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UPPSC तथा सम-सामयिक घटना चक्र द्वारा जारी UPPCS Pre -2018 की उत्तर कुंजी में उत्तरों में भिन्नता



24. निम्नलिखित में कौन भारत का सबसे ऊंचा जलप्रपात है?
(a) जोग जलप्रपात
(b) कुंचीकल जलप्रपात
(c) राकिम कुण्ड जलप्रपात
(d) केवति जलप्रपात
घटना चक्र का उत्तर-(*)
आयोग का उत्तर-(b)
विश्व जलप्रपात डाटाबेस की वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत का सबसे ऊंचा जलप्रपात नोहकाली कई (मेघालय) प्रपात है। अनेक आधिकारिक भारतीय स्रोतों में अभी भी भारत का सर्वाधिक ऊंचा जलप्रपात कुंचीकल प्रदर्शित है।
विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा पूछे गए प्रश्नों में भी भारत का सबसे ऊंचा जलप्रपात कुंचीकल को ही माना गया था।
Link
https://www.worldwaterfalldatabase.com/country/India/tallest


26. निम्नलिखित देशों में से किसमें पम्पास घास का मैदान स्थित है?
(a) अर्जेंटीना
(b) ब्राजील
(c) चिली
(d) इक्वेडोर
घटना चक्र का उत्तर-(*)
आयोग का उत्तर-(a)

पम्पास घास का मैदान अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स, ला पम्पा, सांताफे, एंतरे रियोस एवं कोर्डोबा प्रांत में ब्राजील के दक्षिणी प्रांत रियो ग्रैंडे डो सुल तथा संपूर्ण उरुग्वे में फैला हुआ है। अतः विकल्प (a) एवं (b) दोनों सही हैं।
Link
https://en.wikipedia.org/wiki/Pampas


99. उत्तर प्रदेश की निम्नलिखित नदियों में कौन-सी पर्यावरण प्रदूषण के कारण ‘जैविक आपदा’ घोषित हो गई है?
(a) यमुना
(b) गोमती
(c) सई
(d) तमसा
घटना चक्र का उत्तर-(a or b)
आयोग का उत्तर-(b)

पब्लिक डोमेन में जैविक आपदा घोषित नदी की सूचना नहीं प्राप्त है। जलगुणता के आधार पर यमुना नदी का जलगुणता सूचकांक अधिक अशुद्धता की ओर है, जबकि इस दृष्टि से दूसरे क्रम पर गोमती नदी है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने यमुना को मृत नदी घोषित किया है। जैविक आपदा नदी इन्हीं दोनों नदियों में से कोई एक होगी।




(NCERT, Page No. 66, Class-12 भारत लोग और अर्थव्यस्था)


145. भारतीय न्यायिक व्यवस्था में जब जनहित याचिका को शामिल किया गया उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश कौन थे?
(a) एम. हिदायतुल्ला
(b) ए.एम. अहमदी
(c) पी.एन. भगवती
(d) ए.एस. आनंद
घटना चक्र का उत्तर-(*)
आयोग का उत्तर-(c)

भारतीय न्यायिक व्यवस्था में सर्वोच्च न्यायालय की पहल पर जनहित याचिकाओं (Public Interest Litigation) की शुरुआत हुई। इसके तहत नागरिक समाज का कोई व्यक्ति या समूह जनहित के मामलों में न्यायिक उपचार प्राप्त करने हेतु न्यायालय की शरण ले सकता है। सर्वप्रथम सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी.एन. भगवती द्वारा वर्ष 1979 में हुसैनारा खातून केस में जनहित याचिका स्वीकार की गई थी। इस याचिका को पुष्पा कपिला हिंगोरानी (Pushpa Kapila Hingorani) ने दाखिल किया था।



