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विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावना रिपोर्ट मिड-ईयर अपडेट, 2019

World Economic Status and Prospect Report Mid-year Update, 2019
  • वर्तमान परिप्रेक्ष्य
  • 21 मई, 2019 को संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा जारी ‘विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावना रिपोर्ट, 2019 के मध्य तक’ (World Economic Situation and Prospects As of Mid-2019) के अनुसार, निम्नोनमुखी संशोधनों के बावजूद, मजबूत घरेलू मांग के बीच भारत में वृद्धि (Growth) मजबूत बनी हुई है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर जहां वर्ष 2018 में 7.2 प्रतिशत अनुमानित थी, वहीं वर्ष 2019 एवं 2020 में इसके क्रमशः 7.0 एवं 7.1 प्रतिशत पर रहने का पूर्वानुमान है।
  • रिपोर्ट के बारे में
  • ‘विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावना रिपोर्ट’, संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामले विभाग (UN/DESA), अंकटाड (UNCTAD) तथा पांच संयुक्त राष्ट्र क्षेत्रीय आयोगों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की जाती है।
  • इसके अलावा इस रिपोर्ट को तैयार करने में ‘संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन’ (UNWTO) तथा ‘अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन’ (ILO) का भी योगदान होता है।
  • इस रिपोर्ट में वैश्विक अर्थव्यवस्था की प्रवृत्ति तथा उसके अन्य देशों पर पड़ने वाले प्रभावों के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर के संदर्भ में दो वर्षों के पूर्वानुमान (Forecast) भी प्रकाशित किए जाते हैं।
  • रिपोर्ट, 2019 से संबंधित तथ्य
  • रिपोर्ट के अनुसार, जहां वैश्विक विकास दर वर्ष 2017 में 3.1 प्रतिशत रही, वहीं वर्ष 2018 में यह 3.0 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि वर्ष 2019 एवं 2020 में इसके क्रमशः 2.7 एवं 2.9 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है।
  • वैश्विक विकास दर, इसी वर्ष जनवरी में प्रकाशित WESP 2019 की तुलना में निम्नोनमुखी संशोधन को दर्शाता है।
  • विकसित अर्थव्यवस्थाओं में जीडीपी की वृद्धि दर वर्ष 2018 में 2.2 प्रतिशत के अनुमान से घटकर वर्ष 2019 एवं 2020 में 1.8 प्रतिशत पूर्वानुमानित है।
  • वर्ष 2018 में विकासशील देशों में विशेष रूप से पूर्वी एशिया (5.8%) एवं दक्षिण एशिया (5.7%) के क्षेत्रों में विकास दर मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की विकास दर वर्ष 2018 में 2.9 प्रतिशत अनुमानित है, जबकि वर्ष 2017 में यह 2.2 प्रतिशत रही।
  • वर्ष 2019 एवं 2020 में संयुक्त राज्य अमेरिका की आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 2.3 प्रतिशत एवं 2.1 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है।

क्षेत्रवार औसत वार्षिक प्रति व्यक्ति GDP वृद्धि

  • विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर जहां वर्ष 2017 में 4.4 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2018 के लिए यह  4.3 प्रतिशत अनुमानित है।
  • साथ ही वर्ष 2019 एवं 2020 के लिए आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 4.1 एवं 4.5 प्रतिशत रहने का पूर्वानुमान है।
  • जहां पूर्वी एशियाई देशों में सर्वाधिक आर्थिक वृद्धि दर चीन की है, वहीं दक्षिण एशियाई देशों में यह उपलब्धि भारत को हासिल है।
  • चीन और भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलनात्मक स्थिति को देखें, तो जहां वर्ष 2017 में चीन की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही, वहीं भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत दर्ज की गई।
  • अगर वर्ष 2019 एवं 2020 के लिए चीन एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना करें, तो भारत की आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 7.0 एवं 7.1 प्रतिशत पूर्वानुमानित है, जो चीन के लिए उसी अवधि के दौरान पूर्वानुमानित आर्थिक वृद्धि दर क्रमशः 6.3 एवं 6.2 प्रतिशत की तुलना में अधिक है।
  • आर्थिक असंतुलन कायम
  • अफ्रीका, पश्चिमी एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन के बड़े हिस्से में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि कमजोर रहने की उम्मीद है।
  • जो कि इन क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन के प्रयासों को जटिल बना रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त के अनुसार, शरणार्थियों की संख्या जून, 2018 में 20 मिलियन से अधिक हो गई, जबकि संघर्ष से संबंधित आंतरिक रूप से विस्थापित आबादी 39.7 मिलियन थी।
  • अंतरराष्ट्रीय नीति की अनिश्चितता और कमजोर वैश्विक वृद्धि के कारण ‘सतत विकास लक्ष्य 1’ को लेकर चिंताएं प्रबल हो गई हैं।
  • जो कि वर्ष 2030 तक अत्यधिक गरीबी के सार्वभौमिक उन्मूलन के लक्ष्य के तेजी से पहुंच से बाहर होते जाने की ओर संकेत कर रही है।
  • रिपोर्ट में इसी प्रकार के कई नकारात्मक जोखिमों की पहचान की गई है, जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेजी से या लंबे समय तक विकास की गति को धीमा कर सकता है।
  • इन जोखिमों में व्यापार तनाव में एक और वृद्धि, वित्तीय स्थितियों में अचानक गिरावट और जलवायु परिवर्तन के त्वरित प्रभाव शामिल हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा विकास मंदी (Growth Slowdown) से निपटने के लिए अधिक व्यापक और अच्छी तरह से लक्षित नीतिगत प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता है।
  • यह बहुत स्पष्ट है कि सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि से परे देखने और आर्थिक प्रदर्शन के नए और अधिक मजबूत उपायों की पहचान करने की आवश्यकता होगी जिससे कि असमानता, असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन की लागतों को औचित्यपूर्ण ढंग से दर्शाया जा सके।

