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स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (एसईक्यूआई)

School Education Quality Index (SEQI)
  • वर्तमान परिदृश्य
  • 30 सितंबर, 2019 को नीति आयोग (National Institution for Transforming India-NITI Aayog) द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए स्कूली शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (School Education Quality Index) को विकसित किया गया।
  • उद्देश्य
  • इस सूचकांक का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनकी मजबूती और कमजोरियों की पहचान कर उसमें अपेक्षित सुधार तथा नीतिगत हस्तक्षेप करने के लिए एक मंच प्रदान करना है।
  • साथ ही इसके द्वारा शिक्षा नीति पर परिणाम आधारित ध्यान केंद्रित करना है।
  • संस्करण
  • यह सूचकांक का प्रथम संस्करण है, जिसे नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार द्वारा जारी किया गया।
  • सहयोगी संस्थान
  • इस सूचकांक को विकसित करने में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्व बैंक तथा इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सहयोग किया है।
  • सूचकांक की प्रमुख बातें
  • प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद की भावना को बढ़ावा देने वाले नीति आयोग के बहुमत के अनुरूप स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने की सुविधा प्रदान करने का प्रयास करता है।
  • उदात्त विचारों के माध्यम से विकसित इस सूचकांक में 30 महत्वपूर्ण संकेतक हैं, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वितरण का आकलन करते हैं।
  • इन संकेतकों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है-

(1) परिणाम तथा (2) शासन प्रक्रिया सहायता परिणाम

  • यह सूचकांक संपूर्ण देश में एक मजबूत संकेत भेजता है, जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सबका ध्यान सीखने के परिणामों पर ही केंद्रित रहे।
  • इस सूचकांक के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को बड़े राज्यों, छोटे राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
  • 20 बड़े राज्यों में 10 राज्य परिणाम श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन कर्नाटक, झारखंड तथा आंध्र प्रदेश के मामलों में देखा गया है।
  • अन्य बड़े राज्य शासन प्रक्रिया सहायता परिणामों की श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जिनमें सबसे अधिक उल्लेखनीय प्रदर्शन ओडिशा, पंजाब तथा हरियाणा के मामलों में देखे गए हैं।
  • इसमें 36.4 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तर प्रदेश को अंतिम स्थान प्राप्त है।
  • इसी प्रकार आठ छोटे राज्यों में से सात राज्य परिणाम श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हैं जिसमें मणिपुर, त्रिपुरा एवं गोवा के मामलों में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन देखा गया है।
  • सिक्किम एकमात्र ऐसा छोटा राज्य है, जो शासन प्रक्रिया सहायता परिणामों की श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करता है।
  • इसके साथ ही सात केंद्रशासित प्रदेशों में चार केंद्रशासित प्रदेश परिणाम श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन दादरा और नगर हवेली में पाया गया है।
  • जबकि दिल्ली, दमन एवं दीव तथा लक्षद्वीप शासन प्रक्रिया सहायता परिणामों की श्रेणी में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
  • प्रदर्शन में सुधार
  • 20 बड़े राज्यों में से 18 राज्यों ने वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 के मध्य अपने समग्र प्रदर्शन में सुधार किया है, जिनका औसत सुधार 8.6 प्रतिशत है।
  • पांच छोटे राज्यों ने वर्ष 2015-16 तथा 2016-17 के मध्य अपने समग्र प्रदर्शन स्कोर में सुधार किया है, जिसमें औसत सुधार लगभग 9 प्रतिशत है।
  • इसमें मेघालय, नगालैंड तथा गोवा जैसे राज्यों ने क्रमशः 14.1, 13.5 तथा 8.2 प्रतिशत अंकों के सुधार के साथ अन्य राज्यों को पीछे छोड़ दिया, जिससे इनकी रैंक में भी सुधार हुआ।
  • इसके अतिरिक्त सूचकांक में सभी सात केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने समग्र प्रदर्शन स्कोर में सुधार दिखाया है, जिनका औसत सुधार 9.5 प्रतिशत अंकों का हुआ है।
  • इसमें दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली तथा पुडुचेरी ने अपने समग्र प्रदर्शन स्कोर में क्रमशः 16.5, 15.0 तथा 14.3 प्रतिशत अंकों का सुधार किया है।
  • ध्यातव्य है कि स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में अध्ययन के अंतर्गत प्रत्येक संकेतक के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के विश्लेषण को भी शामिल किया गया है।
  • गौरतलब है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की रैंकिंग 2016-17 के संदर्भ वर्ष में उनके समग्र प्रदर्शन पर और साथ-साथ इस संदर्भ वर्ष और आधार वर्ष (2015-16) के मध्य उनके वार्षिक वृद्धिशील प्रदर्शन (समग्र प्रदर्शन में अंतर) के आधार पर की गई है।
  • यह रैंकिंग राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा की स्थिति और समय के साथ उनकी सापेक्ष प्रगति के मामलों में अद्भुत अंतर्दृष्टि प्रस्तुत करती है।
  • शीर्ष तथा सबसे निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची-

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

समग्र प्रदर्शन रैंकिंग (2016-2017)

 

प्रथम 3 राज्य

अंतिम 3 राज्य

बड़े राज्य

1. केरल

18. पंजाब

 

2. राजस्थान

19. जम्मू एवं कश्मीर

 

3. कर्नाटक

20. उत्तर प्रदेश

छोटे राज्य

1. मणिपुर

6. सिक्किम

 

2. त्रिपुरा

7. मेघालय

 

3. गोवा

8. अरुणाचल प्रदेश

केंद्रशासित प्रदेश

1. चंडीगढ़

4. दमन और दीव

 

2. दादरा एवं नगर हवेली

5. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

 

3. दिल्ली

6. लक्षद्वीप

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

वार्षिक प्रगति प्रदर्शन (आधार वर्ष 2015-16 और संदर्भ वर्ष 2016-17 के मध्य)

बड़े राज्य

1. हरियाणा

18. झारखंड

 

2. असम

19. उत्तराखंड

 

3. उत्तर प्रदेश

20. कर्नाटक

छोटे राज्य

1. मेघालय

6. सिक्किम

 

2. नगालैंड

7. मिजोरम

 

3. गोवा

8. अरुणाचल प्रदेश

केंद्रशासित प्रदेश

1. दमन एवं दीव

4. लक्षद्वीप

 

2. दादरा एवं नगर हवेली

5. चंडीगढ़

 

3. पुडुचेरी

6. अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

  • विश्लेषण
  • भारत की थिंक टैंक (Think Tank) के रूप में कार्य करने वाली प्रमुख संस्था नीति आयोग द्वारा विकसित इस सूचकांक में स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए गए विविध प्रयासों का सटीक आकलन कर उन्हें और प्रभावी बनाने के लिए बेहतर क्रियाविधियों का निर्माण करना है।
  • इससे जहां एक ओर प्रत्येक राज्य अपना आकलन कर उनमें और सुधार करने के लिए प्रेरित होंगे, वहीं दूसरी ओर सुदृढ़, सक्षम और सुगम्य भारत के निर्माण में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।

सं. सुनीत कुमार द्विवेदी