
  • इस वायरस से संक्रमण के अब तक के सभी मामले अरब प्रायद्वीप या उसके आस-पास के देशों से संबंधित हैं।
  • इस वायरस का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रसार अधिकांशतः, करीबी संपर्क के कारण होता है। जब पीड़ित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो आस-पास के दूसरे व्यक्ति को इस वायरस का संक्रमण हो सकता है।
  • कोरोनावायरस से संक्रमण के सामान्य लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, बुखार, खांसी, कफ इत्यादि शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, संक्रमण से निमोनिया, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम, गुर्दे की विफलता और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है।
  • कोरोनावायरस से मनुष्य का फेफड़ा प्रभावित होता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह रुकने लगता है, जिससे इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।
  • कोरोनावायरस के लिए वर्तमान में कोई टीका उपलब्ध नहीं है। इसके संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा तरीका इस वायरस के संपर्क में आने से बचना है।
  • कोविड-19 और विश्व
  • 20 फरवरी, 2020 तक चीन के अतिरिक्त कोविड-19 (COVID-19) के प्रसार की पुष्टि जापान, भारत, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 26 देशों में की जा चुकी है।
  • चीन से बाहर कोविड-19 के संक्रमण से होने वाली मृत्यु की पहली पुष्टि फिलीपींस में की गई।
  • 20 फरवरी, 2020 तक वैश्विक स्तर पर कोविड-19 से संक्रमण के 75,748 मामलों की पुष्टि की गई।
  • उक्त तिथि तक चीन में कोविड-19 से संक्रमण के 74,675 मामलों तथा मृत्यु के 2121 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है।
  • उक्त तिथि तक चीन से बाहर संक्रमण के 1073 मामलों तथा मृत्यु के 8 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है।    
  • संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने देश में कोविड-19 को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया तथा कोविड-19 के प्रसार की निगरानी और रोकथाम के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
  • 30 जनवरी, 2020 को विभिन्न देशों में इस वायरस के तीव्र प्रसार को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ‘अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम आपातकालीन समिति’ (International Health Regulation Emergency Committee of the WHO) ने इस वायरस के प्रकोप को ‘‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’’ (Public Helth Emergency of International Concern) घोषित किया।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए ‘वैश्विक अनुसंधान और नवाचार मंच’ (Global Research And Innovation Forum) का आयोजन करने की घोषणा की।
  • इस मंच का आयोजन 11-12 फरवरी, 2020 को ‘संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए वैश्विक अनुसंधान सहयोग’ (Global Research Collaboration for Infections Disease Preparedness) के सहयोग से स्विट्जरलैंड के जेनेवा में किया गया।
  • कोविड-19 और भारत
  • 4 फरवरी, 2020 को केरल सरकार ने राज्य में कोविड-19 से संक्रमण के तीन मामलों की पुष्टि किए जाने के बाद इसे ‘राज्य आपदा’ (State Calamity) घोषित किया।
  • गौरतलब है कि कोविड-19 के संक्रमण के मामलों की पुष्टि 4 फरवरी, 2020 तक केवल केरल में ही की जा सकी है।
  • बर्लिन के हम्बोल्ट विश्वविद्यालय और रॉबर्ट कोच इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं की एक टीम ने ‘वैश्विक जोखिम मूल्यांकन मॉडल’ (Global Risk Assesment Model) बनाया है।
  • यह मॉडल चीन से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के आंकड़ों पर आधारित है।
  • मॉडल के मुताबिक कोविड-19 के प्रसार वाले देशों की सूची में (चीन को छोड़कर) भारत 17वें स्थान पर है, जबकि थाईलैंड पहले स्थान पर है।
  • निष्कर्ष
  • कोविड-19 का वर्तमान में कोई टीका उपलब्ध न होने की वजह से आज यह वैश्विक आबादी की सुरक्षा हेतु चिंता का प्रमुख विषय बन चुका है। ऐसी स्थिति में इस वायरस के प्रकोप से बचने का एकमात्र मूलमंत्र ‘सतर्कता ही बचाव’ है। आज इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए विश्व के सभी देश इसी मूलमंत्र का अनुसरण कर रहे हैं और अपने नागरिकों को चीन की यात्रा करने से बचने की सलाह दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनर (Thermal Scanner) के प्रयोग के जरिए संक्रमित व्यक्ति की पहचान करके तथा उसे आइसोलेशन (पृथक) में रखकर इस वायरस को फैलने से रोका जा रहा है। भारत सरकार ने देश में इस वायरस के संक्रमण के मामलों को रोकने के लिए एक दिशा-निर्देश जारी की है। इस दिशा-निर्देश के अनुसार चीन के पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीजा सुविधा को अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया गया है तथा साथ ही चीन के नागरिकों के लिए पहले से जारी किए गए ई-वीजा को अस्थायी तौर पर अमान्य कर दिया गया है।

सं. वृषकेतु राय