वैश्विक आर्थिक आउटलुक

      विश्व उत्पादन (Output) की वृद्धि दर 2017-2020                    WESP जनवरी,  2019                           पूर्वानुमान से परिवर्तन वार्षिक परिवर्तन (प्रतिशत में)    

अर्थव्यवस्था/देश वर्ष
2017
वर्ष
2018a
वर्ष
2019b
वर्ष
2020b
वर्ष
2019
वर्ष
2020
विश्व 3.1 3.0 2.7 2.9 – 0.3 – 0.1
विकसित अर्थव्यवस्थाएं 2.3 2.2 1.8 1.8 – 0.3 – 0.1
यू.एस.ए. 2.2 2.9 2.3 2.1 – 0.2 0.1
जापान 1.9 0.8 0.8 1.0 – 0.6 – 0.2
यूरोपियन यूनियन 2.4 1.9 1.5 1.8 – 0.5 – 0.3
यूरो क्षेत्र 2.4 1.8 1.4 1.6 – 0.5 – 0.3
अन्य विकसित देश 2.5 2.3 2.1 2.2 – 0.2 0.0
दक्षिण-पूर्व यूरोप 2.4 3.9 3.4 3.2 – 0.3 – 0.5
रूस 1.6 2.3 1.4 2.0 0.0 – 0.1
विकासशील अर्थव्यवस्थाएं 4.4 4.3 4.1 4.5 – 0.2 – 0.1
अफ्रीका 2.6 2.7 3.2 3.7 – 0.2 0.0
उत्तरी अफ्रीका 3.2 2.6 3.1 4.2 – 0.3 0.7
पूर्वी अफ्रीका 5.9 6.1 6.4 6.5 0.0 0.0
मध्य अफ्रीका 0.1 1.3 2.7 2.7 0.2 – 1.1
पश्चिमी अफ्रीका 2.5 3.2 3.5 3.6 0.1 – 0.2
दक्षिणी अफ्रीका 0.9 0.9 1.4 2.1 – 0.7 – 0.5
पूर्व और दक्षिण एशिया 6.1 5.8 5.4 5.6 – 0.1 -0.1
पूर्वी एशिया 6.0 5.8 5.5 5.5 – 0.1 0.0
चीन 6.8 6.6 6.3 6.2 0.0 0.0
दक्षिण एशिया 6.3 5.7 5.0 5.8 – 0.4 – 0.1
भारत c 7.1 7.2 7.0 7.1 – 0.6 – 0.4
पश्चिमी एशिया 2.5 2.5 1.7 2.6 – 0.7 – 0.8
लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन 1.1 0.9 1.1 2.0 – 0.6 – 0.3
दक्षिण अमेरिका 0.6 0.3 0.7 2.0 – 0.7 – 0.3
ब्राजील 1.1 1.1 1.7 2.3 – 0.4 – 0.2
मेक्सिको और मध्य अमेरिका 2.4 2.3 2.0 2.1 – 0.5 – 0.2
कैरेबियन 0.0 1.9 1.9 2.5 – 0.1 0.5
अल्प विकसित देश 4.2 4.8 4.6 5.8 – 0.5 0.1
विश्व व्यापार d 5.3 3.6 2.7 3.4 – 1.0 – 0.5

a- अनुमानित, b- पूर्वानुमान, c- वित्तीय वर्ष के आधार पर, d- वस्तु एवं सेवा सहित।