Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: [email protected]

स्वच्छ पेयजल उपलब्धता लक्ष्य, 2024

svachchh peyajal upalabdhata lakshy, 2024
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • जून, 2019 में केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक सभी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इसके द्वारा वर्ष 2024 तक 100 प्रतिशत घरों में पाइपलाइन द्वारा पेयजल सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
  • प्रमुख तथ्य
  • केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, सरकार वर्ष 2024 तक प्रत्येक घर को पाइपलाइन द्वारा पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तथा जलसंकट से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी सहित सभी उपायों को अपनाने के लिए कृत संकल्प है।
  • उन्होंने कहा कि सरकार लगभग 14 करोड़ परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना तैयार कर रही है।
  • इसकी प्राप्ति के लिए योजना में भूजल एवं सतही जल दोनों का उपयोग किया जाएगा।
  • यह एक ऐसी अवधारणा है, जिसमें जलापूर्ति के साथ-साथ जल का संरक्षण और बेहतर प्रबंधन भी किया जाएगा।
  • ऐसे क्षेत्र जहां भूजल उपलब्ध है, वहां एकल ग्रामीण योजना (Single Village Plan) संचालित की जाएगी, जिसे ग्राम पंचायत के साथ स्थानीय समुदाय के द्वारा आपसी सहयोग से प्रबंधित किया जाएगा।
  • इस प्रकार जहां जल की कमी होगी या गुणवत्ता सही नहीं पाई जाएगी, वहां सतही जल पर निर्भरता रहेगी और ऐसे में विविध ग्रामीण योजना (Multi Village Plan) को अपनाया जाएगा।
  • इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वर्षा जल का संग्रहण, गंदे पानी का पुनः प्रयोग, धारणीय स्रोत (Source Sustainable) के संदर्भ में व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
  • गौरतलब है कि उपरोक्त सभी कार्यों के लिए निधि (Fund) तृतीय पार्टी (Third Party) के सत्यापन (Verification) के पश्चात ही किया जाएगा
  • भारत की स्थिति
  • भारत में पेयजल की गंभीर स्थिति है तथा मात्र 8 प्रतिशत घरों में ही पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है।
  • पाइपलाइन द्वारा जल आपूर्ति के मामले में 99 प्रतिशत के साथ सिक्किम का प्रथम स्थान है।
  • इसके साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ एवं झारखंड में पाइपलाइन द्वारा जल की उपलब्धता 50 प्रतिशत से भी कम है।
  • नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख भारतीय सुरक्षित जल की अनुपलब्धता के कारण असमय काल के गाल में समा जाते हैं।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में जल की मांग वर्ष 2030 तक दोगुना होने की संभावना है, जिसके लिए व्यापक रणनीति पर कार्य करना आवश्यक है।
  • चूंकि जल राज्य सूची का विषय है, इसलिए इस कार्य में आवश्यकतानुसार राज्यों की भागीदारी सुनिश्चित कर वर्ष 2024 से पूर्व लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
  • इसी ध्येय के साथ केंद्र सरकार ने राज्यों को जल शक्ति मंत्रालय की तरह जल से जुड़े सभी कार्यों के लिए एक अलग विभाग बनाने की सलाह दी है।
  • इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र, राज्यों को आर्थिक सहयोग कर उनकी क्षमता निर्माण में सहायता प्रदान करेगा, जिससे अतिशीघ्र स्वच्छ पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

सं.  सुनीत कुमार द्विवेदी