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अम्बेडकर सोशल इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन मिशन

Ambedkar Social Innovation and Incubation Mission
  • वर्तमान परिपे्रक्ष्य  
  • उच्च शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति के छात्रों के बीच नवाचार तथा उद्यम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ‘अम्बेडकर सोशल इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन मिशन’ (ASIIM) को प्रारंभ किया गया है।  
  • 30 सितंबर‚ 2020 को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए ‘वेंचर कैपिटल फंड’ के तहत इस मिशन का शुभारंभ किया गया।  
  • गौरतलब है कि‚ सामाजिक न्याय मंत्रालय‚ भारत सरकार ने अनुसूचित जाति/दिव्यांग युवाओं में उद्यमिता विकसित करने तथा उन्हें ‘नौकरी देने वाले’ (Gob- Givers) बनने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2014-15 में अनुसूचित जातियों के लिए ‘वेंचर कैपिटल फंड’ की स्थापना की थी।
  • ध्यातव्य है कि इस फंड का उद्देश्य अनुसूचित जाति के उद्यमियों की संस्थाओं को रियायती वित्त प्रदान करना है। इस फंड के तहत अनुसूचित जाति के उद्यमियों द्वारा प्रोन्नत 117 कंपनियों को ‘बिजनेस वेंचर’ स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान निहित है।
  • एएसआईआईएम के उद्देश्य  
  • दिव्यांगों को विशेष वरीयता के साथ अनुसूचित जाति के युवाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देना‚ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित ‘प्रौद्यिगिकी बिजनेस इन्क्यूबेटर’ के साथ तालमेल के माध्यम से वर्ष 2024 तक 1000 अभिनव विचारों का समर्थन करना।
  • स्टार्टअप से संबंधित विचारों को उदार इक्विटी समर्थन प्रदान करके वाणिज्यिक स्तर तक पहुंचाने के लिए बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें मजबूत सहारा देना।  
  • अभिनव विचारों वाले छात्रों को उद्यम वृत्ति चुनने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • एएसआईआईएम मिशन के प्रावधान  
  • इस पहल के तहत विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में ‘प्रौद्योगिकी बिजनेस इन्क्यूबेटर’ के माध्यम से अगले 4 वर्षों में स्टार्टअप विचारों के साथ 1000 अनुसूचित जाति के युवाओं की पहचान की जाएगी।  
  • अनुसूचित जाति के युवाओं को अपने स्टार्टअप से संबंधित विचार को वाणिज्यिक उद्यम में परिवर्तित करने के लिए इक्विटी फंडिंग के तहत 3 वर्षों में 30 लाख रुपये का फंड आवंटित किया जाएगा। 
  • इस मिशन के तहत सफल उपक्रम‚ अनुसूचित जाति हेतु वेंचर कैपिटल फंड में 5 करोड़ रुपये तक की वेंचर फंडिंग के लिए अर्हता प्राप्त कर सकते हैं।
  •  इस मिशन के तहत निम्नलिखित अनुसूचित जाति/दिव्यांग युवा पात्र होंगे-  
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रोन्नत किए जा रहे प्रौद्योगिकी बिजनेस इन्क्यूबेटरों द्वारा पहचान किए गए युवा‚  
  • प्रतिष्ठित निजी प्रौद्योगिकी बिजनेस इन्क्यूबेटरों द्वारा पहचान किए गए युवा‚  
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित किए जा रहे हैकथॉन या स्मार्ट इंडिया हार्डवेयर हैकथॉन के तहत सम्मानित किए गए छात्र‚  
  • ‘कॉर्पोरेट्‌स सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी’ (CSR) फंड के माध्यम से कॉर्पोरेट्‌स द्वारा नामांकित तथा समर्थित स्टार्टअप्स।
  •   विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा स्थापित प्रौद्योगिकी व्यापार इन्क्यूबेटरों के साथ तालमेल के माध्यम से अनुसूचित जाति के युवाओं के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने‚ उनके अभिनव विचारों का समर्थन करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।  
  • इस मिशन के तहत प्रौद्योगिकी बिजनेस इन्क्यूबेटरों के अलावा अन्य प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थानों के साथ‚ उनके इन्क्यूबेशन केंद्रों में काम करने वाले संभावित युवा उद्यमियों की सिफारिश करने के लिए उनसे संपर्क स्थापित किया जाएगा। 
  • इस पहल को वेंचर कैपिटल फंड फॉर एससी (VCF-SC) के द्वारा लागू किया जाएगा‚ जिसे वर्ष 2016 में 500 करोड़ की पूंजी के साथ स्थापित किया गया था।  
  • परिवर्तनात्मक उद्यमी स्टार्टअप्स को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने युवा अनुसूचित जाति उद्यमियों की संस्थाओं को इक्विटी सहायता प्रदान करने हेतु VCF-SC के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है।  
  • VCF-SC द्वारा युवा अनुसूचित जाति के उद्यमियों की प्रत्येक इकाई को तीन वर्षों में 30 लाख रुपये इक्विटी सहायता प्रदान करने के साथ-साथ सक्षम सहायता तथा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।    
  • इस मिशन के तहत आगामी चार वर्षों के लिए 19320 लाख का बजट प्रस्तावित किया गया है।
  • निष्कर्ष  
  • उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति के युवाओं के बीच नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया यह मिशन उनके बीच आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता हेतु प्रेरित करेगा।  
  • इस तरह की पहल से न केवल अनुसूचित जाति के छात्रों को नवाचार एवं उद्यमिता के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलेगा‚ बल्कि भारत सरकार के ‘स्टैंड अप इंडिया’ कार्यक्रम को भी बढ़ावा मिलेगा।  

सं.  आलोक पाण्डेय  

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