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106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस

106th Indian Science Congress
  • पृष्ठभूमि

देश में प्रतिवर्ष ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस’ (Indian Science Congress) का आयोजन दो ब्रिटिश रसायन शास्त्रियों यथा प्रोफेसर जे.एल. सिमोनसेन तथा प्रोफेसर पी.एस. मैकमोहन की दूरदर्शिता एवं पहल का ही परिणाम है। इन दोनों वैज्ञानिकों के मन में यह विचार उत्पन्न हुआ कि यदि ‘ब्रिटिश एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस’ (British Association for the Advancement of Science) की तर्ज पर अनुसंधानकर्ताओं की एक वार्षिक बैठक का आयोजन किया जाए, तो भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सकता है। इन्हीं दोनों वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम था कि 15-17 जनवरी, 1914 के मध्य एशियाटिक सोसायटी, कलकत्ता के प्रांगण में प्रथम भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस सर आशुतोष मुखर्जी द्वारा की गई थी।

  • ISCA
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन (Indian Science Congress Association : ISCA) देश में वैज्ञानिक अनुसंधानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित एक प्रमुख वैज्ञानिक संगठन है।
  • इसका मुख्यालय कोलकाता में स्थित है।
  • ISCA के तत्वावधान में ही प्रतिवर्ष भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जाता है।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस : प्रमुख आयोजन
  • नेल्सन के लॉर्ड रदरफोर्ड की अध्यक्षता में वर्ष 1938 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस का रजत जयंती सत्र कलकत्ता में आयोजित हुआ था।
  • हालांकि लॉर्ड रदरफोर्ड की आकस्मिक मृत्यु के उपरांत सर जेम्स जींस ने अध्यक्षता संभाली थी।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस की स्वर्ण जयंती अक्टूबर, 1963 में दिल्ली में मनाई गई थी।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस के इस स्वर्ण जयंती सत्र कीअध्यक्षता प्रोफेसर डी.एस. कोठारी ने की थी।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस का हीरक जयंती (60वां) सत्र 3-9 जनवरी, 1973 के मध्य डॉ. एस. भगवंतम की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित हुआ था।
  • जबकि प्लैटिनम जयंती (75वां सत्र) प्रोफेसर सी.एन.आर. राव की अध्यक्षता में वर्ष 1988 में पुणे में संपन्न हुई।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस का शताब्दी समारोह (100 वां सत्र) वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में कोलकाता में आयोजित हुआ था।
  • 106वां सत्र
  • 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन 3-7 जनवरी, 2019 के मध्य लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा (पंजाब) में किया गया।
  • यह द्वितीय अवसर था जब भारतीय विज्ञान कांग्रेस किसी निजी संस्थान में आयोजित की गई।
  • उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व वर्ष 2012 में 99वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस KIIT विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर में आयोजित की गई थी।
  • 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का केंद्रीय विषय था-‘‘भविष्य का भारत : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’’ (Future India : Science & Technology)।
  • इस वर्ष भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अध्यक्षता प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार चक्रवर्ती ने की।
  • 3 जनवरी, 2019 को इस पांच दिवसीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
  • प्रतिभागी
  • तीन नोबेल पुरस्कार विजेताओं, भारत के केंद्रीय मंत्रियों, वैज्ञानिक नीति-निर्माताओं, प्रशासकों, प्रख्यात वैज्ञानिकों, युवा अनुसंधानकर्ताओं एवं स्कूली बच्चों सहित देश एवं विदेश के 30,000 लोगों ने इस कांग्रेस में भाग लिया।
  • जिन तीन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों ने इस कांग्रेस में भाग लिया, वे हैं :-

1.   जर्मन-अमेरिकी जैव-रसायन शास्त्री प्रोफेसर थॉमस सुडोफ (वर्ष 2013 में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता)

2.   इस्राइली जैव-रसायन शास्त्री प्रोफेसर अवराम हर्शको (वर्ष 2004 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता)

3.   ब्रिटेन में जन्में भौतिकविद फ्रेडरिक डंकन माइकल हाल्डेन (वर्ष 2016 में भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता)

  • संबद्ध कार्यक्रम
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान 4 जनवरी, 2019 को ‘राष्ट्रीय किशोर वैज्ञानिक सम्मेलन’ (Children Science Congress) का उद्घाटन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों अवराम हर्शको तथा फ्रेडरिक डंकन माइकल हाल्डेन ने किया।
  • उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय किशोर वैज्ञानिक सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य 10-17 वर्ष के बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार एवं अनुसंधान हेतु प्रोत्साहित करना है।
  • 5 जनवरी, 2019 को ‘महिला विज्ञान कांग्रेस’ (Women’s Science Congress) का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने किया।
  • महिला विज्ञान कांग्रेस के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को प्रदर्शित किया गया।
  • 6 जनवरी, 2019 को दो दिवसीय ‘विज्ञान संचारक सम्मेलन’ (Science Communicators’ Meet) का उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया।
  • भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ (Pride of India) नामक एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें DRDO, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, CSIR, ICAR, ICMR, NPCIL जैसे 150 संगठनों, वैज्ञानिक विभागों एवं विश्वविद्यालयों ने प्रतिभाग किया।
  • निष्कर्ष

   भारतीय विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह उल्लेख किया कि वर्ष 2018 भारत के लिए विज्ञान की दृष्टि से अच्छा रहा। अनुसंधान पत्रों के एक अंतरराष्ट्रीय डाटाबेस स्कोपस (SCOPUS) के अनुसार, अनुसंधान संबंधी प्रकाशनों के संदर्भ में भारत, विश्व के 5 शीर्ष देशों में शामिल है। वर्ष 2018 में भारतीय विज्ञान की प्रमुख उपलब्धियों में विमानन क्षेत्र हेतु जैव-ईंधन दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक पढ़ने वाली मशीन ‘दिव्यनयन’, सिक्किम-दार्जीलिंग क्षेत्र हेतु एक रियल टाइम भूस्खलन चेतावनी प्रणाली का विकास शामिल है। वर्ष 2020 में आयोजित होने वाली भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अध्यक्षता मैसूर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के.एस. रंगधा द्वारा की जाएगी।

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा