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5वां धर्म-धम्म सम्मेलन

5th International Dharma-Dhamma Conference 2019
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 27-28 जुलाई, 2019 के मध्य बिहार के राजगीर में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (RICC) में 5वें ‘अंतरराष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन (5th International Dharm-Dhamm Conference), 2019’ का आयोजन किया गया।
  • सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने किया जो कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि भी थे।
  • सम्मेलन से संबंधित तथ्य
  • सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सत – -चित-आनंद और निर्वाण’ था।
  • इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बढ़ते वैश्विक तापन (Global Warming) तथा आतंक और हिंसा के बारे में वैश्विक समुदाय को जागरूक करना था।
  • उल्लेखनीय है कि सम्मेलन का आयोजन नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा नई दिल्ली के सेंटर फॉर स्टडी ऑफ रिलिजन एंड सोसाइटी इंडिया फाउंडेशन (CSRS-IF) के सहयोग से किया गया।
  • सम्मेलन में श्रीलंका, भूटान, कोरिया, चीन और मालदीव जैसे 15 देशों के 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • उल्लेखनीय है कि सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में श्रीलंका के गृह मंत्री गामिनी जयविक्रमा परेरा, भूटान के गृह व संस्कृति मंत्री ल्योनपो शेरूब ग्येल्तशेन, जूना अखाड़ा के अवधेशानंद गिरि जी महाराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधवन और नालंदा विश्वविद्यालय की कुलपति सुनैना सिंह आदि ने हिस्सा लिया।
  • सम्मेलन के मुख्य अतिथि किरन रिजिजू ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति की दो धाराओं हिंदू और बौद्ध के बीच बुनियादी समानता को रेखांकित करने का एक प्रयास है।
  • यह दूसरा अवसर था जब अंतरराष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का आयोजन राजगीर में किया गया।
  • गौरतलब है कि यह सम्मेलन हिंदू व बौद्ध चिंतकों के लिए विचार-विमर्श हेतु एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां वे अपने विचार व्यक्त करते हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन विचारों को आत्मसात कर अपनी उन्नति कर सकें।

संप्रकाश सी. पाण्डेय