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आईआईटी‚ कानपुर द्वारा विकसित स्वदेशी बीज : BEEG

Indigenous seeds developed by IIT Kanpur: BEEG
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 9 अगस्त‚ 2020 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर ने ‘बायो कम्पोस्ट समृद्ध इको-फ्रेंडली ग्लोबुले’ (BEEG : Bio-Compost Enriched Eco-Friendly Globule) नाम से स्वदेशी सीड बाल (Seed ball) विकसित किया है।
  • इसे IIT, कानपुर के स्टार्ट-अप (Start-up) एग्निस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Agnys Waste Management Private Limited) के सहयोग से विकसित किया गया है।
  • सीड बाल क्या है?
  • बीजों को जब खाद और मिट्टी की परत से 0.5 इंच से लेकर 1 इंच व्यास तक की गोल-गोल गोलियों से सुरक्षित कर लिया जाता है‚ तो उसे सीड बाल कहते हैं।
  • इस प्रकार के बीजों के लिए जुताई या गड्ढे खोदने की आवश्यकता नहीं होती है। इनको लक्षित स्थान पर फेंक दिया जाता है और पानी के संपर्क में आने पर वे अंकुरित हो जाते हैं।
  • इस प्रकार के बीजों में किसी वृक्ष के विकास के लिए जिन तत्वों की आवश्यकता होती है‚ ये प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं।
  • सीड बाल की खोज जापान के सूक्ष्म जीवाणु विशेषज्ञ मसनोबु फुकुओका (Masanobu Fukuoka) ने किया था। हालांकि सर्वप्रथम सीड बाल के प्रयोग का प्रमाण प्राचीन काल में मिस्र में मिलता है‚ परंतु इसके आधुनिक स्वरूप के जन्मदाता मसनोबु फुकुओका हैं।
  • एरियल सीडिंग (Aerial Seeding) द्वारा भी सीड बाल को लक्षित क्षेत्र में फेंका जाता है।
  • महत्व
  • सीड बाल के प्रयोग से कोविड-19 महामारी के समय सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखकर दूर से ही पौधरोपड़ किया जा सकता है।
  • इससे पौधरोपड़ के दौरान की जाने वाली तैयारियों में लगने वाला समय कम हो जाएगा‚ साथ ही बड़ी संख्या में पौधरोपड़ किया जा सकता है।
  • इसके माध्यम से कोविड-19 के दौरान बेरोजगार हुए श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।
  • सीड बाल के प्रयोग से बिना जुताई‚ बिना जहरीले रसायनों और बिना खाद के प्राकृतिक खेती करने और मरुस्थलों को हरियाली में बदलने के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
  • एरियल सीडिंग
  • हरियाणा सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में हरित आवरण को बेहतर बनाने के लिए एरियल सीडिंग को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर संचालित किया जा रहा है।
  • एरियल सीडिंग में सीड बाल को विमानों‚ हेलीकॉप्टरों या ड्रोनों आदि के उपयोग से लक्षित क्षेत्रों में फेंका जाता है।
  • एरियल सीडिंग की प्रभावशीलता का परीक्षण और सफलता दर की समीक्षा करने के लिए 100 एकड़ भूमि पर इसका प्रयोग किया जा रहा है।

सं. विजय सिंह