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समग्र जल प्रबंधन सूचकांक, 2.0

Composite Water Management Index 2.0
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्
  • नीति आयोग द्वारा 23 अगस्त, 2019 को जारी ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक 2.0′ (Composite Water Management Index 2.0-CWMI 2.0) के अनुसार, औसतन 80 प्रतिशत राज्यों (24 में से 19 राज्यों) में विगत तीन वर्षों में सूचकांक पर आकलन करते हुए अपने जल प्रबंधन स्कोर में सुधार किया, जिसमें औसत सुधार + 5.2 प्वॉइंट (Point) रहा।
  • विगत वर्ष की भांति इस वर्ष के सूचकांक (CWMI 2.0) में भी गुजरात ने संदर्भ वर्ष 2017-18 में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
  • संघ-शासित राज्यों ने पहली बार अपने आंकड़े दिए हैं जिसमें पुडुचेरी शीर्ष पर है।
  • सूचकांक में वृद्धि संबंधी बदलाव के मामले में सामान्य राज्यों में हरियाणा तथा पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड शीर्ष पर है।
  • समग्र जल प्रबंधन सूचकांक (CWMI)
  • जल संसाधनों की उपलब्धता संबंधी सीमाओं और जल की बढ़ती मांग को देखते हुए जल संसाधानों के संधारणीय प्रबंधन (Sustainable Management) का महत्व अधिक बढ़ गया है। जल संसाधनों के प्रबंधन की इसी महत्ता को ध्यान में रखते हुए नीति आयोग ने जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन में प्रदर्शन का आकलन और सुधार करने हेतु एक उपयोगी साधन के रूप में ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ (Composite Water Mangagement Index) तैयार किया है।
  • उद्देश्य
  • ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ (CWMI) का उद्देश्य राज्यों के लिए और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों हेतु उपयोगी जानकारी प्रदान करना, उन्हें जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपयुक्त कार्यनीति तैयार करना और कार्यान्वित करना है।
  • पृष्ठभूमि
  • भारत के विकास और पर्यावरणीय प्रणाली को बनाए रखने तथा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन की तेजी से आवश्यकता महसूस करते हुए सरकार ने जल प्रबंधन तथा जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को मिलाने हेतु हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया है। नवगठित जलशक्ति मंत्रालय ने जल संरक्षण और जल सुरक्षा के लिए जुलाई, 2019 में जल शक्ति अभियान की शुरुआत करके जल चुनौतियों से निपटने का एक सार्थक प्रयास किया है।
  • इसी परिप्रेक्ष्य में सहयोगी और प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद हासिल करने के उद्देश्य से नीति आयोग विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में विकास संकेतकों पर जोर देता रहा है। नीति आयोग ने फरवरी, 2018 में ‘स्वस्थ राज्य, प्रगतिशील भारत’ पर एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य मानकों  के आधार पर राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को अलग-अलग श्रेणी दी गई थी। जीवन में जल के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में एक और कदम बढ़ाकर नीति आयोग ने सहकारी और प्रतिस्पर्धात्मक संघवाद की भावना के आधार पर ही एक साधन के रूप में जून, 2018 में ‘संयुक्त जल प्रबंधन सूचकांक’ (CWMI) की शुरुआत की।
  • सेट ऑफ मेट्रिक्स (Set of Metrics) पर आधारित यह सूचकांक अखिल भारतीय स्तर पर तैयार करने का पहला प्रयास था, जो जल प्रबंधन और जल चक्र के विभिन्न आयामों को मापता है।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
  • वर्तमान ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक 2.0’ (CWMI 2.0) नीति आयोग द्वारा 23 अगस्त, 2018 को जारी किया गया।  जिसमें 25 राज्यों तथा दो केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।
  • नीति आयोग द्वारा विकसित ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ में भूजल, जल निकायों की पुनर्स्थापना, सिंचाई, खेती के तरीके, पेयजल, नीति और प्रबंधन आदि के विभिन्न पहलुओं के 28 संकेतक (Indicators) तथा 9 विषय या विस्तृत क्षेत्र (Themes) शामिल हैं।
  • इन 9 विषयों या विस्तृत क्षेत्रों (Themes) को अलग-अलग भारांकित किया गया है। जिसमें सर्वाधिक भार (15) भूजल वृद्धि, प्रमुख और मध्यम सिंचाई तथा नीति और शासन को दिया गया है, जबकि स्रोत वृद्धि और जल निकायों की बहाली (Source angmenation and Restoration of Water bodies) को सबसे कम भार (5) दिया गया है। शेष 5 विषयों (Themes) को 10-10 भारांक दिया गया है।
  • समीक्षा हेतु राज्यों को तीन 10-10 विशेष क्षेत्रों यथा-गैर-हिमालयी राज्य, पूर्वोत्तर तथा हिमालयी राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश में बांटा गया है।
  • समग्र जल प्रबंधन सूचकांक 2.0 में आधार वर्ष 2016-17 के समान संदर्भ वर्ष 2017-18 के लिए विभिन्न राज्यों को स्कोर (Score) प्रदान किया गया है।
  • जारी सूचकांक में गुजरात ने संदर्भ वर्ष 2017-18 में विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी अपना पहला स्थान बरकरार रखा है।
  • तत्पश्चात क्रमशः आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान है।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में हिमाचल प्रदेश वर्ष 2017-18 में शीर्ष पर रहा। इसके बाद क्रमशः उत्तराखंड, त्रिपुरा और असम का स्थान है।
  • संघ-शासित राज्यों ने पहली बार अपने आंकड़े प्रस्तुत किए जिसमें पुडुचेरी 39 स्कोर के साथ शीर्ष स्थान पर रहा। उसके बाद दिल्ली का स्थान है, जिसका स्कोर 20 रहा।
  • सूचकांक में वृद्धि (Improvement) संबंधी बदलाव के मामले में सामान्य राज्यों में हरियाणा तथा पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड शीर्ष पर रहा।
‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक 2.0’ (CWMI 2.0), 2019 में विभिन्न राज्यों की रैंकिंग एवं स्कोर –

