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UPPCS (Pre) 2019 – आयोग और घटनाचक्र के उत्तरों में भिन्नता (8 प्रश्न)

Sam Samayik Ghatna Chakra Prakashan

उ.प्र. पी.सी.एस. (प्रारंभिक) परीक्षा, 2019
आयोग और घटनाचक्र के उत्तरों में भिन्नता
प्रश्नों की यथास्थिति
(Series-B) GS Paper 1

32. निम्नलिखित में से कौन-सी एक चोटी भारत में अवस्थित नहीं है?
(a) गुरला मान्धाता
(b) नामचा बरवा
(c) कामेट
(d) नंगा पर्वत
घटना चक्र का उत्तर-(a & b)
आयोग का उत्तर-(a)
गुरला मान्धाता पर्वत शिखर भारत में नहीं बल्कि पश्चिमी तिब्बत में नेपाल की उत्तर-पश्चिम सीमा के निकट अवस्थित है। इसी प्रकार नामचा बरवा पर्वत चोटी भी अरुणाचल प्रदेश सीमा के निकट दक्षिण-पूर्वी तिब्बत में अवस्थित है। इस प्रकार गुरला मान्धाता और नामचा बरवा ये दोनों ही पर्वत शिखर भारत में अवस्थित नहीं हैं। कामेट या कामेत पर्वत उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में तथा नंगा पर्वत भारत के जम्मू एवं कश्मीर (पाक-अधिकृत क्षेत्र) में अवस्थित है। इस प्रकार इस प्रश्न के दो विकल्प सही हैं।

 

54. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : केंद्रीय कानूनों का सांविधानिक वैधता के संबंध में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की अनन्य अधिकारिता है।
कारण (R) : सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान का संरक्षक है।
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए :
कूट :
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R) कथन (A) की सही व्याख्या है
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं, परंतु (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है
(d) (A) गलत है, किंतु (R) सही है
घटना चक्र का उत्तर-(d)
आयोग का उत्तर-(a)
भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारतीय संविधान का प्रहरी और संरक्षक है। तथापि केंद्रीय कानूनों की सांविधानिक वैधता के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय के साथ-साथ उच्च न्यायालयों को भी अधिकारिता प्राप्त है। सर्वोच्च न्यायालय की तरह उच्च न्यायालय भी संसद अथवा राज्य विधानमंडल द्वारा अधिनियमित किसी कानून की वैधता का परीक्षण कर सकते हैं तथा संविधान के उपबंधों के अनुसार न होने पर उसे असंवैधानिक घोषित कर सकते हैं। हालांकि उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि 42वें सांविधानिक संशोधन, 1976 द्वारा संविधान में अनुच्छेद 131-A के तहत केंद्रीय कानूनों की सांविधानिक वैधता से संबंधित प्रश्नों के बारे में सर्वोच्च न्यायालय की अनन्य अधिकारिता संबंधी उपबंध तथा अनुच्छेद 226-A के तहत अनुच्छेद 226 के अधीन (उच्च न्यायालय की) कार्यवाहियों में केंद्रीय विधियों की वैधता पर विचार न किए जाने संबंधी उपबंध किए गए थे, तथापि 43वें सांविधानिक संशोधन, 1977 द्वारा इन्हें निरसित कर दिया गया। आयोग द्वारा इस प्रश्न का उत्तर (a) माना गया है जो कि उचित नहीं है।

91. लघु उद्योगों के लिए बनी निम्न समितियों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए हुए कूटों में सही उत्तर चुनिए –
I. नायक समिति
II. आबिद हुसैन समिति
III. एस.एस. कोहली समिति
IV. कार्वे समिति
कूट :
(a) I, II, IV, III (b) III, II, I, IV
(c) IV, II, I, III (d) I, II, III, IV
घटना चक्र का उत्तर-(*)
आयोग का उत्तर-(c)
समिति गठन                    (वर्ष)
नायक समिति                 1991
आबिद हुसैन समिति        1995
एस.एस. कोहली समिति   2000
कार्वे समिति                    1955
दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प सही नहीं है। इस प्रश्न के लिए ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग’ ने अपने उत्तरमाला में सही उत्तर विकल्प (c) दिया है जो कि गलत है। अगर प्रश्न में यह पूछा जाता कि सबसे अंत से प्रारंभ करते हुए सबसे पहले गठित होने वाली समिति के आधार पर क्रम निर्धारित करें, तब विकल्प (b) सही हो सकता था।

