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संस्कृत : हिमाचल प्रदेश की द्वितीय आधिकारिक भाषा

Sanskrit: Second official language of Himachal Pradesh
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 16 फरवरी, 2019 को हिमाचल प्रदेश की विधानसभा ने संस्कृत को राज्य की द्वितीय आधिकारिक भाषा (Official Language) बनाने संबंधी विधेयक को पारित किया।
  • राज्य के सिंचाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर द्वारा ‘हिमाचल प्रदेश आधिकारिक भाषा विधेयक (Himachal Pradesh Official Language Bill), 2019’ प्रस्तुत किया गया।
  • ध्यातव्य है कि संस्कृत भाषा को द्वितीय आधिकारिक भाषा घोषित  करने वाला उत्तराखंड (2010 में) देश का पहला राज्य है। ऐसा करने वाला हिमाचल प्रदेश अब दूसरा राज्य बन गया है।
  • भाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान
  • संविधान के भाग-17 (अनुच्छेद 343 – अनुच्छेद 351) में राजभाषा (Official Language) का उल्लेख किया गया है, जिसमें अनु.- 343 संघ की भाषा से संबंधित है, जबकि अनु. – 345, 346 व 347 प्रादेशिक भाषाओं से संबंधित हैं।
  • अनुच्छेद – 345 (अनु. 346 व 347 के उपबंधों के अधीन) यह प्रावधान करता है कि राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा राज्य में बोली जाने वाली भाषाओं में किसी एक या एक से अधिक या हिंदी भाषा को राज्य की प्रशासनिक भाषा (Official Language) घोषित कर सकता है, परंतु जब तक विधानमंडल विधि द्वारा ऐसा नहीं करता है वहां की प्रशासनिक भाषा अंग्रेजी रहेगी।
  • गौरतलब है कि संविधान की 8वीं अनुसूची भाषाओं से संबंधित है। वर्तमान समय में इसमें 22 भाषाएं हैं, जिनमें संस्कृत भी शामिल है। इन भाषाओं में से 14 भाषाओं को संविधान निर्माण के समय सम्मिलित किया गया था।
  • 8वीं अनुसूची में विभिन्न भाषाओं को सम्मिलित करने का उद्देश्य, इन भाषाओं को संवृद्धि व संरक्षित करना है तथा इन भाषाओं का उपयोग हिंदी भाषा को व्यापक बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे हिंदी भाषा देश की संचार भाषा बन सके। वर्तमान समय में अन्य 38 भाषाओं को 8वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग हो रही है।
  • राज्य संबंधी अन्य तथ्य
  • हिमाचल प्रदेश भारत का एक उत्तरी पहाड़ी राज्य है जिसकी राजधानी शिमला है।
  • राज्य की पूर्वी सीमा चीन के तिब्बत वाले भाग को स्पर्श करती है।
  • जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड राज्यों की सीमाएं भी हिमाचल प्रदेश को स्पर्श करती हैं।
  • पहाड़ी राज्य होने के कारण यहां की जनसंख्या सिर्फ 68.65 लाख (2011 जनगणना) है, जिसमें 95.17 प्रतिशत हिंदू, 2.18 प्रतिशत मुस्लिम, 1.16 प्रतिशत सिख व 1.15 प्रतिशत बौद्ध लोग हैं।