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संस्कृत TGT & PGT 2019,भूल सुधार

संस्कृत TGT & PGT 2019, पेज-270, प्रश्न -10 उत्तर- (*) की जगह पर (a) पढ़ें।

‘अहं चतुरः बालकान् पश्यामि’ इस वाक्य में प्रयुक्त ‘चतुरः’ पद में (पुल्लिंङ्ग में) द्वितीया बहुवचन का रूप है। इसका द्वितीया बहुवचन नपुंसकलिङ्ग में ‘चत्वारि’ और स्त्रीलिङ्ग में ‘चतस्रः’ रूप होता है। ‘चतुर्’ शब्द के पुल्लिङ्ग में प्रथमा बहुवचन में ‘चत्वारः’, नपुंसकलिङ्ग में ‘चत्वारि’ और स्त्रीलिङ्ग में ‘चतुस्र’ रूप होता है।

नोट – चतुर् (चार) शब्द के रूप भी तीनों लिङ्गों में अलग-अलग और केवल बहुवचन में होते हैं।