Link 1 : http://planningcommission.nic.in/plans/planrel/fiveyr/2nd/2planch20.html

Link 2 : http://dcmsme.gov.in/publications/comitterep/SICKSSI.pdf

Link 3 : http://dcmsme.gov.in/publications/comitterep/nayak.html

Link 4 : http://dcmsme.gov.in/publications/comitterep/abid.htm

93. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : हाल के वर्षों में भारत में महिलाओं के लिए श्रम की भागीदारी की दर में तेजी से गिरावट आई है।
कारण (R) : पारिवारिक आय में सुधार एवं शिक्षा में वृद्धि के कारण से इस श्रम की भागीदारी दर में गिरावट आई है।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए –
कूट :
(a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं एवं (R) कथन (A) की सही व्याख्या है
(b) (A) तथा (R) दोनों सही हैं, परंतु (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) (A) सही है, परंतु (R) गलत है
(d) (A) गलत है, परंतु (R) सही है
घटना चक्र का उत्तर-(a)
आयोग का उत्तर-(b)
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में भारत में महिलाओं के लिए श्रम की भागीदारी दर में तेजी से गिरावट आई है। यह वर्ष 1999-2000 के 34.1 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2011-12 तक 27.2 प्रतिशत हो गई है और भागीदारी दर में व्यापक लैंगिक अंतराल बना हुआ है।
इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मध्य काफी भिन्नताएं हैं। वर्ष 2009-10 में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी दर 26.5 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2011-12 में (सामान्य स्थिति परिभाषा) में 25.3 प्रतिशत हो गई, जबकि इसी अवधि में शहरी महिलाओं की दर 14.6 प्रतिशत से बढ़कर 15.5 प्रतिशत हो गई। महिलाओं के लिए श्रम बल में भाग लेने का निर्णय विभिन्न आर्थिक और सामाजिक कारकों का परिणाम है, जो घरेलू एवं समष्टि (Macro) दोनों स्तरों पर लागू है। वैश्विक प्रमाणों के आधार पर कुछ सबसे महत्वपूर्ण कारकों में शिक्षा प्राप्ति, प्रजनन दर, विवाह की आयु, आर्थिक विकास/चक्रीय प्रवाह और शहरीकरण शामिल है। इन कारकों के अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को निर्धारित करने वाले सामाजिक मानदंड भी परिणामों को प्रभावित करते हैं। भारत में महिलाओं के लिए श्रम बल भागीदारी दर में गिरावट के प्रमुख कारण निम्न हैं-

  • युवा महिलाओं के शैक्षिक नामांकन में वृद्धि,
  • रोजगार के अवसरों में कमी तथा घरेलू आय में वृद्धि आदि।

उपर्युक्त व्याख्या के आधार पर यह स्पष्ट है कि कथन एवं कारण दोनों ही सत्य हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।

Link 1 : https://niti.gov.in/writereaddata/files/document_publication/Decline%20in%20Rural%20Female%20Labour%20Force%20Participation%20in%20India.pdf

Link 2 : http://ilo.ch/wcmsp5/groups/public/—dgreports/—inst/documents/publication/wcms_250977.pdf

Link 3 : https://www.ilo.org/wcmsp5/groups/public/—asia/—ro-bangkok/—sro-new_delhi/documents/genericdocument/wcms_342357.pdf

105. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : हिंद महासागर कई बड़ी शक्तियों का सैन्य अड्डा बन गया है।
कारण (R) : हिंद महासागर से निकटवर्ती देशों को बहुत भौगोलिक-राजनीतिक लाभ हैं।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :
कूट :
(a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है
(b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है
(d) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है
घटना चक्र का उत्तर-(a)
आयोग का उत्तर-(b)
हिंद महासागर आर्थिक, राजनीतिक तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण ही विश्व के प्रमुख देशों (विशेषकर ब्रिटेन, अमेरिका, रूस, चीन, भारत आदि) के लिए हमेशा से ही रुचि का विषय रहा है। हिंद महासागर समुद्री मार्गों का जंक्शन है। क्षेत्र की भूसामरिक स्थिति और वहां सामरिक महत्व के संसाधनों की विद्यमानता के परिणामस्वरूप प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और विदेशी पूंजी निवेश के द्वारा प्राप्त होने वाले विकास के सुअवसर उस क्षेत्र की ओर महाशक्तियों का ध्यान आकृष्ट करने हेतु लाभप्रद प्रबोधक है। क्षेत्रीय शक्तियों और महाशक्तियों के मध्य बढ़ती हुई अन्योन्यक्रिया के क्रम से पारस्परिक अनुकूल और प्रतिकूल घटनाओं के घटित होने की संभावनाएं रहती हैं। फलतः इस प्रकरण में घटित भूराजनीतिक घटनाओं का क्षेत्रीय और विश्व की सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर प्रभाव पड़ता है। हिंद महासागर क्षेत्र जिसमें लगभग 47 देश, जिनमें से लगभग 30 तटीय देश, पांच द्वीप समूह देश तथा लगभग 12 भू-मध्य देश हैं, पर उपरोक्त प्रतिमान सही रूप से लागू होता है।
हिंद महासागर क्षेत्र की रूस और चीन के साथ भौगोलिक समीपता है। डियागो गर्शिया द्वीप पर अमेरिकी आधिपत्य होने के कारण, अमेरिका हिंद महासागर के साथ भौगोलिक सन्निहितता का दावा पेश करता है। फ्रांस जिसके इस क्षेत्र में लगभग 12 आश्रित द्वीप हैं, भी इसी आधार पर दावा पेश करता हैं। सामरिक महत्व के खनिज पदार्थों द्वारा धातुओं, विशेषकर खनिज तेल और प्राकृतिक गैस जैसे वाणिज्यिक ऊर्जा स्रोतों की हिंद महासागर क्षेत्र में विद्यमानता तथा अमेरिका और जापान सहित पश्चिमी यूरोपीय देशों के लिए उनकी उपयोगिता के संदर्भ में इस क्षेत्र की सामरिक महत्ता बढ़ गई है। हिंद महासागर के क्षेत्र में सामरिक रूप से स्थित संचार जलमार्गों, स्लॉक्स, जिनके द्वारा विश्व व्यापार का अधिकांश और खाड़ी देशों से खनिज तेल और प्राकृतिक गैस विश्व के अन्य भागों में जाता है, विद्यमानता ने मुख्य रूप से क्षेत्र की सामरिक महत्ता को बढ़ा दिया है।
हाल के वर्षों में भारत ने भी इसी दृष्टिकोण से सेशेल्स द्वीप के साथ अपने संबंधों का विस्तार किया है। जिसके तहत भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा सेशेल्स द्वीप का दौरा किया गया है।
उपर्युक्त व्याख्या से स्पष्ट है कि कथन एवं कारण दोनों ही सत्य हैं तथा कारण (R) कथन (A) की व्याख्या कर रहा है।

Link 1 : https://www.thehindu.com/opinion/op-ed/all-out-at-sea/article27141593.ece

Link 2 : https://www.csis.org/npfp/rising-india-indian-ocean-needs-strong-navy

Link 3 : http://www.indiandefencereview.com/spotlights/external-naval-presence-in-indian-ocean/