 

गैरहिमालयी राज्यों की रैंकिंग एवं स्कोर

स्कोर 2017-18

राज्य

वर्ष 2017-18

वर्ष 2016-17

विगत वर्ष की तुलना में परिवर्तन

75

गुजरात

1

1

यथावत

74

आंध्र प्रदेश

2

3

1 स्थान

71

मध्य प्रदेश

3

2

1 स्थान

60

गोवा

4

11

7 स्थान

59

कर्नाटक

5

4

1 स्थान

58

तमिलनाडु

6

7

1 स्थान

58

हरियाणा

7

16

9 स्थान

56

महाराष्ट्र

8

5

3 स्थान

52

पंजाब

9

6

3 स्थान

50

तेलंगाना

10

8

2 स्थान

47

राजस्थान

11

10

1 स्थान

45

केरल

12

12

यथावत

45

छत्तीसगढ़

13

9

4 स्थान

39

ओडिशा

14

13

1 स्थान

39

उत्तर प्रदेश

15

15

यथावत

38

बिहार

16

14

2 स्थान

34

झारखंड

17

17

यथावत

पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य

स्कोर 2017-18      

राज्य

वर्ष

2017-18

वर्ष 2016-17

विगत वर्ष की तुलना में परिवर्तन

67

हिमाचल प्रदेश

1

2

1 स्थान

49

उत्तराखंड

2

6

4 स्थान

47

त्रिपुरा

3

1

2 स्थान

44

असम

4

4

यथावत

42

सिक्किम

5

3

2 स्थान

30

नगालैंड

6

5

1 स्थान

26

मेघालय

7

7

यथावत

22

अरुणाचल प्रदेश

8

लागू नहीं

लागू नहीं

  • रिपोर्ट में शामिल 9 विषयों (Themes) में से राज्यों द्वारा सर्वाधिक वृद्धि (Improvement) ‘नीति और शासन’ (Policy and Governance) में दर्ज की गई है।
  • 27 में से 16 राज्यों ने 100 (सूचकांक) में से 50 अंक (Point) से कम स्कोर प्राप्त किया है, जिससे वे कम प्रदर्शन करने वाले श्रेणी में शामिल हैं।
  • जबकि इन कम प्रदर्शन करने वाले राज्यों का योगदान कुल देश की जनंसख्या में 48 प्रतिशत कृषि उपज में 40 प्रतिशत तथा आर्थिक उत्पादन में 30 प्रतिशत का है।
  • झारखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, नगालैंड और मेघालय का स्कोर अभी भी 40 अंक (Point) से कम है और विगत तीन वर्षों से कम प्रदर्शन करने वाले श्रेणी में शामिल है। इन राज्यों का औसत सुधार अंक 3.1 है, जो कि सभी राज्यों के औसत सुधार अंक 5.2 से काफी कम है।
  • देश के आर्थिक उत्पादन में शामिल शीर्ष 10 योगदानकर्ता राज्यों में से 4 राज्यों यथा-उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल तथा दिल्ली ने 20 अंक से लेकर 47 अंक तक का स्कोर प्राप्त किया है।
  • भारत के शीर्ष 10 कृषि उत्पादक राज्यों में से गुजरात और मध्य प्रदेश को छोड़कर किसी भी अन्य राज्य ने ‘समग्र जल प्रबंधन सूचकांक’ (CWMI) में 60 अंक से अधिक का स्कोर नहीं प्राप्त किया है।

सं. शिवशंकर कुमार तिवारी