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कोलकाता पत्तन का नाम परिवर्तित

Kolkata port name changed
  • भारत में आमतौर पर बंदरगाहों का नाम उन शहरों या कस्बों के नाम पर होता है जहां वे स्थित होते हैं‚ हालांकि पूर्व में भी सरकार विशेष मामलों में महान नेताओं के नाम पर इनका नामकरण करती रही है‚ इसी क्रम में अक्टूबर‚ 2017 में कांडला पत्तन का नाम परिवर्तित किया गया था।
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 12 जनवरी‚ 2020 को कोलकाता पत्तन न्यास की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोलकाता पत्तन न्यास का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा की गई।
  • अब कोलकाता पत्तन न्यास को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन न्यास तथा कोलकाता पत्तन को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन के नाम से जाना जाएगा।
  • ध्यातव्य है कि अक्टूबर‚ 2017 में कांडला पत्तन का नाम परिवर्तित कर ‘दीन दयाल पत्तन’ किया गया था।
  • भारतीय पत्तन अधिनियम‚ 1908 के तहत केंद्र सरकार को पत्तन के नाम को प्रतिस्थापित करने की शक्ति प्राप्त है।
  • कोलकाता पत्तन (Kolkata Port)
  • कोलकाता पत्तन भारत का एकमात्र नदी पत्तन है। यह समुद्रतट से लगभग 203 किलोमीटर (126 मील) की दूरी पर अवस्थित है।
  • कोलकाता पत्तन देश का प्रारंभिक बड़ा पत्तन है‚ शुरुआत में इसका प्रयोग पुर्तगाली अपने जहाजों के पोताश्रय (Port) के रूप में करते थे।
  • मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा अंग्रेजों को पूर्वी भारत में व्यापार का अधिकार दिए जाने के समय यह भारत का प्रमुख पत्तन रहा।
  • 1690 ई. में अंग्रेज अधिकारी जॉब चारनॉक ने एक किलेबंद अंग्रेजी बस्ती के रूप में कोलकाता नगर की स्थापना की।
  • ध्यातव्य है कि इसके बाद कोलकाता पत्तन एक महत्वपूर्ण पत्तन के रूप में विकसित हुआ।
  • 1833 ई. से 1920 के बीच लगभग 1,190,000 भारतीय गिरमिटिया मजदूरों को कोलकाता पत्तन से विश्व के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया था।
  • कोलकाता पत्तन न्यास (Kolkata Port Trust) की स्थापना 1870 ई. में की गई।
  • 1870 ई. में कोलकाता पत्तन आयुक्त (Kolkata Port Commissioner) की नियुक्ति की गई‚ इसके साथ कोलकाता पत्तन को सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया।
  • वर्ष 1925 में ‘गार्डनरीच’ नामक गोदीबाड़े की स्थापना की गई‚ जिसका उद्देश्य मालवाहक यातायात का समायोजन करना था।
  • वर्ष 1928 में किंग जॉर्ज नामक नए डॉक का निर्माण किया गया।
  • बाद में इस डॉक का नाम बदलकर नेताजी सुभाष डॉक कर दिया गया।
  • कोलकाता पत्तन को भारत देश में प्रवेश के पूर्वी द्वार के रूप में भी जाना जाता है।
  • वर्ष 2018-19 में कोलकाता पत्तन 63.763 मिलियन टन (Million tonnes) के कार्गो संचलन वाला पत्तन रहा।
  • कार्गो संचलन के परिमाण (Volume of Cargo Handled) के संबंध में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा पत्तन है।
  • कांडला पत्तन कार्गाे संचलन के परिमाण के संबंध में सबसे बड़ा पत्तन है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
  • कोलकाता पत्तन न्यास की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्मारक डाक टिकट जारी किए।
  • साथ-ही-साथ प्रधानमंत्री ने कोलकाता पत्तन न्यास के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 3 के मशीनीकरण और प्रस्तावित रीवर फ्रंट विकास योजना का भी शुभारंभ किया।
  • वर्ष 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी।
  • भारत के पूर्वी तट के प्रमुख पत्तनों में हैं-

   (1) कोलकाता (पश्चिम बंगाल)‚ (2) पारादीप (ओडिशा)‚ (3) विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश)‚ (4) एन्नौर (तमिलनाडु)‚ (5) चेन्नई (तमिलनाडु) एवं (6) तूतीकोरिन (तमिलनाडु)।

  • भारत के पश्चिमी तट के प्रमुख पत्तनों में हैं-

   (1) दीन दयाल पत्तन  (कांडला‚ गुजरात)‚ (2) मुंबई पत्तन (महाराष्ट्र)‚ (3) जवाहरलाल नेहरू पत्तन (न्हावा शेवा महाराष्ट्र)‚ (4) मर्मुगाओ पोर्ट (गोवा)‚ (5) न्यू मंगलौर (कर्नाटक) एवं (6) कोच्चि (केरल)।

संपवन तिवारी