111. हिमालय पर्वत श्रेणी के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है/हैं?
1. मुख्य हिमालय की परतदार चट्टानें जीवाश्म हीन हैं।
2. लघु हिमालय की परतदार चट्टानों में समुद्री जीव-जंतुओं के जीवाश्म मिलते हैं।
3. बाह्य हिमालय या शिवालिक हिमालय में मानव सभ्यता के अवशेष मिले हैं।
नीचे दिए हुए कूट में से सही उत्तर चुनिए –
कूट :
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3 सही हैं
घटना चक्र का उत्तर-(b)
आयोग का उत्तर (d)
मुख्य हिमालय की परतदार चट्टानें जीवाश्म हीन नहीं हैं। अतः कथन 1 असत्य है। लघु हिमालय की परतदार चट्टानों में समुद्री जीव-जंतुओं के जीवाश्म मिलते हैं। बाह्य हिमालय या शिवालिक हिमालय में स्थित बुर्जहोम एवं गुफकराल में मानव सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार कथन 2 एवं 3 सही हैं।
Link : https://weather.com/en-IN/india/news/news/2018-06-29-fish-fossil-himalayas

112. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : अकबर ने शेरशाह की तरह राज्य के सिक्कों के प्रचलन को नियमित करने का प्रयास किया।
कारण (R) : शेरशाह की मुद्रा पद्धति के समान, अकबर के समय का ताम्र का प्रमुख सिक्का दाम था।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए –
कूट :
(a) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है
(b) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है
(d) कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है
घटना चक्र का उत्तर -(a)
आयोग का उत्तर (b)
अकबर ने शेरशाह की तरह राज्य के सिक्कों के प्रचलन को नियमित करने का प्रयास किया और इसके परिणामस्वरूप अकबर और उसके उत्तराधिकारियों के शासनकाल के दौरान मुगल साम्राज्य में व्यापारिक कारोबार हेतु मुख्यतः स्वर्ण मुहरों, चांदी के रुपया और तांबे के दाम के रूप में मानक सिक्कों का प्रचलन और प्रसार किया गया। शेरशाह की मुद्रा पद्धति के समान, अकबर के समय भी तांबे का प्रमुख सिक्का दाम था तथा 1 रुपया में 40 दाम होते थे। राज्य के आय-व्यय की गणना दाम में ही की जाती थी। इस प्रकार प्रश्नगत कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है। आयोग द्वारा इस प्रश्न का उत्तर (b) दिया गया है, जो उचित नहीं है। इसका सही उत्तर (a) होना चाहिए।

122. नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना वॉरेन हेस्टिंग्स के काल में हुई थी और उसने सर विलियम जोन्स के पक्ष में उक्त विद्वत संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
कारण (R) : वॉरेन हेस्टिंग्स स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी व अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर चुनिए –
कूट :
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R) कथन (A) की सही व्याख्या है
(b) (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है
(d) (A) गलत है, किंतु (R) सही है
घटना चक्र का उत्तर -(a)
आयोग का उत्तर (b)
वॉरेन हेस्टिंग्स 1774-85 ई. के दौरान बंगाल का गवर्नर जनरल था। वह स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी और अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था। उसके सहयोग और समर्थन से ही 1784 ई. में बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना हुई थी तथापि उसने सर विलियम जोंस के पक्ष में इस संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
चार्ल्स विल्किन्स, नथानियल हैल्हेड, जोनाथन डंकन आदि ने वॉरेन हेस्टिंग्स के प्रश्रय और समर्थन के तहत ही प्राच्य विद्या के अध्ययन में योगदान दिया था। चार्ल्स विल्किन्स द्वारा किए गए ‘भगवद्गीता’ के अंग्रेजी अनुवाद की प्रस्तावना वॉरेन हेस्टिंग्स ने ही लिखी थी। प्रश्नानुसार कथन में दो बातों का जिक्र है- (1) एशियाटिक सोसायटी की स्थापना और (2) वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा विलियम जोंस के पक्ष में इसकी अध्यक्षता स्वीकार न करना। वहीं कारण में उसका स्वयं विद्वान होना तथा प्राच्य विद्या के अध्ययन को प्रोत्साहित करना वर्णित है। यहां प्राच्य विद्या के अध्ययन को प्रोत्साहन कथन की दोनों बातों का कारण होना पुष्ट करता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि प्रश्नगत कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है। आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर (b) दिया है, जो उचित नहीं है। इसका सही उत्तर (a) होना चाहिए।