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10 वीं मेकांग-गंगा सहयोग मंत्रिस्तरीय बैठक

10th Mekong-Ganga Cooperation Ministerial Meeting
  • 1 अगस्त, 2019 को थाईलैंड के बैंकॉक में 10वीं मेंकांग-गंगा सहयोग मंत्रिस्तरीय बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भाग लिया।
  • बैंकॉक में 52वीं आसियान विदेश मंत्री की बैठक 31 जुलाई से 3 अगस्त, 2019 के मध्य संपन्न हुई। इस दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वहां संपन्न हुई, आसियान भारत मंत्रिस्तरीय बैठक, 9वें पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन के सिलसिले में विदेश मंत्रियों की बैठक, 26वें आसियान क्षेत्रीय मंच और 10वें मेकांग-गंगा सहयोग मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • मेकांग-गंगा सहयोग
  • यह परस्पर सहयोग के उद्देश्य से निर्मित 6 देशों का संगठन है। जिसमें भारत, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओस और वियतनाम शामिल हैं।
  • यह नाम इस क्षेत्र की दो बड़ी नदियों गंगा और मेकांग के नाम पर रखा गया है। इसका लक्ष्य इन दो नदी घाटियों में रहने वाले लोगों के बीच घनिष्ठ संपर्क बढ़ाना और सदस्य देशों के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा तथा आवागमन की सुविधा बढ़ाना है।
  • इसकी स्थापना 10 नवंबर, 2000 को वियन्तियाने (लाओस) में की गई थी।
  • विशेष बिंदु
  • बैठक के दौरान नई मेकांग-गंगा सहयोग (MGC) कार्यान्वयन योजना, 2019-2022 को अपनाया गया।
  • नए एमजीसी कार्यान्वयन योजना के अंतर्गत 7 क्षेत्रों को शामिल किया गया है- पर्यटन और संस्कृति, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, परिवहन और संचार, एमएसएमई के साथ-साथ सहयोग के तीन नए क्षेत्र (जल संसाधन प्रबंधन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और क्षमता निर्माण)।
  • भारत का प्रस्ताव
  • एमजीसी की एक वेबसाइट विकसित करने का प्रस्ताव, जो क्षेत्रीय समूह की ब्रांडिंग में योगदान देगा और विभिन्न संयुक्त कार्यक्रमों और गतिविधियों के बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान करेगा।
  • आसियान में कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए 1 अरब अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण की भारत की घोषणा।
  • कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम में भारतीय निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए 5 अरब भारतीय रुपये की एक परियोजना विकास कोष की स्थापना का प्रस्ताव किया।
  • जल संसाधन प्रबंधन और सामुदायिक खेती में प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करने का प्रस्ताव किया।
  • भारत ने मशीनीकरण के माध्यम से चावल जर्मप्लाज्म के संरक्षण और उत्पादकता को बढ़ाने तथा मत्स्यपालन और डेयरी क्षेत्रों में स्थायी प्रथाओं पर कार्यशालाओं के आयोजन का प्रस्ताव किया।
  • भारत ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और पारंपरिक तथा पूरक चिकित्सा पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव किया।
  • ध्यातव्य है 11वीं मेकांग-गंगा सहयोग मंत्रिस्तरीय बैठक वर्ष 2020 में वियतनाम में प्रस्तावित है।