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केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा भारत बॉण्ड ETF को मंजूरी

Union Cabinet approves India Bond ETF
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA : Cabinet Committee on Economic Affairs) द्वारा 4 दिसंबर, 2019 को भारत बॉण्ड ETF (Bharat Bond-Exchange Traded Fund) को मंजूरी प्रदान की गई।
  • भारत बॉण्ड ETF को केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSU : Central Public Sector Units), केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSE : Central Public Sector Enterprises), केंद्रीय सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (CPFI : Central Public Finance Institution) तथा अन्य दूसरे सरकारी संगठनों के लिए पूंजी सृजन (Creation of Capital) के अतिरिक्त स्रोत के तौर पर लाया गया है।
  • यह देश का पहला सार्वजनिक कॉर्पोरेट बॉण्ड ETF है क्योंकि इसमें शामिल सभी कंपनियां सार्वजनिक क्षेत्र की हैं।
  • इस प्रकार, भारत बॉण्ड ETF पूर्व में भारत सरकार द्वारा जारी भारत-22 ETF (Bharat-22 ETF) से भिन्न है क्योंकि भारत-22 ETF में सार्वजनिक कंपनियों के साथ-साथ निजी कंपनियों के शेयरों को भी शामिल किया गया था।
  • क्या है ETF?
  • ETF (Exchange Traded Fund) प्रतिभूतियों की एक टोकरी (Basket of Securities) है, जिसके पोर्टफोलियो में कई तरह की प्रतिभूतियां होती हैं।
  • ETF प्रतिभूतियों का रिटर्न इंडेक्स (Index) जैसा होता है।
  • ETF प्रतिभूतियां शेयर बाजार में लिस्टेड होती हैं, जहां इन्हें खरीदा एवं बेचा जा सकता है।
  • भारत बॉण्ड ETF की विशेषताएं
  • भारत बॉण्ड ETF CPSE/CPFI/दूसरे सरकारी संगठनों के बॉण्ड शुरू में AAA रेटिंग के बॉण्ड बास्केट होंगे।
  • AAA रेटिंग के बॉण्ड सबसे अधिक सुरक्षित बॉण्ड माने जाते हैं।
  • भारत बॉण्ड ETF :
  • स्टॉक मार्केट में व्यापार योग्य होंगे।
  • 1,000 रु. की छोटी इकाई में भी उपलब्ध होंगे।
  • पारदर्शी NAV (Net Asset Value-शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य) दिनभर NAV की सामयिक लाइव सूचना
  • पारदर्शी पोर्टफोलियो
  • कम लागत (0.00005%)
  • भारत बॉण्ड ETF का ढांचा
  • प्रत्येक ETF की एक निर्धारित परिपक्वता अवधि होगी। अभी तक इसमें दो परिपक्वता श्रेणियां हैं- 3 वर्ष एवं 10 वर्ष।
  • ETF जोखिम पुनरावृत्ति के आधार पर बुनियादी सूचकांक पर नजर रखेगा यानि साख-गुणवत्ता और सूचकांक की औसत परिपक्वता का मिलान करेगा।
  • भारत बॉण्ड ETF, CPSE, CPSU, CPFI अथवा दूसरे सरकारी संगठनों के बॉण्ड्स के ऐसे पोर्टफोलियो में निवेश करेगा, जो ETF की परिपक्वता अवधि के पहले या उसी समय परिपक्व हों।
  • सूचकांक की कार्यप्रणाली
  • सूचकांक का निर्माण एक स्वतंत्र सूचकांक प्रदाता (Independent Index Provider) जैसे- राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange-NSE) द्वारा किया जाएगा।
  • विशिष्ट परिपक्वता वर्षों- 3 एवं 10 वर्ष को ट्रैक करने वाले विभिन्न सूचकांक होंगे।
  • निवेशकों को लाभ
  • भारत बॉण्ड ETF सुरक्षा, नकदी (विनिमय पर व्यापार योग्य) और अनुमानित कर कुशल रिटर्न (Efficient Tax Return) निवेशकों को उपलब्ध करवाएगा।
  • यह छोटे एवं खुदरा निवेशकों को भारतीय पूंजी बाजार में उनकी पहुंच को सुनिश्चित करेगा (1,000 रु. तक का निवेश संभव)।
  • निवेशकों को मामूली कर (Tax) की दरों पर बॉण्ड की उपलब्धता कर (Tax) की दक्षता को बढ़ाएंगे, जिससे निवेशकों को होने वाले पूंजीगत लाभ पर कर (Tax) में काफी कमी आएगी।
  • CPSE को भारत बॉण्ड ETF से लाभ
  • CPSE/CPSU/CPFI और दूसरे सरकारी संगठनों को अपनी कर्ज की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
  • खुदरा एवं एच.एन.आई. (HNI : High Network Individuals) निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से निवेशकों का आधार (Invester Base) बढ़ेगा।
  • चूंकि CPSE की उधार की जरूरतों का आकलन करने के लिए प्रत्येक वर्ष एक ऋण कैलेण्डर जारी किया जाएगा, यह CPSE में उधार लेने के अनुशासन को विकसित करेगा।
  • बॉण्ड बाजार पर प्रभाव
  • भारत बॉण्ड ETF समूचे कैलेण्डर वर्ष में विभिन्न परिपक्वता अवधियों पर परिपक्व होते रहेंगे, इससे एक मुनाफा श्रेणी एवं बॉण्ड ETF का सोपान बना रहेगा।
  • भारत बॉण्ड ETF से भारत में बॉण्ड बाजार के लिए एक नई पारिस्थितिकी (Ecosystem)- मार्केट मेकर्स (प्रतिभूतियों में व्यापार करने वाले- Market Makers), सूचकांक प्रदाता (Index Providers) एवं निवेशकों में जागरूकता बढ़ेगी।
  • इससे भारत में बॉण्ड ETF का दायरा बढ़ने की संभावना है।
  • इससे बॉण्ड बाजारों को मजबूत बनाने, खुदरा भागीदारी को बढ़ाने और उधार लेने की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
  • भारत बॉण्ड ETF तथा भारत- 22ETF में अंतर
  • भारत-22 ETF सूचकांक सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों का मिश्रण था। इसे 14 नवंबर, 2017 को लांच किया गया था।
  • भारत-22 ETF के माध्यम से सरकार ने विश्वसनीय निजी कंपनियों जैसे-L&T (Larson & Tubro), Axis Bank तथा ITC (Indian Textile Corporation) के शेयर खरीदे थे।
  • भारत-22 ETF अर्थव्यवस्था के 6 क्षेत्रों-वित्त, उद्योग, ऊर्जा, उपयोगिता, उपभोक्ता सामानों (FMCG-Fast Moving Consumer Goods) तथा बुनियादी सामग्रियों में शेयर लिए गए थे।

सं. अमित त्रिपाठी