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संकल्प सैन्य अभ्यास

sankalp sainy abhyaas
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • जून, 2019 में भारतीय नौसेना द्वारा फारस की खाड़ी में ‘ऑपरेशन संकल्प’ की शुरुआत की गई।
  • यह ऑपरेशन भारतीय व्यापारिक समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए प्रारंभ किया गया।
  • अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ते असंतोष, असहमति तथा आर्थिक मतभेद से फारस की खाड़ी में व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
  • इसी घटनाक्रम में ईरान द्वारा अमेरिका के एक ड्रोन को मार गिराने से यह स्थिति और गंभीर हो गई है।
  • गौरतलब है कि अमेरिका का मानना है कि ये ड्रोन इंटरनेशनल एयर स्पेस (International Air Space) में था, लेकिन ईरान का दावा है कि वो ईरान के एयर स्पेस में था।
  • इस घटना के पश्चात फारस की खाड़ी से गुजरने वाले भारतीय मालवाहक जहाजों को सुरक्षित निकालने तथा तेल व्यापार के बाधा रहित संचालन के लिए ऑपरेशन संकल्प प्रारंभ किया गया है।
  • इस ऑपरेशन के तहत भारतीय नौसेना ने आईएनएस चेन्नई तथा आईएनएस सुनयना को ओमान की खाड़ी में तैनात किया है।
  • इसके साथ ही भारतीय नौसेना के टोही विमान द्वारा हवाई निगरानी भी की जा रही है।
  • इसके लिए गुरुग्राम में हिंद महासागर के लिए बने सूचना संलयन केंद्र (Information Fusion Centre) से भी संपूर्ण खाड़ी क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
  • ध्यातव्य है कि भारतीय नौसेना, हिंद महासागर में भारतीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और एक स्थिर एवं शांतिपूर्ण महासागर क्षेत्र को बनाए रखने में सहयोग कर रहा है।
  • फारस की खाड़ी
  • फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को अरब की खाड़ी भी कहा जाता है। यह हिंद महासागर का एक उथला सीमांत सागर (Shallow Marginal Sea) है, जो अरब प्रायद्वीप और दक्षिण-पश्चिम ईरान के मध्य स्थित है।
  • इसकी लंबाई लगभग 990 किमी. तथा चौड़ाई लगभग 340 किमी. है। हरमुज जलसंधि के पास इसकी चौड़ाई लगभग 55 किमी. है।
  • फारस की खाड़ी के उत्तर में ईरान, पश्चिम में इराक  और कुवैत, दक्षिण में कतर, बहरीन तथा सऊदी अरब तथा पूर्व में ओमान तथा संयुक्त अरब अमीरात स्थित हैं।
  • इन देशों में विश्व का लगभग दो-तिहाई हिस्सा अनुमानित तेल भंडार के साथ एक-तिहाई हिस्सा प्राकृतिक गैस का भंडार है।
  • फारस की खाड़ी से बड़ी मात्रा में समुद्री व्यापार होता है, जिससे समुद्री यातायात की सघनता पाई जाती है।
  • ओमान की खाड़ी
  • ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) अरब सागर के उत्तर-पश्चिम ओमान और ईरान के पूर्व में स्थित है।
  • 560 किमी. लंबी यह खाड़ी हरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Harmuz) के माध्यम से फारस की खाड़ी (Persian Gulf) से जुड़ता है।
  • फारस की खाड़ी से आने वाले सभी व्यापारिक जहाज हरमुज जलसंधि द्वारा ओमान की खाड़ी से होकर व्यापारिक गतिविधियों का सफल संचालन करते हैं।
  • गौरतलब है कि ओमान की खाड़ी अरब सागर और हिंद महासागर से फारस की खाड़ी में प्रवेश के लिए एकमात्र प्रवेश द्वार है।
  • इसी कारण विश्व के प्रमुख तेल निर्यातक और आयातक देश इस क्षेत्र में सुरक्षा, संरक्षा तथा शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

संसुनीत कुमार द्विवेदी