इन्हें ‘जनहित याचिका की माता’ (Mother of PIL) के नाम से भी जाना जाता है।उल्लेखनीय है कि जिस समय पी.एन. भगवती ने यह याचिका स्वीकार की थी, उस समय वे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे, न कि मुख्य न्यायाधीश। सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में इनकी नियुक्ति 17 जुलाई, 1973 को हुई, जबकि मुख्य न्यायाधीश के रूप में इनका कार्यकाल 12 जुलाई, 1985 से 20 दिसंबर, 1986 तक था। जबकि जनहित याचिका स्वीकार करने के समय वाई.वी. चंद्रचूड़ (20 फरवरी, 1978 से 11 जुलाई, 1985 तक) सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। अतः दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प सही नहीं है।

Link
1. https://www.sci.gov.in/former-chief-justices
2. http://14.139.60.114:8080/jspui/bitstream/123456789/4126/1/025_2009_Public%20Interest%20Litigation.pdf
3. https://indiankanoon.org/doc/1373215/
4. http://14.139.60.114:8080/jspui/bitstream/123456789/4250/1/29%20Public%20Interest%20Litigation.pdf
5. http://clarkcunningham.org/PIL/KapilaHingorani-ProblemOfUndertrials.pdf

74.    भारतीय संविधान में भारत की आधिकारिक भाषा में जुड़े प्रावधानों में संसद संशोधन कर सकती है-

   (a)  अपने सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा

  (b) 2/3 बहुमत द्वारा

  (c)  3/4 बहुमत द्वारा

  (d)  अपने 1/3 सदस्यों के समर्थन द्वारा

घटना चक्र का उत्तर-(*)

आयोग का उत्तर-(a)

उपर्युक्त प्रश्न के हिंदी और अंग्रेजी रूपों (Versions) में तात्विक अंतर है। हिंदी रूप में यह प्रश्न पूछा गया प्रतीत हो रहा है कि भारतीय संविधान में संघ की राजभाषा से संबंधित प्रावधानों (Provisions) में, संसद अपने सदस्यों के किस बहुमत द्वारा संशोधन करने के लिए सशक्त है। उल्लेखनीय है कि संविधान के भाग 17 के अंतर्गत अनुच्छेद 343, 344, 346 एवं 348 (1) (ख) के तहत संघ की राजभाषा के विषय से संबंधित प्रावधान दिए हुए हैं। दूसरी ओर, प्रश्न के अंग्रेजी रूप से यह प्रश्न पूछा गया प्रतीत हो रहा है कि संविधान के अंतर्गत संसद, अपने किस बहुमत द्वारा, संघ की राजभाषा संबंधी प्रावधान (Provision) का संशोधन करने के लिए अधिकृत है।

प्रश्न के हिंदी रूप एवं अंग्रेजी रूप में, क्रमशः ‘‘भारत की अधिकारिक भाषा’’ एवं “Official Language of India” नामक पदावलियों का प्रयोग किया गया है, जो तकनीकी रूप से सही नहीं है। भारतीय संविधान में ‘‘भारत की राजभाषा’’ पदावली का प्रयोग नहीं हुआ है। उसमें ‘‘संघ की राजभाषा’’ एवं “The Official Language of Union” तथा ‘‘राज्य की राजभाषा या भाषाएं’’ और “Official Language or Languages of a State” पदावलियों (terms) का प्रयोग हुआ है। संघ एवं राज्यों की राजभाषाएं अलग-2 हो सकती हैं और वास्तव में ऐसा है भी। अनुच्छेद 343(1) के अनुसार, देवनागरी लिपि में हिंदी संघ की राजभाषा है। अनुच्छेद 345 सभी राज्य-विधान-मण्डलों को प्राधिकृत करता है कि वे कानून बनाकर अपने राज्य में प्रयोग होने वाली एक या अधिक भाषाओं को या हिंदी को अपने राज्य के कुछ या सभी शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग की जाने वाली भाषा या भाषाओं के रूप में अंगीकार (adopt) कर लें। ‘भारत’ सभी ‘राज्यों’ एवं सभी संघ राज्य क्षेत्रों की सामूहिक संज्ञा (Collective Noun) है। उसकी एक नहीं अनेक राजभाषाएं हैं- संघ के लिए हिंदी और अनेक राज्यों के लिए अन्य भारतीय भाषाएं। केवल नौ राज्यों की राजभाषा हिंदी है। ‘गुजराती’ के साथ-साथ हिंदी, गुजरात की राजभाषा है शेष राज्यों की राजभाषा हिंदी नहीं है। अतएव, प्रश्न में “Official Language of India” या ‘‘भारत की अधिकारिक भाषा’’ पदावलियों के प्रयोग से भ्रम पैदा हो रहा है। इस दृष्टि से प्रश्न यदि गलत नहीं, तो अस्पष्ट (Vague) तो है ही।

