Contact Us: 0532-246-5524,25, M: -9335140296 Email: ssgcpl@gmail.com

वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2018

Global Gender Interval Index, 2018
  • सूचकांक
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक (Global Gender Gap Index) वैश्विक स्तर पर लैंगिक समानता की स्थिति को प्राप्त करने की दिशा में हुई प्रगति को मापने हेतु बनाया गया सूचकांक है, जो विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum : WEF) द्वारा वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष जारी किया जा रहा है। नवीनतम सूचकांक 18 दिसंबर, 2018 को जारी किया गया।
  • उद्देश्य
  • इस सूचकांक का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था तथा राजनीति जैसे प्रमुख क्षेत्रों में महिलाओं एवं पुरुषों के मध्य सापेक्ष अंतराल का मापन करना है।
  • सूचकांक जारी करने का आधार
  • यह सूचकांक चार क्षेत्रों में लैंगिक अंतराल परीक्षण के आधार पर जारी किया जाता है। ये चार क्षेत्र निम्न हैं-

1. आर्थिक भागीदारी एवं अवसर (Economic Participation and Opportunity)

2. शैक्षणिक उपलब्धियां (Educational Attainment)

 3.   स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता (Health and Survival)

  4.   राजनीतिक सशक्तीकरण (Political Empowerment)

  • यह सूचकांक 0 (शून्य) से 1 स्कोर के मध्य विस्तारित है, जिसमें 0 (शून्य) का अर्थ पूर्ण लैंगिक असमानता तथा 1 का अर्थ ‘पूर्ण लैंगिक समानता’ है।
  • वैश्विक व्याप्ति (Global Coverage)
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2018 में कुल 149 देशों को शामिल किया गया है, जबकि वर्ष 2017 में कुल 144 देशों को शामिल किया गया था।
  • वैश्विक स्तर पर मात्र 32 प्रतिशत ही लैंगिक अंतराल शेष रह गया है अर्थात 68 प्रतिशत लैंगिक अंतराल को भरा जा चुका है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, सर्वाधिक लैंगिक असमानता राजनीतिक सशक्तीकरण (77.1%) के क्षेत्र में है।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2018 में शीर्ष 5 देश निम्न हैं-
रैंक देश स्कोर
1 आइसलैंड 0.858
2 नॉर्वे 0.835
3 स्वीडन 0.822
4 फिनलैंड 0.821
5 निकारागुआ 0.809
  • इस सूची में शीर्ष 4 स्थानों पर नॉर्डिक (Nordic) देश हैं, जहां आइसलैंड लगातार 10 वर्षों से इस सूची में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2018 में अंतिम 5 देश निम्न हैं-
रैंक देश स्कोर
149वां यमन 0.499
148वां पाकिस्तान 0.55
147वां इराक 0.551
146वां सीरिया 0.568
145वां चाड 0.58
  • वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक, 2018 में ब्रिक्स (BRICS) देशों की स्थिति-
रैंक देश स्कोर
19वां दक्षिण अफ्रीका 0.755
75वां रूसी संघ 0.701
95वां ब्राजील 0.681
103वां चीन 0.673
108वां भारत 0.665
  • ब्रिक्स देशों चीन, रूस तथा ब्राजील की रैंकिंग में गिरावट दर्ज हुई है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और भारत विगत वर्ष की रैंकिंग क्रमशः 19वें एवं 108वें स्थान पर ही बने हुए हैं।
  • ब्रिक्स देशों में सर्वाधिक गिरावट (5 अंकों की) ब्राजील की रैंकिंग में हुई है।
  • भारत की स्थिति
  • कुल 149 देशों के इस सूचकांक में विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी भारत 108वें स्थान पर है, जबकि वर्ष 2016 की रैंकिंग में वह 87वें स्थान पर था।
  • भारत इससे पूर्व वर्ष 2015 में भी 108वें स्थान पर था।
  • सूचकांक के विभिन्न क्षेत्रों में भारत की रैंक निम्न हैं-
क्रम वर्ग रैंक
1 आर्थिक भागीदारी एवं अवसर 142वीं
2 शैक्षणिक उपलब्धियां 114वीं
3 स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता 147वीं
4 राजनीतिक सशक्तीकरण 19वीं
  • भारत ने केवल शैक्षणिक उपलब्धियों के क्षेत्र में वर्ष 2017 की तुलना में सुधार किया है, जबकि आर्थिक भागीदारी एवं अवसर, स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता तथा राजनीतिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में वर्ष 2017 की तुलना में गिरावट आई है।
  • समान कार्य हेतु वेतन की समानता के मामले में भारत में प्रगति हुई है।
  • तृतीयक शिक्षा के मामले में भारत में पहली बार लैंगिक अंतराल पूरी तरह समाप्त हो गया है, जबकि प्राथमिक तथा द्वितीयक शिक्षा में भी यह अंतराल लगातार तीसरे वर्ष भी समाप्त रहा।
  • स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता के स्तर पर भारत विश्व में तीसरी सबसे निचली रैंक (147वीं) पर है। इसका अभिप्राय यह है कि विगत दस वर्षों में इस उपसूचकांक (Subindex) में भारत ने वैश्विक स्तर पर सबसे कम प्रगति की है।
  • सर्वाधिक प्रसन्नता की बात यह है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कौशल से युक्त कर्मियों की संख्या के मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। परंतु इसके बावजूद इन कर्मियों में अमेरिका एवं भारत में क्रमशः 23 प्रतिशत एवं 22 प्रतिशत ही महिलाएं हैं।
  • रिपोर्ट का सारांश यह है कि वर्तमान दर से समग्र लैंगिक अंतराल को समाप्त करने में 108 वर्ष लग जाएंगे।
  • जबकि कार्यस्थल पर महिलाओं एवं पुरुषों के बीच समानता लाने में लगभग 202 वर्ष लग जाएंगे।

लेखक-शिवशंकर कुमार तिवारी