यदि हम उपर्युक्त ‘गलती’ या ‘अस्पष्टता’ को प्रश्नोत्तर के लिए नजरअंदाज करें तो यह प्रतीत होता है कि प्रश्न, ‘‘संघ की राजभाषा’’ से संबंधित है। जैसा कि इस व्याख्या के प्रथम पैराग्राफ में उल्लिखित है, प्रश्न के हिंदी एवं अंग्रेजी रूपों में अंतर होने के कारण, उत्तर भी अलग-अलग होगा। हिंदी रूप के अनुसार, विकल्प (b) सही है। अनुच्छेद 343, 344, 346 और 348(1) (ख) में संशोधन, संसद द्वारा अनुच्छेद 368(2) में अधिकथित प्रक्रिया के अनुसार ही संभव है, अन्यथा नहीं। ये अनुच्छेद, अर्थात अनुच्छेद 343, 344, 346 एवं 348 (1) (ख), अनुच्छेद 368(2) के परंतुक (proviso) से शासित (govern) नहीं हैं, इसलिए इनमें संशोधन के लिए कम-से-कम आधे राज्य-विधान-मण्डलों का अनुसमर्थन (ratification) नहीं चाहिए। दूसरी ओर, यदि प्रश्न के अंग्रेजी रूप को स्वीकार किया जाए तो विकल्प (a) सही उत्तर होगा। संसद को अनुच्छेद 343(3) के अनुसार, अनुच्छेद 343(1) का अपवाद सृजित करते हुए, संघ की राजभाषा ‘हिंदी’ के स्थान पर या हिंदी के अतिरिक्त ‘अंग्रेजी’ को, संघ शासकीय प्रयोजनों के लिए जारी रखने के लिए कानून बनाने की शक्ति है। अनुच्छेद 100(1) के कारण ऐसा कानून संसद द्वारा अपने साधारण बहुमत से बनाया जाएगा। संसद ने अपनी इस शक्ति का प्रयोग करते हुए राजभाषा अधिनियम, 1963 अधिनियमित किया है। इस अधिनियम की धारा तीन के अनुसार, हिंदी के अतिरिक्त, अंग्रेजी भी संघ की राजभाषा के रूप में, 26 जनवरी, 1965 से प्रयुक्त होती रहेगी। संघ के कतिपय शासकीय प्रयोजनों के लिए तो अंग्रेजी, इस अधिनियम के अनुसार अनिवार्य है। स्पष्टतः उक्त अधिनियम में कोई भी संशोधन, संसद द्वारा अपने साधारण बहुमत से किया जा सकता है और तदनुसार संघ की राजभाषा में संविधान के अनुरूप संशोधन किया जा सकता है। प्रश्न के अंग्रेजी रूप में प्रयुक्त ‘Provision’ शब्द और ‘Under The Constitution’ शब्दों से अनुच्छेद 343 (3) में संसद को प्राप्त शक्ति का एवं शक्ति के प्रयोग में अधिनियमित राजभाषा अधिनियमका संदर्भ स्पष्ट हो रहा है।

उपर्युक्त व्याख्या से स्पष्ट है कि एक ही प्रश्न के दो सुभिन्न उत्तर हैं। अतएव, प्रश्न को रदद (Cancel) करना परीक्षा की शुचिता के लिए आवश्यक है। ऐसा करना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि आयोग ने प्रश्न-पत्र में दिए गए निर्देशों में यह अंकित नहीं किया है कि प्रश्न की भाषा में अंतर होने पर हिन्दी या अंग्रेजी रूप में से कौन सा रूप (Version) मान्य होगा।